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Jharkhand Weather: 45 मिनट की बारिश में रांची जलमग्न, सड़कों पर बहने लगा नाली का काला पानी, जानें मानसून कब पहुंचेगा झारखंड

Updated at : 20 May 2024 7:08 AM (IST)
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Jharkhand Weather: 45 मिनट की बारिश में रांची जलमग्न, सड़कों पर बहने लगा नाली का काला पानी, जानें मानसून कब पहुंचेगा झारखंड

Jharkhand Weather: महज 45 मिनट की बारिश में झारखंड की राजधानी रांची जलमग्न हो गई. सड़कों पर काला पानी बहने लगा. जानें झारखंड कब पहुंच रहा है मानसून.

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Jharkhand Weather: झारखंड की राजधानी रांची में 45 मिनट की झमाझम बारिश से मौसम तो सुहाना हो गया, लेकिन जाम नालियों के कारण शहर की सड़कें जलमग्न हो गयीं. बारिश का पानी सड़क से होते हुए नाले में तो गया, लेकिन थोड़ी ही देर में पानी नाले को ओवरफ्लो करते हुए वापस सड़क पर बहने लगा. इस बीच मौसम विभाग ने कहा है कि 13 से 18 जून के बीच मानसून झारखंड पहुंच सकता है.

Jharkhand Weather: पलामू प्रमंडल का डालटेनगंज सबसे गर्म

एक घंटा तक शहर की सड़कों पर नाली का काला पानी बहता रहा. हालांकि, जब बारिश कम हुई, तो सड़कों से जलजमाव खत्म हो गया. लेकिन नाली से निकली गंदगी सड़कों पर पसरी रही. बता दें कि झारखंड के कई हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ रही है. पलामू प्रमंडल का डालटेनगंज सबसे अधिक गर्म रहा. यहां का तापमान 43 डिग्री सेसि पार हो गया.

45 मिनट में रांची में हुई 25 मिलीमीटर वर्षा

राजधानी रांची में 25 मिमी के आसपास बारिश हुई. भारत मौसम विज्ञान केंद्र (आईएमडी) के रांची स्थित मौसम केंद्र का पूर्वानुमान है कि संताल परगना और पलामू प्रमंडल में अभी एक-दो दिनों तक भीषण गर्मी पड़ती रहेगी. वहीं, राजधानी और आसपास के लोगों को फिलहाल गर्मी से राहत मिलेगी.

21 मई तक इन 8 जिलों में HEAT WAVE का येलो अलर्ट

मौसम केंद्र की ओर से कहा गया है कि 20-21 मई को गढ़वा, पलामू, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में हीट वेव (लू) चल सकता है. इसको लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है.

झारखंड के दक्षिणी तथा मध्य हिस्से में गरज के साथ होगी बारिश

झारखंड के पूर्वी, दक्षिणी तथा मध्य हिस्से में कहीं-कहीं गर्जन के साथ बारिश हो सकती है. इससे 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कहीं-कहीं हवा चल सकती है. राजधानी में 25 मई तक आंशिक बादल छाये रहेंगे. मेघ गर्जन के साथ बारिश का भी अनुमान है.

कांटाटोली-बहू बाजार मार्ग में नदी सा नजारा

भारी बारिश के कारण कांटाटोली-बहू बाजार मार्ग में पेट्रोल पंप के समीप सड़क का नजारा नदी जैसा हो गया था. फ्लाइओवर निर्माण के कारण यहां एक साइड का नाला बंद है. इस कारण बारिश का पानी सड़क पर ही बह रहा था. पानी की रफ्तार यहां इतनी अधिक थी कि वाहन चालकों को यहां से वाहन लेकर गुजरने में परेशानी हो रही थी.

बकरी बाजार दुर्गा मंदिर में घुसा बारिश का पानी

बकरी बाजार दुर्गा मंदिर भी बारिश के पानी से सराबोर हो गया. निचले इलाके में बने होने व नाली जाम होने के कारण बारिश का पानी यहां जम गया था. मंदिर में घुसे इस पानी को निकालने के लिए स्थानीय लोग जुटे थे. लेकिन देर रात तक पानी निकाला नहीं जा सका था.

रातू रोड कब्रिस्तान के समीप धीरे-धीरे गुजर रहे थे वाहन

बारिश से रातू रोड कब्रिस्तान के समीप भारी जलजमाव हो गया था. इस जलजमाव के कारण वाहन चालक धीरे-धीरे वहां से गुजर रहे थे. यहां भी सड़क पर नाली का गंदा पानी बह रहा था.

क्लब रोड में सड़क पर आया कचरा

बारिश के कारण क्लब रोड में नाली का गंदा पानी आकर थम गया. एक घंटा तक बारिश का यह पानी सड़कों पर ही जमा रहा. हालांकि बारिश कम होने के बाद पानी नाले से निकल गया. लेकिन कचरा सड़क पर ही पसरा रहा.

सेवा सदन पथ हुआ जलमग्न, वाहनों के चक्के थमे

भारी बारिश से सेवा सदन पथ पूरी तरह जलमग्न हो गया था. यहां पता ही नहीं चल रहा था कि सड़क कहां है और नाली कहां है. नतीजतन दो पहिया वाहन चालक रुककर यहां बारिश के पानी का कम होने का इंतजार कर रहे थे. वहीं चार पहिया वाहन लेकर लोग इस काले पानी से होकर गुजर रहे थे.

निवारणपुर में कलकल करते हुए बह रहा था पानी

बारिश का पानी नाली से निकलकर ओवरब्रिज स्थित निवारणपुर की सड़कों पर भी कलकल करता बह रहा था. तेज बहाव के कारण कई दुकानदारों के प्लास्टिक के सामान बह गये.

वाहनों के चक्के डूबे

जलजमाव के कारण जयपाल सिंह स्टेडियम के समीप खड़े वाहनों के चक्के डूब गये थे. यहां इतना ज्यादा पानी जमा हो गया था कि दो पहिया वाहनों के साइलेंसर में पानी घुस जा रहा था. नतीजतन लोग अपने वाहन को यहां से धकेल कर पार कर रहे थे.

बारिश से एयरपोर्ट टर्मिनल के सामने जलजमाव

राजधानी रांची में रविवार दोपहर बाद हुई तेज बारिश के कारण एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग के बाहर जलजमाव हो गया. इस कारण यात्रियों को काफी परेशानी हुई. एयरपोर्ट पहुंचे यात्री टर्मिनल बिल्डिंग के बाहर जलजमाव के कारण भीग कर अंदर गये.

टर्मिनल बिल्डिंग से निकलने वाले यात्री भींगकर वाहन तक पहुंचे

वहीं टर्मिनल बिल्डिंग से बाहर निकलने वाले यात्री भी भीग कर अपने वाहन तक पहुंचे. यात्रियों का कहना था कि ड्रेनेज से पानी की निकासी समुचित ढंग से नहीं होने के कारण यात्रियों को पानी में चल कर अपने वाहन तक पहुंचना पड़ा. इससे उनके ट्रॉली बैग, जूते भीग गये.

लाइन टैंक रोड का भी हाल बेहाल

बारिश के कारण लाइन टैंक रोड भी तालाब बना हुआ था. सड़क पर अत्यधिक पानी जमा होने के कारण स्कूटी के साइलेंसर में बारिश का पानी चला जा रहा था. इससे लोग काफी परेशान रहे.

नाला रोड में तेज रफ्तार से बह रहा था पानी

नाली जाम रहने के कारण हिंदपीढ़ी नाला रोड में सड़क पर बारिश का पानी तेज रफ्तार में बह रहा था. इस कारण लोग अपने घरों के बच्चों को बाहर नहीं जाने दे रहे थे. मालूम हो कि तीन साल पहले इसी नाला रोड के नाले में पलक नामक बच्ची बह गयी थी. इसके बाद नाले को जगह-जगह लोहे की जाली से ढंक दिया गया था. लेकिन आज अधिकतर जाली सड़ गये हैं. जो बचे हुए हैं, उन्हें कूड़ा चुनने वाले समय-समय पर आकर उठाकर ले जाते हैं.

युद्ध स्तर पर सफाई कराये निगम : सिटीजन फोरम

आधे घंटे की इस बारिश से बदहाल हुए हालात पर सिटीजन फोरम के अध्यक्ष दीपेश निराला ने प्रशासक से मांग की है कि मानसून से पहले युद्ध स्तर पर नालियों की सफाई की जाये. अगर इस दिशा में निगम ने कदम नहीं उठाया, तो भारी बारिश होने पर शहर के लोग घरों में कैद हो जाने को विवश होंगे.

कई इलाकों में 3 से 4 घंटों तक कटी रही बिजली

रांची में हुई बारिश और थंडरिंग के कारण कई क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गयी. दोपहर दो बजे हुई तेज बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में लोकल फॉल्ट के चलते शाम सात बजे तक कई इलाकों में बिजली गुल रही.

कई जगहों पर बिजली आपूर्ति व्यवस्था में खराबी आने की सूचना पर लोकल फॉल्ट दूर करने के लिए पेट्रोलिंग कर आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा था. इसके चलते सबस्टेशनों से डिमांड में काफी देर तक कमी बनी रही. कई इलाकों में आपूर्ति लाइन पर पेड़ और टहनियों के गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गयी.

हाई वोल्टेज लाइन में आयी खराबी

33 केवीए ब्रांबे और 33 केवीए सिरडो से काफी देर तक बिजली आपूर्ति बंद रही. बताया गया कि तेज बारिश से लोकल फॉल्ट आने के कारण आपूर्ति बाधित रही. इसके बाद बिजली बहाल होने पर कई क्षेत्रों में छोटे-छोटे फॉल्ट के कारण बिजली गुल रही.

सुरक्षा के लिए रांची के कई इलाकों में बंद की गई बिजली

मूसलाधार बारिश के कारण रांची के कई इलाकों में सुरक्षात्मक कारणों से बिजली बंद कर दी गयी. परंतु कई डिविजन में बारिश के दौरान बिजली के आने-जाने का सिलसिला जारी रहा. रांची सेंट्रल डिविजन में दो जगहों पर फ्यूज उड़ने की शिकायत आयी और ब्रांबे में एक जगह जंफर कटने की शिकायत आयी.

इन इलाकों में काफी देर तक कटी रही बिजली

कोकर रूलर से जुड़े सकुर्लर रोड का इलाका, डंगराटोली, लालपुर, वर्धमान कंपाउंड, कडरू, मणिटोला डोरंडा, फिरदौस नगर, हिंदपीढ़ी, पुंदाग, जोहारनगर, बहुबाजार, चुटिया, कृष्णापुरी, सेक्टर टू, धुर्वा, रिंग रोड का क्षेत्र, ओरमांझी, ब्रांबे सहित रिंग रोड से सटे कांके क्षेत्र के अन्य इलाके.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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