Political News : झारखंड शरिया से नहीं, संविधान से चलेगा : बाबूलाल

Updated at : 17 Apr 2025 6:34 PM (IST)
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Political News : झारखंड शरिया से नहीं, संविधान से चलेगा : बाबूलाल

प्रदेश भाजपा सभी जिलों में मंत्री हफीजुल हसन की बर्खास्तगी की मांग को लेकर प्रदर्शन करेगी और उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपेगी.

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रांची (प्रमुख संवाददाता). प्रदेश भाजपा सभी जिलों में मंत्री हफीजुल हसन की बर्खास्तगी की मांग को लेकर प्रदर्शन करेगी और उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपेगी. गुरुवार को रांची ग्रामीण और महानगर भाजपा की ओर से आक्रोश प्रदर्शन किया गया. कार्यकर्ताओं ने शहीद चौक से राजभवन तक आक्रोश मार्च निकाला. इस दौरान राज्य में शरिया कानून नहीं चलेगा, बाबा साहब का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान, भारत में रहना है तो संविधान मानना होगा. संविधान विरोधी इंडिया गठबंधन गद्दी छोड़ो, हेमंत सोरेन गद्दी छोड़ो, तुष्टीकरण नहीं चलेगा, मंत्री हफीजुल हसन को बर्खास्त करो जैसे नारे लगाये. इसके बाद एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा और मंत्री हफीजुल हसन को बर्खास्त करने की मांग की. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक प्रणाली है, जहां भारत की जनता ने बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान को अंगीकार किया है. भारत के नीति निर्माताओं ने संविधान को प्रधानता दी है. शरीयत एक निजी मामला है, जो राजकाज में लागू नहीं हो सकता. श्री मरांडी ने कहा कि आज संविधान की बात करने वाले कांग्रेस, झामुमो व राजद के लोग मौन हैं. सरकार के मंत्री खुलेआम संविधान की अवमानना कर रहे हैं. शरिया को प्रथम और संविधान को दूसरे दर्जे का मान रहे. कहा कि झारखंड को संविधान से चलाना मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जिम्मेवारी है. अगर किसी को शरिया ज्यादा पसंद है और उसके हिसाब से चलना है तो उसे मंत्रिमंडल से बाहर किया जाना चाहिए. केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि राज्य सरकार तुष्टीकरण में आकंठ डूबी है. वोट बैंक की राजनीतिक परिणाम है कि संविधान की शपथ लेकर मंत्री बनने वाले संविधान की अवमानना करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे. कार्यकारी अध्यक्ष डॉ रविंद्र कुमार राय ने कहा कि भाजपा ने एक देश में दो विधान का विरोध अपने स्थापना काल से किया है. झारखंड भाजपा की तपोभूमि है और इसे शरिया से चलाने की साजिश करने वालों को पार्टी बर्दाश्त नहीं कर सकती. केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने कहा कि शासन प्रशासन को शरिया के हिसाब से चलाने की सोच रखने वालों का प्रजातंत्र में कोई स्थान नहीं है. ऐसे लोगों को कोई दूसरा विकल्प ढूंढना चाहिए. सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि धर्म के आधार पर देश का विभाजन कराने की मानसिकता के लोग आज भी देश में शरिया कानून का का सपना देख रहे, जिसे विफल करने के लिए भाजपा के कार्यकर्ता कमर कसकर तैयार हैं. भारत में जिन्हें रहना है उन्हें भारतीय विचारों, भारतीय संविधान को स्वीकार करना होगा. प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि भाजपा सबका साथ, सबका विकास में विश्वास करती है, लेकिन तुष्टीकरण की राजनीति नहीं करती. आक्रोश मार्च में आदित्य साहू, डॉ प्रदीप वर्मा, सीपी सिंह, नवीन जायसवाल, उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, आरती कुजूर, वरुण साहू, विनय महतो सहित कई नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए.

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