JPSC परीक्षा अनियमितताः 3 सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ करेगी CID
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जेपीएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोपों के बीच सीआईडी तीन सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ करेगी. इस मामले में अब तक कई अहम खुलासे हुए हैं, जिससे आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
रांचीः जेपीएससी परीक्षाओं में अनियमितता को लेकर सीआईडी JPSC के तीन सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ करेगी. सोमवार को डॉक्टर अजीता भट्टाचार्या, मंगलवार को डॉक्टर अनिमा हांसदा और बुधवार को डॉक्टर जमाल अहमद से सीआईडी की टीम पूछताछ करेगी. जरूरत पड़ने पर इन्हें दुबारा भी बुलाकर पूछताछ की जा सकती है. इससे पहले जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांग्यते से सीआईडी की की टीम चार दिनों तक पूछताछ कर चुकी है.
धर्मेंद्र और रक्षक ने दूसरे दिन की पूछताछ में उगले कई राज
जेपीएससी परीक्षा में हुई अनियमितता को लेकर शनिवार को पांच दिनों की रिमांड के दूसरे दिन मुख्य सचिव कार्यालय में कार्यरत रहा कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार और जेपीएससी की परीक्षाओं को संचालित करनेवाली एजेंसी टीडीपीएल का एकाउंटेंट रक्षक सिंह से सीआईडी की टीम लगातार पूछताछ कर रही है. जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में रक्षक सिंह भी सफल हुआ था, जबकि धर्मेंद्र का कनेक्शन मामले में पूर्व में गिरफ्तार टीडीपीएल के तत्कालीन मैनेजर
मनोज तिवारी उर्फ अभय तिवारी और उससे जुड़े लोगों के अलावा जेपीएससी के बड़े अधिकारी से नजदीकियां सामने आ रही है. दोनों ने सीआईडी की पूछताछ में कई राज अगले हैं. जिसके आधार पर कुछ और लोगों की गिरफ्तारी आने वाले समय में हो सकती है.
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14वीं JPSC सहित अन्य परीक्षाओं के मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की ओर से आयोजित 14वीं संयुक्त सिविल सेवा सहित अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की गई है. याचिका प्रार्थी सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने दायर की है. जिसमे जेपीएससी-जेएसएससी की विभिन्न परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए इसकी निष्पक्ष जांच मांग की गई है.
19 अप्रैल को आयोजित जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा की पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र व समयबद्ध जांच कराने की मांग की गई है. प्रश्न पत्रों की सुरक्षा, ओएमआर शीट और मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच कराने को कहा गया है. प्रार्थी ने सीबीआई से मामले की जांच कराने अथवा सुप्रीम कोर्ट या झारखंड से बाहर के किसी हाइकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर जांच कराने का भी आग्रह किया है.
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लेखक के बारे में
By अर्चना कुजूर
अर्चना कुजूर एक डिजिटल पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं, जो वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कार्यरत हैं. वह झारखंड डेस्क के रांची एडिशन के अंतर्गत आने वाले विभिन्न जिलों के साथ-साथ राज्य की प्रमुख राजनीतिक, सामाजिक, प्रशासनिक और जनसरोकार से जुड़ी खबरों को कवर करती हैं. अर्चना ने वर्ष 2016 में क्राफ्ट फिल्म स्कूल, रोहिणी (नई दिल्ली) से टीवी जर्नलिज्म एंड न्यूज रीडिंग में एक वर्षीय डिप्लोमा किया. इसके बाद उन्होंने नोएडा स्थित नेशनल वॉयस न्यूज और इंडिया वॉयस न्यूज चैनल (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) में इंटर्नशिप करने के साथ-साथ व्यावहारिक पत्रकारिता का अनुभव हासिल किया.
झारखंड लौटने के बाद उन्होंने कशिश न्यूज चैनल में लगभग डेढ़ वर्ष तक आउटपुट विभाग में कॉपी राइटर के रूप में कार्य किया. इसके बाद रांची एक्सप्रेस में एजुकेशन बीट पर रिपोर्टिंग की और प्रिंट पत्रकारिता का अनुभव हासिल किया. वर्ष 2022 से उन्होंने न्यूज11 भारत और नक्षत्र न्यूज चैनल में लगभग दो-दो वर्षों तक डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए राज्य की राजनीति, शिक्षा, रोजगार, प्रशासन, योजनाओं और समसामयिक विषयों पर हजारों समाचार और विशेष लेख लिखें.
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