ePaper

सीयूजे में मुंशी प्रेमचंद की कहानी कफन का मंचन, कलाकारों ने मोहा मन, कला व शिल्प प्रदर्शनी में दिखा मिनी भारत

Updated at : 22 Jul 2023 6:09 AM (IST)
विज्ञापन
सीयूजे में मुंशी प्रेमचंद की कहानी कफन का मंचन, कलाकारों ने मोहा मन, कला व शिल्प प्रदर्शनी में दिखा मिनी भारत

मुंशी प्रेमचंद की कहानी कफन का झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने मंचन किया. इसके कलाकारों ने शानदार अभिनय से सभी दर्शकों का मन मोह लिया. नाटक का निर्देशन भुवनेश कुमार प्रधान ने किया और पटकथा एवं संवाद लेखन कार्य अरुण कुमार ने किया.

विज्ञापन

रांची: झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में ‘अखरावट’ तथा हिंदी साहित्य सभा के संयुक्त तत्त्वावधान में मुंशी प्रेमचंद की कहानी ‘कफन’ का नाट्य मंचन स्नातक एवं परास्नातक के छात्रों द्वारा किया गया. नाटक का निर्देशन भुवनेश कुमार प्रधान ने किया और पटकथा एवं संवाद लेखन कार्य अरुण कुमार ने किया. घिसू और माधव की मुख्य भूमिका में अरुण कुमार और रुद्र प्रताप थे जबकि बुधिया की भूमिका में नेहा केरकट्टा थी.

कलाकारों ने मोहा मन

मुंशी प्रेमचंद की कहानी कफन का विद्यार्थियों ने मंचन किया. इसके कलाकारों ने शानदार अभिनय से सभी दर्शकों का मन मोह लिया. अन्य कलाकारों में शिखा खलखो, नेलन, नेहा कुमारी, सिंटू सक्सेना, रौशन कुमार, नयन कुमार, अंकित कुमार, शौर्य सुमन, रूपेश पटेल शामिल थे. इस कार्यक्रम में हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष रत्नेश विष्वाक्सेन, सहायक प्राध्यापक डॉ जगदीश सौरभ तथा विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक, शोधार्थी एवं काफी संख्या विद्यार्थी मौजूद थे.

Also Read: विश्व आदिवासी दिवस:सीएम हेमंत सोरेन ने की हाई लेवल मीटिंग, बोले-आयोजन ऐसा भव्य हो कि देश-दुनिया में मिले पहचान

झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय में कला एवं शिल्प प्रदर्शनी

झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर चेड़ी मनातू स्थित शिक्षा संकाय में अध्ययनरत बीएड द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों द्वारा कला एवं शिल्प प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया. इस प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा निर्मित वॉल पेंटिंग्स, डेकोरेटिव आर्ट, इकेबाना, क्ले मॉडलिंग, कठपुतली नृत्य, बुक कवर, सीडी कवर, कम्प्यूटर ग्राफिक्स डिजाइन, मॉडल मेकिंग, रंगोली, संगीत, कविता तथा भारत के विभिन्न राज्यों की कला-संस्कृति के विविध रूपों पर आधारित स्क्रैप बुक बनाना था. इस प्रकार की प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य कला एवं नाटक के शैक्षिक निहितार्थ को समझना तथा विद्यार्थियों में शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को रोचक बनाना है.

Also Read: झारखंड: लॉ एंड ऑर्डर से सीएम हेमंत सोरेन नाराज, सीनियर पुलिस अफसरों को किया तलब, 15 दिनों की दी मोहलत

कला एवं शिल्प प्रदर्शनी का हो नियमित आयोजन

सीयूजे के कुलपति प्रो क्षिति भूषण दास ने भारतीय सांस्कृतिक एवं सामाजिक विविधता की एकरूपता को प्रदर्शित करने में कला एवं शिल्प प्रदर्शनी को मुख्य अंग के रूप में बताया एवं विश्वविद्यालय में इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन अत्यधिक हो, इसके लिए प्रेरित किया.

Also Read: सीएम हेमंत सोरेन बोले-सड़क किनारे नहीं दिखें हड़िया-शराब बेचती महिलाएं, 10 हजार गांवों में बनाएं खेल का मैदान

कला एवं शिल्प प्रदर्शनी में ये थे उपस्थित

इस प्रदर्शनी के आयोजन में संकाय के अधिष्ठाता प्रो तपन कुमार बसंतिया, विभागाध्यक्ष डॉ शशि सिंह, वित्त अधिकारी डॉ विमल किशोर, सहायक प्रोफ़ेसर डॉ विजय कुमार यादव, डॉ मनोहर कुमार दास, डॉ रामकृष्ण रेड्डी, डॉ शिल्पी राज, एंजेल नाग, सुमंता हालदार, सभी विद्यार्थी एवं अन्य संकायों के सदस्य तथा गैर शैक्षणिक कर्मी भी उपस्थित रहे.

Also Read: झारखंड: बैंक से पैसे निकालकर पैदल जा रही महिला से दिनदहाड़े 1.10 लाख की लूट, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola