Jharkhand Weather Forecast : बारिश ने राजधानी रांची का मौसम किया सुहाना, गिरा तापमान, आज भी राज्य के इन इलाकों में बारिश का अनुमान

वहीं कई इलाकों में सिर्फ बादल छाये रहेंगे. केंद्रीय मौसम विभाग के अभिषेक आनंद के अनुसार उत्तर-पूर्वी में निम्न दवाब का क्षेत्र बन गया है. इससे कहीं-कहीं हल्के व मध्यम दर्जे के बादल छाये हुए हैं. जानकारी के अनुसार, कई जगहों पर 30-40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा भी चल सकती है.
Jharkhand Weather Update, Weather In Jharkhand Today रांची : राजधानी सहित झारखंड के लगभग सभी हिस्सों में शुक्रवार को बारिश हुई, जिससे अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट दर्ज हुई है. मौसम विभाग के अनुसार 10 और 11 अप्रैल को भी कुछ इलाकों में मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है.
वहीं कई इलाकों में सिर्फ बादल छाये रहेंगे. केंद्रीय मौसम विभाग के अभिषेक आनंद के अनुसार उत्तर-पूर्वी में निम्न दवाब का क्षेत्र बन गया है. इससे कहीं-कहीं हल्के व मध्यम दर्जे के बादल छाये हुए हैं. जानकारी के अनुसार, कई जगहों पर 30-40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा भी चल सकती है.
राजधानी रांची में शुक्रवार दोपहर में हल्की बारिश हुई, लेकिन देर शाम तक मेघ गर्जन के साथ-साथ 10 मिमी बारिश हुई, जबकि झारखंड के अन्य इलाकों खास कर कोलेबिरा व सिमडेगा में सबसे अधिक 22.3 मिमी वर्षा हुई. इसके अलावा घाटशिला में 19.2 मिमी, राजमहल में 10.4 मिमी व कुरडेग में 14.8 मिमी वर्षा हुई. देर रात तक लगभग सभी इलाकों में मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश होती रही.
रांची का शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि गुरुवार को रांची का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था. मौसम विभाग के अनुसार और लगभग दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की उम्मीद है.
जमशेदपुर का शुक्रवार का अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री व डालटनगंज का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. डालटनगंज में गुरुवार को 42 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया था. पिछले एक सप्ताह के दौरान गर्मी और उमस से लोगों का बुरा हाल था, जिससे कि कुछ दिनों तक राहत मिलने की उम्मीद है.
मौसम में आये बदलाव को देखते हुए बीएयू ने किसानों को खेती की सलाह दी है. मौसम वैज्ञानिक सह कृषि वैज्ञानिक डॉ ए वदूद के अनुसार किसान अपनी फसलों/सब्जियों के खेत की मिट्टी में नमी को संरक्षित रखने के लिए निकाई-गुड़ाई अवश्य करें. रबी फसल की कटाई के बाद संभावित वर्षा को देखते हुए खेत की जोताई कर लें, लेकिन पाटा नहीं चलायें.
मिट्टी को खुला छोड़ देने से इसमें मौजूद खर-पतवार तथा कीड़े-मकोड़े नष्ट हो जायेंगे. किसान अगले कुछ दिनों तक फसल की कटाई का कार्य स्थगित कर दें तथा पहले से कटी हुई फसल को सुरक्षित रखें. सब्जियों में दवा का छिड़काव साफ मौसम में ही करें.
Posted By : Sameer Oraon
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










