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लालू यादव को मिली जमानत, लेकिन जेल में ही रहेंगे, नहीं कर सकेंगे बिहार चुनाव में प्रचार

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
Lalu Yadav Jail, Fooder Scam जेल में ही रहेंगे लालू
Lalu Yadav Jail, Fooder Scam जेल में ही रहेंगे लालू
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रांची : चारा घोटाले से संबंधित चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को झारखंड हाइकोर्ट से शुक्रवार को जमानत मिल गयी है. जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने और आधी सजा काटने के आधार पर जमानत दी है. जमानत के लिए जुर्माने की राशि में से दो लाख रुपये और 50-50 हजार रुपये सिक्यूरिटी मनी जमा करने आदि शर्तें लगायी हैं. हालांकि, लालू प्रसाद अब भी जेल में ही रहेंगे. क्योंकि, चारा घोटाले के एक अन्य मामले में उन्हें अब तक जमानत नहीं मिली है.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने लालू प्रसाद के स्वास्थ्य से संबंधित रिपोर्ट रिम्स को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. वहीं, रिम्स में इलाजरत लालू प्रसाद से मिलनेवालों व जेल मैनुअल के अनुपालन के मामले में कारा महानिरीक्षक व बिरसा मुंड़ा केंद्रीय कारा होटवार के जेल अधीक्षक को अदालत ने संयुक्त रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया.

रिम्स अस्पताल या बंगला में लालू प्रसाद से काैन-काैन लोग मिल रहे हैं? कितने विजिटर लालू से मिलने आते हैं? रिपोर्ट के साथ विजिटर रजिस्टर भी पेश करने को कहा गया. मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने छह नवंबर की तिथि निर्धारित की.

सीबीआइ अदालत के आदेश को लालू ने दी थी चुनौती : उल्लेखनीय है कि सीबीआइ की विशेष अदालत ने लालू प्रसाद को चारा घोटाला आरसी-68ए/96 के चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में पांच साल की सजा सुनायी थी. लालू प्रसाद ने झारखंड हाइकोर्ट में क्रिमिनल अपील याचिका दायर कर सीबीआइ अदालत के सजा संबंधी आदेश को चुनौती दी है.

अगली सुनवाई छह नवंबर को

  • आधी सजा काटने के आधार पर मिली है जमानत की सुविधा, कोर्ट ने लालू के स्वास्थ्य पर रिम्स से मांगी रिपोर्ट

  • जेल मैनुअल के अनुपालन के मामले में कारा महानिरीक्षक व जेल अधीक्षक को संयुक्त रिपोर्ट देने का निर्देश

सजा की अवधि को बनाया जमानत का आधार : प्रार्थी की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल व अधिवक्ता देवर्षि मंडल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत को बताया कि चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी मामले में वह आधी सजा काट चुके हैं. पांच साल की सजा हुई थी, जिसमें से 30 माह जेल में बिता चुके हैं. पिछली सुनवाई के दाैरान 29 माह तीन दिन की अवधि पूरी हुई थी. उन्होंने आधी सजा पूरी कर लेने के आधार पर जमानत देने का आग्रह किया.

सीबीआइ के अधिवक्ता ने जमानत का किया विरोध : वहीं सीबीआइ की अोर से अधिवक्ता राजीव सिन्हा व अधिवक्ता नीरज कुमार ने लालू प्रसाद को जमानत देने का विरोध किया. उन्होंने अदालत को बताया कि लालू प्रसाद का स्वास्थ्य ठीक है. इसके बावजूद उन्हें लगभग दो साल से जेल के बदले इलाज के नाम पर रिम्स में रखा गया हैं. पहले रिम्स कॉटेज में और अब उन्हें बंगला में रखा गया है. यहां उनसे मुलाकात के लिए विजिटर आते रहते हैं. जेल मैनुअल का उल्लंघन होता है.

Posted by : Pritish Sahay

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