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झामुमो ने कहा- जिलों में थर्ड और फोर्थ ग्रेड में स्थानीय को मिले 100 प्रतिशत आरक्षण, लागू हो सरना धर्म कोड

Updated at : 15 Apr 2025 10:30 AM (IST)
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JMM Mahadhiveshan Political Statement

महाधिवेशन में हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन. बीच में हैं हेमंत की मां और रूपी सोरेन.

JMM News: झारखंड मुक्ति मोर्चा ने राजधानी रांची में आयोजित 2 दिवसीय केंद्रीय महाधिवेशन के पहले दिन 16 राजनीतिक प्रस्ताव पारित किये. इसमें जिला स्तर पर थर्ड और फोर्थ ग्रेड की सरकारी नौकरी में स्थानीय लोगों को 100 फीसदी आरक्षण देने की मांग की गयी. सरना धर्मकोड समेत कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित हुए हैं. झामुमो के राजनीतिक प्रस्ताव में क्या-क्या है, जानने के लिए पढ़ें ये रिपोर्ट.

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JMM News: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने 13वें केंद्रीय महाधिवेशन के पहले दिन 16 सूत्री राजनीतिक प्रस्ताव पारित किये गये. पार्टी के वरिष्ठ विधायक स्टीफन मरांडी की ओर से पेश राजनीतिक प्रस्ताव में पार्टी ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ हल्ला बोला है. इसमें रोजगार और जमीन वापसी के मुद्दे पर राज्य सरकार से मांग भी रखी है. राजनीतिक प्रस्ताव में कहा गया है कि पार्टी राज्य में किसी भी तरह के परिसीमन का विरोध करेगी. पार्टी ने वर्तमान परिसीमन को संवैधानिक तौर पर गलत करार दिया है. जिलों में थर्ड और फोर्थ ग्रेड की नौकरी में स्थानीय लोगों को 100 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की गयी है.

परिसीमन का झामुमो ने किया विरोध

झामुमो की ओर से कहा गया है कि देश में भाषायी अल्पसंख्यक एसटी एससी के प्रतिनिधित्व पर हमला कर उसके अधिकारों में कटौती की जा रही है. परिसीमन संविधान के अनुच्छेद 80-81 के विरुद्ध है, जिसमें साफ तौर पर लोकसभा और राज्यसभा की संख्या निश्चित की गयी है. अपने राजनीतिक प्रस्ताव में झामुमो ने खतियान आधारित पहचान को स्थानीय पहचान प्रदान करते हुए जिला संवर्ग में तृतीय और चतुर्थ वर्ग की नियुक्तियों को 100 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग रखी है.

सरकारी नौकरी में स्थानीय लोगों को 75 प्रतिशत आरक्षण की मांग

आउटसोर्सिंग व्यवस्था के तहत सभी विभागों में जिला स्तर पर तृतीय और चतुर्थ वर्ग की नौकरियों में भी स्थायी निवासियों को 100 प्रतिशत नियुक्ति और राज्य के संपूर्ण नियोजन में स्थानीय निवासियों के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने की बात कही गयी है.

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आदिवासियों-मूलवासियों को मिले स्थायी पट्टा

झामुमो ने झारखंड में आदिवासियों और मूलवासियों को स्थायी पट्टा देने का प्रस्ताव पारित करने की मांग रखी है. सीएनटी और एसपीटी एक्ट में जोड़-तोड़ से रोकने के लिए कारगर कानून लाने की मांग की गयी है. इसके साथ भू-वापसी आयोग का गठन करने की मांग की गयी है. आदिवासी-मूलवासी को जमीन पर स्थायी स्वामित्व मिले. पार्टी ने जंगल में निवास कर रही जनजातियों को उनके आवासीय और कृषि के लिए स्थायी राजस्व पट्टा और वनोपज पर अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की है.

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सरना धर्म कोड और आरक्षण की सीमा बढ़ाने पर जोर

आदिवासियों के लिए अलग सरना धर्म कोड और राज्य की नौकरियों में एसटी-एससी और पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण की सीमा बढ़ाने की प्रतिबद्धता पार्टी ने दोहरायी है. केंद्र सरकार से जनगणना कोड में सरना धर्म कोड को शामिल करते हुए जातीय जनगणना कराने की मांग राजनीतिक प्रस्ताव के माध्यम से की गयी है. वहीं, राज्य को नौवीं अनुसूची में शामिल कर एसटी को 28 प्रतिशत, एससी को 14 प्रतिशत और पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के मुद्दे पर पार्टी अटल है. अपने राजनीति प्रस्ताव में झामुमो ने कहा है कि इसके लिए केंद्र सरकार राज्य को संवैधानिक कवच प्रदान करे.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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