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झारखंड में पिछले 10 साल में सबसे कम बारिश, इन 16 जिलों की स्थिति चिंताजनक, जानें सरकार की क्या है तैयारी

Updated at : 21 Jul 2022 9:56 AM (IST)
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झारखंड में पिछले 10 साल में सबसे कम बारिश, इन 16 जिलों की स्थिति चिंताजनक, जानें सरकार की क्या है तैयारी

झारखंड में सूखे के आसार दिखने लगे हैं. इसे लेकर विभाग ने भी तैयारी शुरू कर दी है. पिछले 10 साल में जुलाई माह में सबसे कम बारिश इस बार हुई है. इस कारण धान के बिचड़े पर संकट है. कहीं-कहीं छिटपुट रोपा शुरू हुआ है

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रांची : झारखंड में सूखे के आसार दिखने शुरू हो गये हैं. पिछले 10 साल में अब तक सबसे कम बारिश हुई है. विभाग भी इसे लेकर चिंतित है. इसलिए उन्होंने इसकी तैयारी शुरू कर दी. हालत ये हो गयी है कि इस साल धान के बिचड़े पर भी संकट मंडराने लगा है. कई जिलों तो अब तक रोपा शुरू भी नहीं हो सका है. इनमें से संताल परगना, उत्तरी छोटानागपुर और पलामू प्रमंडल एक है. राज्य के 16 जिलों की स्थिति तो बेहद चिंताजनक है. रोपा के कार्य प्रभावित होने से किसानों के चेहरे पर भी चिंता की लकीरें दिखने लगी है

विभाग भी सूखे की स्थिति को मानते हुए तैयारी में लग गया है. विभाग ने सभी जिलों को पत्र लिखकर लंबी अवधिवाली धान की वेराइटी बांटने और बेचने पर रोक लगा दी है. राज्य में 15 जुलाई के बाद रोपा शुरू हो जाता है. रोपा समाप्त करने का सही समय अगस्त माह के पहले सप्ताह तक कहा जाता है. बारिश नहीं होने से कहीं-कहीं तो खेतों में दरार पड़ने लगी है.

पलामू में वैकल्पिक फसलों की तैयारी का निर्देश :

पलामू आयुक्त जटाशंकर चौधरी ने मौसम की वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रमंडल में पड़नेवाले पलामू, गढ़वा और लातेहार के उपायुक्तों को पत्र लिखकर वैकल्पिक फसलों की तैयारी करने का निर्देश दिया है. कहा है कि हर मंगलवार को जिलास्तरीय टॉस्क फोर्स की बैठक करें. इसमें कृषि के साथ-साथ सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भी बुलायें. तत्काल वैकल्पिक खेती की तैयारी शुरू करें.

जुलाई माह में वर्षापात

जिला कमी (%)

बोकारो 50

चतरा 78

देवघर 60

धनबाद 47

दुमका 56

पू सिंहभूम 06

गढ़वा 76

गिरिडीह 57

गोड्डा 68

गुमला 54

हजारीबाग 62

जामताड़ा 72

जिला कमी (%

खूंटी 46

कोडरमा 61

लातेहार 63

लोहरदगा 57

पाकुड़ 75

पलामू 71

रामगढ़ 61

रांची 44

साहेबगंज 82

सरायकेला 32

सिमडेगा 57

प सिंहभूम 08

बारिश सामान्य से कम या अधिक प्रतिशत में

2012 -09

2013 -37

2014 -04

2015 28

2016 -10

2017 47

2018 -18

2019 -25

2020 -24

2021 -01

2022 -51 (अब तक)

कहां कितना धान लगा

प्रमंडल लक्ष्य रोपा

द छोटनागपुर 567 62

पलामू 136 01

कोल्हान 396 105

उत्तरी छोटानागपुर 336 00

संताल परगना 364 00

( लक्ष्य व रोपा हजार हेक्टेयर में)

16 जिलों की स्थिति चिंताजनक

कृषि निदेशक निशा उरांव ने एक दिन पूर्व राज्य के जिला कृषि पदाधिकारी, केवीके और संयुक्त कृषि निदेशक के साथ बैठक की थी. इसमें 16 जिलों की स्थिति चिंताजनक बतायी गयी थी. इसमें कहा गया है कि अब बारिश भी होगी, तो उत्पादकता और उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. ऐसे में कुछ ठोस पहल करने की जरूरत है. सबसे खराब स्थिति चतरा, देवघर, गढ़वा, गुमला, गोड्डा, हजारीबाग, जामताड़ा, कोडरमा, लातेहार, लोहरदगा, पाकुड़, पलामू, रामगढ़, साहिबगंज, खूंटी व सिमडेगा जिले की है.

17 जिलों में 50% से भी कम बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के 17 जिलों में सामान्य से 50% से भी कम बारिश हुई है. पूर्वी सिंहभूम और खूंटी को छोड़कर सभी जिलों में ही सामान्य के करीब बारिश हुई है. पूरे राज्य में भी सामान्य से करीब 51 % कम बारिश हुई है. राज्य में अब तक 391 मिमी बारिश होनी चाहिए थी. इसकी तुलना में मात्र 192.9 मिमी ही बारिश हुई है. एक भी जिला ऐसा नहीं है, जहां सामान्य से अधिक बारिश हुई है.

दिशा निर्देश जारी

हर जिले में कृषक गोष्ठी का आयोजन करें

जहां कम बीज बंटा है, वहां जल्द से जल्द बीज बांटे

120 दिन से अधिक अवधि वाले बीज वितरण व बेचने पर रोक

एटीएम-बीटीएम स्थल भ्रमण कर आच्छादन प्रतिवेदन रिपोर्ट तैयार करें

रबी के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दें

रोपा के बजाय सीधी बुआई के लिए किसानों के प्रेरित करें

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यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

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