गुमला, लातेहार, लोहरदगा, पश्चिमी सिंहभूम के बाद अब झारखंड के इन 3 जिलों में अगले 3 घंटे में वज्रपात का अलर्ट

झारखंड में आज आधा दर्जन से अधिक जिलों में वर्षा-वज्रपात की चेतावनी.
Jharkhand Weather: गुमला, लातेहार, लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम जिले में बारिश एवं वज्रपात की चेतावनी के बाद अब सरायकेला-खरसावां जिले के लिए भी येलो अलर्ट जारी हुआ है.
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Jharkhand Weather: गुमला, लातेहार, लोरदगा और पश्चिमी सिंहभूम में वर्षा एवं वज्रपात की चेतावनी के बाद मौसम विभाग ने झारखंड के 3 और जिले के लिए वज्रपात का अलर्ट जारी किया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के रांची स्थित मौसम केंद्र ने यह चेतावनी जारी है.
सरायकेला-खरसावां जिले में 2-3 घंटे में बारिश-वज्रपात की चेतावनी
मौसम केंद्र ने येलो अलर्ट जारी करते हुए कहा है राजधानी रांची और गढ़वा के साथ-साथ सरायकेला-खरसावां जिले में कुछ जगहों पर अगले 2 से 3 घंटे में हल्के दर्जे की गरज के साथ वज्रपात होने की संभावना है. कहीं-कहीं वर्षा भी होगी. इसके पहले मौसम विभाग ने बुधवार (21 अगस्त) को पहला अलर्ट जारी किया था, जिसमें झारखंड के 4 जिलों में वर्षा एवं वज्रपात की चेतावनी दी थी.
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12 बजे मौसम केंद्र ने 4 जिलों के लिए जारी किया पहला अलर्ट
मौसम विभाग ने 12 बजने से थोड़ी देर पहले पहला अलर्ट जारी किया. इसमें कहा कि झारखंड की राजधानी रांची से सटे लोहरदगा और लातेहार जिले के साथ-साथ गुमला और पश्चिमी सिंहभूम जिले में कुछ जगहों पर हल्के दर्जे की गरज के साथ वर्षा और वज्रपात होने की संभावना है.
किसानों और आम लोगों को बाहर नहीं जाने की सलाह
मौसम वैज्ञानिक ने आम लोगों के साथ-साथ किसानों से भी कहा है कि वे सावधान और सतर्क रहें. खासकर किसानों को खेतों में नहीं जाने की सलाह दी गई है. कहा गया है कि वे तब तक अपने खेतों में न जाएं, जब तक मौसम सामान्य न हो जाए. अगर घर से बाहर हैं, तो पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहें. किसी पक्के मकान में शरण ले लें.
झारखंड में वज्रपात से हर साल होती है औसतन 300 मौतें
झारखंड वज्रपात के लिहाज से बेहद संवेदनशील राज्य है. प्रदेश में हर साल औसतन 300 लोगों की वज्रपात से मौत हो जाती है. मरने वालों में अधिकतर गांवों में रहने वाले आदिवासी होते हैं. पिछले 24 साल में झारखंड में 3500 से अधिक लोगों की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई. यह देश में हुई कुल मौतों का 7 फीसदी है.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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