झारखंडी लोक कला का गौरव बढ़ा: गायक डॉ लक्ष्मीकांत नारायण बड़ाईक को 'गुरु रत्न सम्मान'

Published by : Sameer Oraon Updated At : 14 Apr 2026 5:46 PM

विज्ञापन

डॉ लक्ष्मीकांत नारायण बड़ाईक को सम्मानित करतीं राज्यसभा सांसद महुआ माजी

Dr Lakshmikant Baraik: नागपुरी संगीत को बढ़ावा देने में जुटे डॉ. लक्ष्मीकांत नारायण बड़ाईक के नाम एक और बड़ी उपलब्धि हाथ लगी है. "भारत के गवैयों" संस्था द्वारा उन्हें वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित "गुरु रत्न सम्मान" से नवाजा गया है. 14 अप्रैल को आयोजित भव्य समारोह में राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया. झारखंड की मिट्टी की खुशबू बिखेरने वाले डॉ. बड़ाईक के इस सम्मान से कला जगत में खुशी का माहौल है.

विज्ञापन

Dr Lakshmikant Baraik, रांची (सुजीत कुमार केशरी की रिपोर्ट): झारखंड के नागपुरी लोक संगीत जगत के प्रख्यात गायक डॉ. लक्ष्मीकांत नारायण बड़ाईक को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित “गुरु रत्न सम्मान” से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान उन्हें 14 अप्रैल को “भारत के गवैयों” संस्था की ओर से प्रदान किया गया. डॉ. बड़ाईक को यह गौरव नागपुरी लोक संगीत के संरक्षण, संवर्धन और इसे वैश्विक मंचों तक पहुंचाने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया है. इस सम्मान समारोह ने झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को एक नई मजबूती प्रदान की है.

सांसद महुआ माजी ने की कलाकार की सराहना

इस भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद महुआ माजी उपस्थित रहीं. उन्होंने डॉ. बड़ाईक को सम्मानित करते हुए कहा कि ऐसे वरिष्ठ कलाकार हमारी संस्कृति और परंपरा के सच्चे संवाहक होते हैं. महुआ माजी ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि लोक संगीत हमारी पहचान का अटूट हिस्सा है और डॉ. बड़ाईक जैसे व्यक्तित्व इसे युवा पीढ़ी के लिए सहेजकर रखने का महान कार्य कर रहे हैं. उन्होंने लोक कला को राजकीय और राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रोत्साहन देने की बात कही.

Also Read: चतरा पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: 1 करोड़ के मादक पदार्थ जब्त, अफीम और डोडा के साथ कई दस्तावेज बरामद

नागपुरी संगीत को वैश्विक पहचान दिलाने में भूमिका

डॉ. लक्ष्मीकांत नारायण बड़ाईक लंबे समय से नागपुरी संगीत की जड़ों को सींचने में सक्रिय हैं. उन्होंने न केवल अपने गायन बल्कि अपनी मौलिक रचनाओं के माध्यम से भी झारखंड की लोक कला को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है. वे लगातार विभिन्न मंचों पर प्रस्तुति देकर लोक संगीत की मिठास को लोगों तक पहुंचा रहे हैं. उनकी विशिष्ट गायकी शैली ने न केवल दर्शकों का मन मोहा है, बल्कि कई युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़ने के लिए प्रेरित भी किया है.

सुरों की महफिल में उमड़े संगीत प्रेमी

सम्मान समारोह के दौरान पूरा वातावरण नागपुरी धुनों से सराबोर रहा. इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति, प्रख्यात कलाकार और भारी संख्या में संगीत प्रेमी शामिल हुए. डॉ. बड़ाईक ने मंच से अपने कुछ लोकप्रिय नागपुरी गीतों की सुरीली प्रस्तुति भी दी, जिसे श्रोताओं ने भरपूर सराहा और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया. इस सम्मान से पूरे नागपुरी संगीत जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है और इसे राज्य की गौरवशाली विरासत के लिए एक सुखद क्षण माना जा रहा है.

Also Read: बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर बरसे चंपाई सोरेन, बोले- जमीनी हकीकत कुछ और, कागजों पर चल रही योजनाएं

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola