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Karma Puja 2021 : कोरोना संक्रमण के कारण सादगी से करम पूजा मनाने का निर्णय, जारी हुई गाइडलाइन

17 सितंबर को करम पूजा है. करम पूजा को लेकर तैयारी अंतिम चरण में है. केंद्रीय सरना समिति ने कोरोना संक्रमण के कारण जहां करम पर्व को सादगी से त्योहार मनाने का निर्णय लिया है, वहीं इसके लिए गाइडलाइन भी जारी की गयी है.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
करम पर्व की पूर्व संध्या पर केंद्रीय सरना समिति की बैठक में शामिल सदस्यगण.
करम पर्व की पूर्व संध्या पर केंद्रीय सरना समिति की बैठक में शामिल सदस्यगण.
सोशल मीडिया.

Karma Puja 2021 (रांची) : झारखंड में 17 सितंबर को करम पूजा है. कोरोना संक्रमण के कारण इस बार भी करम पूजा सादगी से मनाने का निर्णय लिया गया है. करम पूजा की पूर्व संध्या पर केंद्रीय सरना समिति ने त्योहार को मनाने के लिए गाइडलाइन जारी किये हैं. साथ ही राज्य सरकार से अखरे में सुरक्षा की व्यवस्था के साथ-साथ करम पूजा के दिन पूर्णता शराबबंदी और करम पर्व को राजकीय अवकाश घोषित करने की मांग की गयी है.

करम पूजा की पूर्व संध्या पर रांची के कचहरी रोड स्थित RIT बिल्डिंग में केंद्रीय सरना समिति की बैठक आयोजित हुई. बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने करते हुए आदिवासी समुदाय के लोगों से करम पूजा महाेत्सव सादगी से मनाने की अपील की है.

साथ ही कहा कि 17 सितंबर को उपवास और रात्रि 8 बजे से पूजा की शुरुआत होगी. वहीं, 18 सितंबर को परना एवं 19 सितंबर को करमा का विसर्जन हाेगा. समिति के महासचिव संजय तिर्की ने कहा कि करम पूजा महोत्सव पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी सादगी से मनाया जायेगा.

करम पूजा को लेकर केंद्रीय सरना समिति ने जारी किया दिशा-निर्देश

- करम अखरा को साफ-सफाई कर पूरी तरह से सैनिटाइज करें
- करम पूजा में भाग लेने वाले व्यक्ति मास्क का प्रयोग अवश्य करें
- पूजा में सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करें
- छोटे बच्चों को पूजा में भाग लेने से बचें
- गांव के बाहरी व्यक्तियों को अखरा में प्रवेश वर्जित करें
- पहान के द्वारा ही पूजा-पाठ करें
- करम पूजा से पहले जावा फूल का प्रयोग ना करें
- करम पूजा पारंपरिक वेशभूषा यानी लाल पाड़ वाली साड़ी एवं धोती गंजी में शामिल हो
- आधुनिक गीत-संगीत का प्रयोग ना करें, सिर्फ पारंपरिक नृत्य- संगीत करें
- करम कथावाचक पूरी कहानी सुनाएं

बैठक में अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष सत्यनारायण लकड़ा, केंद्रीय सरना समिति के संरक्षक भुनेश्वर लोहरा, शशिकांत तिर्की, ललित कच्छप, केंद्रीय सरना समिति के उपाध्यक्ष प्रमोद एक्का, पंचम तिर्की, निर्मल पहान, सहाय तिर्की, महिला शाखा अध्यक्ष निरा टोप्पो, इंद्रमणी तिग्गा, लिली तिर्की, विनय उंराव, सुखवारो उरांव, ज्योत्सना भगत, गीता तिर्की, बुधन कुजूर, मेदनी कुजूर, चांदो कुजूर, सुमी उरांव, शांति मुंडा, सुषमा गाड़ी, गुड्डी लकड़ा एवं अन्य शामिल थे.

Posted By : Samir Ranjan.

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Published Date

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