ePaper

Ranchi News : झारखंड को 61,677 करोड़ का होगा नुकसान : मुख्य सचिव

Updated at : 30 May 2025 10:42 PM (IST)
विज्ञापन
Ranchi News : झारखंड को 61,677 करोड़ का होगा नुकसान : मुख्य सचिव

16वें वित्त आयोग के समक्ष मुख्य सचिव अलका तिवारी ने कहा कि झारखंड बहुतायात के विरोधाभास व प्राकृतिक संसाधनों के अभिशाप का उत्कृष्ट उदाहरण है.

विज्ञापन

रांची (प्रमुख संवाददाता). 16वें वित्त आयोग के समक्ष मुख्य सचिव अलका तिवारी ने कहा कि झारखंड बहुतायात के विरोधाभास व प्राकृतिक संसाधनों के अभिशाप का उत्कृष्ट उदाहरण है. प्राकृतिक संसाधन से पूर्ण रहने के बावजूद झारखंड अल्प आय वाला राज्य है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प पूरा करने के लिए सभी राज्यों को विकसित करना जरूरी है. झारखंड का 30 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है. इस कारण बुनियादी ढाचागत परियोजनाओं को वन एवं पर्यावरण स्वीकृति की सख्त प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. इससे परियोजनाओं में विलंब होता है और उनकी लागत बढ़ जाती है. देश की कुल खनिज संपद्दा का 40 प्रतिशत होने का लाभ झारखंड को नहीं मिल पाता है. कोयला कंपनियों पर राज्य का भूमि मुआवजा, रॉयल्टी आदि के मद में काफी बड़ी देनदारियां बकाया है. राज्य को भूमि क्षरण, वायु व जल प्रदूषण, कृषि उत्पादकता, स्वास्थ्य जैसी समस्याओं के अलावा स्थानीय लोगों के विस्थापन की भी कीमत चुकानी पड़ती है. जीएसटी की वजह से उत्पादक राज्य के रूप में झारखंड को अगले पांच वर्षों में 61,677 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है. मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य की 39 प्रतिशत आबादी एसटी, एससी व आदिम जनजाति की है. यह लोग महत्वपूर्ण सामाजिक सूचकांकों विशेष रूप से स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में काफी पीछे हैं. राज्य सरकार विकास के लिए कई स्तर पर काम कर रही है. महिला सशक्तीकरण व उपभोक्ता आधारित विकास प्रोत्साहित करने के लिए मंईयां योजना शुरू की गयी है. जिसके काराण राज्य के कोष से भारी अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है. श्रीमती तिवारी ने कहा कि झारखंड का निर्माण वित्तीय प्रतिबद्धताओं व दायित्वों के साथ हुआ था. लेकिन, झारखंड को विशेष श्रेणी का राज्य बनाने या विशेष पैकेज देने की मांग पर भारत सरकार द्वारा विचार नहीं किया गया. वामपंथी उग्रवाद से जूझते राज्य के विकास पर घातक प्रभाव पड़ा है. उन्होंने राज्य सरकार की उपलब्धियों के बारे में भी आयोग को बताया. कहा कि राज्य सरकार राजस्व बढ़ाने का प्रयास कर रही है. गुजरे पांच वर्षों के दौरान टैक्स रेवेन्यू व नॉन टैक्स रेवेन्यू में 16.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है. नीति आयोग की राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2025 में झारखंड 18 सामान्य श्रेणी के राज्यों में चौथे स्थान पर है. पंचायती राज संस्थाओं व स्थानीय निकायों के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए भी राज्य सरकार प्रतिबद्ध है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
PRADEEP JAISWAL

लेखक के बारे में

By PRADEEP JAISWAL

PRADEEP JAISWAL is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola