रांची : मुहर्रम की नवमी के जुलूस में दिखा इंडोनेशिया की मस्जिद का प्रारूप

Updated at :29 Jul 2023 10:20 AM
विज्ञापन
रांची : मुहर्रम की नवमी के जुलूस में दिखा इंडोनेशिया की मस्जिद का प्रारूप

डोरंडा हाथीखाना मुहर्रम कमेटी ने इंडोनेशिया की मस्जिद का प्रारूप तैयार किया था, जो देखने में बेहद खूबसूरत लग रहा था. डोरंडा बाजार मोहल्ला मुहर्रम कमेटी ने असतुगल गाजी की सजीव झांकी निकाली.

विज्ञापन

बारिश की बूंदों के बीच विभिन्न अखाड़ेधारियों ने मुहर्रम की नवमी का जुलूस देर रात निकाला. तरह-तरह के बाजे की गूंज रही. खेलकूद का प्रदर्शन हुआ. कई अखाड़ों के जुलूस में दूसरे राज्याें की ताशा पार्टी शामिल हुई. कलाकारों ने बैंड की धुन पर सबको थिरकाया. इमाम बक्श अखाड़ा मेन रोड के जुलूस में अकोला की ताशा पार्टी शामिल हुई. महजूद खलीफा ने बताया कि इमाम बक्श की ताशा पार्टी का सबको इंतजार रहता है. धौताल अखाड़ा के खलीफा रोजन गद्दी व सचिव जमील गद्दी ने कहा कि नवमी को बाजे-गाजे का प्रदर्शन किया गया. इस दौरान नवमी के जुलूस का जगह-जगह स्वागत किया गया.

इधर, डोरंडा सेंट्रल मुहर्रम कमेटी के तत्वावधान में ताजिया का जुलूस निकाला गया. डोरंडा हाथीखाना मुहर्रम कमेटी ने इंडोनेशिया की मस्जिद का प्रारूप तैयार किया था, जो देखने में बेहद खूबसूरत लग रहा था. डोरंडा बाजार मोहल्ला मुहर्रम कमेटी ने असतुगल गाजी की सजीव झांकी निकाली.

मुहर्रम के निशानों से सजी राजधानी

मुहर्रम के निशानों से राजधानी सज गयी है. मुस्लिम बहुल इलाकों में बड़े-बड़े निशान लगाये गये हैं. अखाड़ों में भी रंग-बिरंगे बल्बों व फूलों से विशेष साज सजावट की गयी है. राजधानी में शनिवार सुबह आठ बजे से पहलाम के जुलूस निकलने लगेंगे. जुलूस विभिन्न इलाकों से होते हुए या अली या अली व या हुसैन हक हुसैन मौला हुसैन का नारा लगाते हुए गुजरेंगे. अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन होगा. ढोल-नगाड़े की गूंज होगी. करतब का खेल होगा. सेंट्रल मुहर्रम कमेटी रांची के तत्वावधान में विभिन्न इलाकों से निकलनेवाले जुलूस दोपहर 12 बजे तक लेक रोड स्थित मिलन चौक पहुंच जायेंगे. यहां तीनों अखाड़े के झंडों का मिलन होगा. फिर सबसे आगे धवताल अखाड़ा का जुलूस निकलेगा. इसके बाद इमाम बख्श अखाड़ा और लीलू अली अखाड़ा के जुलूस गुजरेंगे. ये जुलूस मेन रोड उर्दू लाइब्रेरी चौक, शहीद चौक होते हुए महावीर चौक स्थित धवताल ईमामबाड़ा तक जायेंगे. यहां खेलकूद का प्रदर्शन होगा. सलामी देने के बाद जुलूस वापस मेन रोड होते हुए अपने-अपने कर्बला लौट जायेंगे. डोरंडा सेंट्रल मुहर्रम कमेटी के तत्वावधान में सुबह सात बजे नवमी का जुलूस निकलेेगा. जुलूस अपने निर्धारित मार्ग से सुबह आठ बजे युनूस चौक पहुंचेंगे.

नये मार्गों से जुलूस निकालने की अनुमति नहीं

मुहर्रम जुलूस में विधि व्यवस्था कायम करने को लेकर उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा और एसएसपी कौशल किशाेर ने संयुक्त आदेश जारी कर दिया है. आदेश के तहत शहर के विभिन्न स्थानों पर दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी तैनात रहेंगे. जुलूस से पूर्व मार्गाें की जांच कर उसका भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है. यह भी कहा गया है नये मार्गों से जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी जायेगी. शराब की दुकानें बंद रहेंगी.

सौहार्द्र के साथ निकलेगा पहलाम का जुलूस

सेंट्रल मुहर्रम कमेटी की बैठक शुक्रवार को इमामबख्श अखाड़ा के खलीफा सईद की सरपरस्ती व कमेटी के अध्यक्ष जावेद गद्दी की अध्यक्षता में हुई. सेंट्रल मुहर्रम कमेटी के प्रधान कार्यालय मधुबन मार्केट मेन रोड में हुई बैठक में शनिवार को निकलनेवाले पहलाम जुलूस पर चर्चा हुई. आपसी सौहार्द के साथ ऐतिहासिक जुलूस निकालने पर विमर्श हुआ. महासचिव अकीलुर्रहमान और प्रवक्ता इस्लाम ने बताया कि जुलूस की सफलता के लिए तीनों प्रमुख अखाड़े के प्रमुख खलीफा धवताल अखाड़ा के रोजन गद्दी, इमामबख्श अखाड़ा के महजूद और लीलू अली के सज्जाद के नेतृत्व में प्रत्येक क्षेत्र के अखाड़े में 10 सदस्यीय निगरानी कमेटी बना दी गयी है. सेंट्रल मुहर्रम कमेटी के उपाध्यक्ष आफताब आलम, सचिव तौहीद के नेतृत्व में इमामबख्श अखाड़ा को संचालन की जिम्मेदारी दी गयी है. धवताल अखाड़ा में साहेब अली व सचिव जमील गद्दी की बनायी गयी टीम को जुलूस को अनुशासित रखते हुए संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. लीलू अली अखाड़ा के अधीन निकाले जानेवाले जुलूस सज्जाद, राजा भाई और कुकू भाई की देखरेख में संपन्न होंगे.

Also Read: बोकारो : मुहर्रम का जुलूस मातम में बदला, हाइटेंशन तार की चपेट में आया ताजिया, चार की मौत, 9 गंभीर

तलवार से नहीं, अच्छे किरदार से फैला है इस्लाम

ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड झारखंड के चेयरमैन मौलाना हाजी सैयद तहजीबुल हसन रिजवी ने कहा कि इस्लाम तलवार से नहीं अच्छे किरदार से फैला है. आज लोग तकरीर को इस्लाम समझ लेते हैं, जबकि तकरीर नहीं, किरदार इस्लाम है. हजरत इमाम हुसैन ने कर्बला की जंग तलवार से नहीं किरदार से जीती है. जंग-ए-कर्बला की रात वह कयामत की रात है, जब इमामे हुसैन के 72 साथियों ने इस्लाम को बचाने की खातिर शहादत देने को तैयार हैं. इस हौसले से हमें पता चलता है कि हक की बात पर जान न्योछावर करना जिंदगी है. मौलाना रिजवी शुक्रवार को अनवर आर्केड में मजलिस जिक्र शहीदाने कर्बला को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि आज जिस तरीके से जमाने में फूट डाली जा रही है, समाज को तोड़ने की साजिश की जा रही है, वह यहूदी साजिश का नतीजा है. इस अवसर पर सैयद फराज अब्बास और उनके परिजन मौजूद थे. मजलिस के बाद वहां से मातमी जुलूस निकाला गया, जो अंजुमन प्लाजा, डॉ फतुल्लाह रोड और विक्रांत चौक होते हुए मस्जिद ए जाफरिया पहुंचकर संपन्न हुआ.

इधर, मोहर्रम के दसवीं पर शनिवार को मस्जिद जाफरिया से दोपहर 1:30 बजे मातमी जुलूस निकाला जायेगा. यह जुलूस चर्च रोड, डेली मार्केट, टैक्सी स्टैंड, अंजुमन प्लाजा, डॉ फतुल्लाह रोड, विक्रांत चौक, कर्बला चौक होते हुए कर्बला में संपन्न होगा. डेली मार्केट और कर्बला चौक के पास जंजीरी मातम (खूनी मातम) होगा.

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola