अनगड़ा के लुपुंग महलीटोला में कलश यात्रा के साथ बजरंग बली मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान शुरू

महलीटोला की कलश यात्रा में रांची के पूर्व सांसद रामटहल चौधरी (बीच में) और अन्य. फोटो: प्रभात खबर
Ranchi News: अनगड़ा के लुपुंग महलीटोला में बजरंग बली मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से हुई. स्वर्णरेखा नदी से पवित्र जल लाया गया. रामटहल चौधरी समेत कई अतिथि शामिल हुए. तीन दिवसीय आयोजन में पूजा, हवन और भजन-कीर्तन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
अनगड़ा से जितेंद्र की रिपोर्ट
Ranchi News: अनगड़ा प्रखंड के लुपुंग महलीटोला गांव में सोमवार को भक्ति, आस्था और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला. नवनिर्मित श्री बजरंग बली मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान की शुरुआत एक भव्य कलश यात्रा के साथ हुई. तीन दिवसीय इस धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है. गांव के हर घर से लोग इस पावन अवसर में शामिल होते नजर आए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा.
भव्य कलश यात्रा ने बढ़ाई आयोजन की गरिमा
कलश यात्रा का शुभारंभ मंदिर परिसर से गाजे-बाजे और जयकारों के साथ हुआ. ‘जय बजरंग बली’ और ‘जय श्रीराम’ के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा. सैकड़ों श्रद्धालु, खासकर महिलाएं, सिर पर कलश लेकर पदयात्रा करते हुए निकलीं. पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाएं और युवतियां इस यात्रा का प्रमुख आकर्षण रहीं. पूरे गांव में इस यात्रा ने धार्मिक ऊर्जा और उत्साह का संचार किया.
स्वर्णरेखा नदी से लाया गया पवित्र जल
कलश यात्रा स्वर्णरेखा नदी के तट तक पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच गंगा पूजन संपन्न कराया गया. आचार्यों ने विधि-विधान के साथ पूजा कर श्रद्धालुओं को कलश में पवित्र जल भरने की प्रक्रिया कराई. श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ इस अनुष्ठान में भाग लिया. स्वर्णरेखा नदी का यह पवित्र जल प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान में विशेष महत्व रखता है.
गणमान्य अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस धार्मिक आयोजन में कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग शामिल हुए. स्थानीय भाजपा नेता जैलेंद्र कुमार ने कलश यात्रा का विधिवत शुभारंभ किया. मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद रामटहल चौधरी उपस्थित रहे. उनके साथ भाजपा जिला उपाध्यक्ष मनोज चौधरी, जिला परिषद सदस्य अनुराधा मुंडा, स्थानीय मुखिया शांति देवी और पंचायत समिति सदस्य कुंती देवी भी मौजूद रहीं. सभी अतिथियों ने श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया और क्षेत्र की सुख-शांति की कामना की.
मंडप प्रवेश के साथ शुरू हुए वैदिक अनुष्ठान
पवित्र जल लेकर कलश यात्रा पुनः गांव के विभिन्न मार्गों से होते हुए मंदिर परिसर पहुंची. मंदिर पहुंचने के बाद वैदिक विधि-विधान के साथ पंचांग पूजन, मंडप प्रवेश और देवी-देवताओं के आमंत्रण सहित कई धार्मिक अनुष्ठान शुरू किए गए. पुरोहितों द्वारा पूरे नियम और परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना कराई गई. इस दौरान श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहकर अनुष्ठान का हिस्सा बने.
तीन दिवसीय कार्यक्रम में होंगे विविध धार्मिक आयोजन
प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के तहत अगले तीन दिनों तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसमें हवन, पूजन, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण जैसे कार्यक्रम शामिल हैं. आयोजकों के अनुसार, अंतिम दिन विधिवत प्राण प्रतिष्ठा के साथ कार्यक्रम का समापन होगा. इस दौरान क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है.
ग्रामीण एकता और आस्था का बना प्रतीक
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि ग्रामीण एकता और सामाजिक समरसता का भी उदाहरण प्रस्तुत करता है. गांव के सभी समुदायों के लोग मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं. इससे आपसी भाईचारे और सहयोग की भावना भी मजबूत हो रही है.
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भक्तिमय माहौल से सराबोर पूरा क्षेत्र
प्राण प्रतिष्ठा के इस आयोजन से लुपुंग महलीटोला और आसपास के गांवों का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया है. मंदिर परिसर में लगातार भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना का दौर जारी है. श्रद्धालु पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस पावन आयोजन में भाग ले रहे हैं, जिससे यह धार्मिक महोत्सव क्षेत्र के लिए यादगार बनता जा रहा है.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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