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Kolkata Doctor Murder Case: रांची में रिम्स के जूनियर डॉक्टरों ने किया कार्य बहिष्कार, ओपीडी सेवा ठप, मरीजों का ऐसे हुआ इलाज

Updated at : 13 Aug 2024 9:20 PM (IST)
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रिम्स में विरोध प्रदर्शन करते डॉक्टर्स

प्रभात खबर

Kolkata Doctor Murder Case: कोलकाता में जूनियर महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या के विरोध में रांची के रिम्स में जूनियर डॉक्टरों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया और ओपीडी ठप कर दिया. न्याय और सुरक्षा की मांग करते हुए वे प्रशासनिक भवन में धरना पर बैठ गए.

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Kolkata Doctor Murder Case: रांची-कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जूनियर महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी है. झारखंड के जूनियर डॉक्टर भी इसका विरोध कर रहे हैं. रिम्स के जूनियर डॉक्टरों ने मंगलवार को ओपीडी सेवाओं को ठप करा दिया. न्याय और सुरक्षा की मांग करते हुए वे प्रशासनिक भवन में धरना पर बैठ गए और कार्य का बहिष्कार किया. इस कारण कई मरीज वापस लौट गए, तो कुछ ने इमरजेंसी में जाकर इलाज कराया.

रिम्स और सदर अस्पताल में दी गयीं इमरजेंसी सेवाएं

रिम्स में सर्जरी और इनडोर सर्विस से डॉक्टरों ने खुद को अलग रखा. इस कारण सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा प्रभावित रही. हालांकि, रिम्स और सदर अस्पताल में इमरजेंसी सेवाओं को बहाल रखा गया. विरोध प्रदर्शन में प्रशिक्षु डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों से लेकर सीनियर डॉक्टर्स शामिल रहे.

इमरजेंसी में लगीं लंबी कतारें

रिम्स में ओपीडी सेवाएं बंद थीं. इसका असर अस्पताल में देखा गया. मरीज ओपीडी से लौटते नजर आए. जिन्हें उपचार की ज्यादा जरूरत थी, उन्होंने इमरजेंसी में रजिस्ट्रेशन कराने के बाद अपना इलाज कराया. इसके चलते ट्रॉमा सेंटर के बाहर काभी लंबी कतारें देखी गयीं. कुछ मरीज बिना इलाज कराये ही लौट गए.

एयरपोर्ट की तरह अस्पतालों में सेफ्टी गाइडलाइंस हो


आईएमए वीमेन डॉक्टर्स विंग की चेयरपर्सन डॉ भारती कश्यप ने कहा कि नेशनल मेडिकल कमीशन ने डॉक्टर्स की सेफ्टी के लिए कोई गाइडलाइन नहीं बनायी है. एयरपोर्ट की तरह बड़े अस्पतालों के लिए सेफ्टी गाइडलाइन बननी चाहिए. सीसीटीवी कैमरा, गार्ड्स और स्ट्रीट लाइट की उचित व्यवस्था की जाए.

रिम्स के डॉ विकास ने की ये मांग

कोलकाता की घटना पर रिम्स के डॉ विकास ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि है डॉक्टर ही नहीं हर एक महिला को अपने कार्यस्थल पर अपने आप को सुरक्षित महसूस करने का अधिकार है और इसका इंतजाम प्रबंधन को करना चाहिए.

क्या है मामला


8 अगस्त की रात की बात है. कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की जूनियर महिला डॉक्टर ड्यूटी पर थी. उसके साथ दो और डॉक्टर थे. रात करीब दो बजे भोजन करने के बाद महिला डॉक्टर सेमिनार हॉल में गयी थी. उसके बाद उसे कहीं नहीं देखा गया. बाद में अस्पताल से उसका शव बरामद किया गया. जहां से शव मिला है, वहां बाहरी लोग आना-जाना नहीं करते हैं. महिला डॉक्टर का अर्द्धनग्न अवस्था में शव मिला था. इस घटना से पूरे देश में बवाल है. कलकता हाईकोर्ट ने इस मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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