लोहरदगा के किसान की बेटी सना बनी झारखंड की सेकेंड स्टेट टॉपर, बनना चाहती है सॉफ्टवेयर इंजीनियर

लोहरदगा की सना संजूरी जैक बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा में सेकेंड स्टेट टॉपर बनी.
लोहरदगा के किसान की बेटी झारखंड बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा में सेकेंड टॉपर बनी है. यूसुफ अंसारी की बेटी सना को संस्कृत में 99 अंक मिले हैं. वह इंजीनियर बनना चाहती है.
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JAC Board 10th Result 2024|Toppers Interview|झारखंड में एक किसान की बेटी ने मैट्रिक की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है. वह झारखंड की सेकेंड टॉपर बनी है. नाम है- सना संजूरी. भविष्य में वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहती है.
लोहरदगा के उर्सुलाइन कॉन्वेंट में की 6ठी तक की पढ़ाई
लोहरदगा जिले की रहने वाली सना संजूरी ने छठी कक्षा तक अपने गृह जिला के उर्सुलाइन कॉन्वेंट स्कूल से पढ़ाई की. इसके बाद इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय हजारीबाग में उसका एडमिशन हो गया. फिर वह वहीं हॉस्टल में रहकर पढ़ने लगी. सना संजूरी बचपन से ही पढ़ने में तेज थी. उसके पिता यूसुफ अंसारी बताते हैं कि सना को पूरा विश्वास था कि वह टॉप करेगी.
3 भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर है यूसुफ अंसारी की बेटी सना संजूरी
खेती-बाड़ी करके अपना परिवार चलाने वाले यूसुफ अंसारी की बेटी सना 3 भाई बहनों में दूसरे नंबर पर है. उसकी सफलता के बारे में पूछे जाने पर वह कहती है कि कभी भी स्टूडेंट को तनाव नहीं लेना चाहिए. कहा कि हमने देखा है कि कई बार माता-पिता के प्रेशर में बच्चे तनाव में आ जाते हैं. डिप्रेशन में चले जाते हैं. इससे बचना चाहिए. बस मन लगाकर पढ़ना चाहिए.

सना संजूरी को संस्कृत में मिले हैं 99 अंक, हर दिन 5-6 पढ़ती थी
सना हर दिन 5 से 6 घंटे पढ़ाई करती थी. उसने कहा कि हजारीबाग स्थित इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय में सभी टीचर उसकी मदद करते थे. क्लास टीचर प्रियंका सिन्हा ने उसकी काफी मदद की. वह संस्कृत पढ़ातीं हैं. सना को संस्कृत में 99 अंक मिले हैं. यह पूछने पर कि उनके माता-पिता का पढ़ाई को लेकर कितना दबाव था, उसने बताया कि पिता का कोई दबाव नहीं था. मां पढ़ने के लिए कहती थी. उसकी सफलता में उसकी मां की भूमिका बहुत अहम रही है.
सना को था यकीन- मैट्रिक में टॉपर की लिस्ट में बनाएगी जगह
सना के पिता यूसुफ अंसारी बताते हैं कि सना बचपन से ही पढ़ने में काफी तेज थी. शुरू से वह अपने क्लास की टॉपर रही. उसकी छोटी बहन भी अपने क्लास में टॉप करती है. सना को इस बात का यकीन था कि वह मैट्रिक में टॉप जरूर करेगी. इसका दबाव उसकी छोटी बहन, जो अभी सातवीं में पढ़ रही है, उस पर भी होगा. हमें भी यकीन था कि बेटी जरूर अच्छा करेगी.
500 में सना संजूरी को मिले हैं 493 अंक
यूसुफ अंसारी के तीन बच्चे हैं. इसमें दो बेटियां हैं. एक बेटा है, जो हैदराबाद में बीएससी की पढ़ाई कर रहा है. दूसरी बेटी सातवीं कक्षा में पढ़ रही है. वह उर्सुलाइन कॉन्वेंट में पढ़ती है. इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय में दाखिले के लिए उसने भी प्रवेश परीक्षा दी थी, लेकिन पास नहीं हो पाई. अब वह लोहरदगा में रहकर ही पढ़ रही है. बता दें कि सना संजूरी को मैट्रिक की परीक्षा में 500 में 493 अंक प्राप्त हुए हैं.
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By Mithilesh Jha
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