आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार होगा झारखंड, RIMS निदेशक, सिविल सर्जन और मेडिकल कॉलेज अधीक्षकों को AIIMS देगा विशेष ट्रेनिंग

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AIIMS पटना देगा झारखंड के सविल सर्जन और रिम्स निदेशक को विशेष ट्रेनिंग, Pic Credit- AI, Only for Symbolism

झारखंड में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है. राज्य के शीर्ष अस्पताल प्रशासकों, उपाधीक्षकों और चिकित्सा अधीक्षकों को मास कैजुअल्टी और स्वास्थ्य आपदाओं से निपटने के लिए AIIMS द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा.

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रांची : आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं (EMS) किसी भी स्वास्थ्य संस्थान की रीढ़ होती हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए झारखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बड़ी पहल की गई है. राज्य के शीर्ष अस्पताल प्रशासकों (Hospital Administrators), उपाधीक्षकों (Deputy Superintendents), चिकित्सा अधीक्षकों और आईएमओ फैकल्टी को मास कैजुअल्टी (Mass Casualty) और स्वास्थ्य आपदाओं से निपटने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा. यह प्रशिक्षण अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) द्वारा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सहयोग से दिया जाएगा.

17 से 22 अगस्त तक 6 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण प्रोग्राम

राज्य के अस्पतालों को आग, भगदड़, महामारी, लॉजिस्टिक्स और संचार (Communication) से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यावहारिक और मॉक ड्रिल आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके लिए 17 से 22 अगस्त तक एम्स पटना में 'हेल्थ सेक्टर डिजास्टर प्रिपर्डनेस प्रोग्राम' आयोजित किया जा रहा है. नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) की गाइडलाइंस के तहत अस्पतालों के लिए आपदा प्रबंधन योजना बनाना अनिवार्य है और यह प्रशिक्षण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

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रिम्स निदेशक, मेडिकल कॉलेजों के अधीक्षक होंगे शामिल

इस विशेष प्रशिक्षण में राज्य भर के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों के प्रमुख भाग लेंगे. इसमें राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS), रांची के निदेशक और अधीक्षक, एमजीएम एमसीएच जमशेदपुर, एसएनएमएमसीएच धनबाद, फुलो-झानो मेडिकल कॉलेज दुमका, शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज हजारीबाग और मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज पलामू के शीर्ष अधिकारी शामिल हैं. इसके अलावा, राज्य के सभी जिलों के सिविल सर्जन (CS) को भी इस आपदा प्रबंधन ट्रेनिंग का हिस्सा बनाया गया है.

शीर्ष संस्थानों ने तैयार किया मॉड्यूल

कोविड-19 महामारी के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस प्रशिक्षण का मॉड्यूल देश के शीर्ष मेडिकल और रिसर्च संस्थानों ने मिलकर तैयार किया है. इसमें एम्स नई दिल्ली, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़, ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हाइजीन एंड पब्लिक हेल्थ कोलकाता, निमहंस बेंगलुरु, एम्स भोपाल और एनडीएमए शामिल हैं. इस पहल का दूरगामी लक्ष्य राज्य के मेडिकल कॉलेजों में ट्रॉमा सर्जरी और क्रिटिकल केयर में सुपर-स्पेशलाइजेशन प्रोग्राम विकसित करना है, ताकि सबसे जटिल से जटिल आपातकालीन मामलों को संभालने में सक्षम विशेषज्ञ तैयार किए जा सकें.

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Bipin Kumar Singh

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