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फिर सक्रिय होगा मानसून, 2 और 3 अक्टूबर को भारी बारिश का अलर्ट, जानें अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम

Updated at : 29 Sep 2025 9:02 PM (IST)
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Jharkhand Weather Alert Satish Mandal Mausam Vaigyanik Ranchi Jharkhand

मौसम केंद्र रांची के मौसम वैज्ञानिक सतीश चंद्र मंडल.

Jharkhand Weather Alert: एक दिन बाद झारखंड में मौसम करवट लेने वाला है. 1 अक्टूबर को मानसून फिर से सक्रिय होगा, जिसकी वजह से झारखंड में कई जगहों पर भारी वर्षा हो सकती है. 2 और 3 अक्टूबर 2025 को झारखंड के कई हिस्सों में भारी वर्षा की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम वैज्ञानिक सतीश चंद्र मंडल ने बताया है कि अगले 5 दिन झारखंड का मौसम कैसा रहने वाला है.

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Jharkhand Weather Alert: पिछले 24 घंटे के दौरान कमजोर रहा मानसून एक बार फिर सक्रिय होने वाला है. रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के पास स्थित मौसम केंद्र के मौसम वैज्ञानिक सतीश चंद्र मंडल ने यह जानकारी दी है. उन्होंने यह भी बताया है कि अगले 5 दिन तक झारखंड का मौसम कैसा रहने वाला है.

30 को अंडमान सागर में बनेगा अपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन

मौसम वैज्ञानिक सतीश चंद्र मंडल ने कहा है कि 30 सितंबर को उत्तरी अंडमान सागर में एक अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने की संभावना है. इसके प्रभाव से 1 अक्टूबर 2025 को बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. इसका असर झारखंड पर भी देखने को मिलेगा.

2-3 अक्टूबर को कुछ जिलों में होगी भारी वर्षा

मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि मौसमी प्रणाली के प्रभाव से 2 और 3 अक्टूबर को झारखंड राज्य के लगभग सभी जिलों में हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होगी. कुछ जिलों में भारी वर्षा होने की भी संभावना है. उन्होंने जनता से अनुरोध किया है कि वे इन दो दिनों में आवश्यक सावधानी बरतें. सतर्क रहें, क्यों तेज हवाएं भी चल सकतीं हैं.

1 अक्टूबर को गर्जन के साथ चलेंगी तेज हवाएं

मौसम केंद्र रांची के मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि 30 सितंबर को राज्य में कहीं-कहीं पर गर्जन और तेज हवाओं के साथ वज्रपात होने की संभावना है. हवा की अधिकतम गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है. 1 अक्टूबर को कहीं-कहीं गर्जन के साथ तेज हवाएं चलेंगी. कुछ जगहों पर वज्रपात होने की भी संभावना है.

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Jharkhand Weather Alert: 2 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना

अगले दिन यानी 2 अक्टूबर को झारखंड के उत्तर-पूर्वी और उससे सटे मध्य भागों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है. इस दौरान राज्य में कहीं-कहीं गर्जन के साथ 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और कुछ जगहों पर वज्रपात होने की भी आशंका है. इन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है.

  • देवघर
  • दुमका
  • गिरिडीह
  • गोड्डा
  • जामताड़ा
  • पाकुड़
  • साहिबगंज
  • धनबाद
  • बोकारो

3 अक्टूबर को इन जिलों में होगी भारी वर्षा

मौसम वैज्ञानिक ने कहा है कि 3 अक्टूबर को उत्तर-पूर्वी एवं निकटवर्ती उत्तर-मध्य झारखंड में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है. कुछ जगहों पर तेज हवाओं और गर्जन के साथ वज्रपात भी हो सकता है. इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर के बीच रह सकती है. निम्न जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी देते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है.

  • देवघर
  • दुमका
  • गिरिडीह
  • गोड्डा
  • जामताड़ा
  • पाकुड़
  • साहिबगंज

4 को उत्तर-पूर्वी और उत्तर-मध्य भागों में भारी वर्षा संभव

सतीश चंद्र मंडल ने बताया कि 4 अक्टूबर को झारखंड के उत्तर-पूर्वी एवं निकटवर्ती उत्तर-मध्य भागों में कहीं-कहीं पर भारी वर्षा होने की संभावना है. उन्होंने बताया कि राज्य में अगले 2 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेंटीग्रेड की वृद्धि होगी और उसके बाद 3 दिन में इसमें 3-4 डिग्री की गिरावट आ सकती है.

झारखंड का सबसे अधिक उच्चतम तापमान पाकुड़ में

मौसम विभाग ने बताया कि है कि पिछले 24 घंटे के दौरान पाकुड़ में अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री सेंटीग्रेड रहा, जो राज्य में सर्वाधिक था. लातेहार में सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.7 डिग्री सेंटीग्रेड दर्ज किया गया.

अधिकतम तापमान में उतार-चढ़ाव का अनुमान

मौसम केंद्र रांची ने कहा है कि अगले 2 दिन के दौरान झारखंड में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2-3 डिग्री की वृद्धि हो सकती है. इसके बाद अगले 3 दिन में अधिकतम तापमान में 3-4 डिग्री की गिरावट होने की संभावना है.

24 घंटे में 84 फीसदी कम बरसा मानसून

पिछले 24 घंटे के दौरान झारखंड में 0.8 मिलीमीटर ही वर्षा हुई, जो सामान्य वर्षा 5.0 मिलीमीटर से 84 फीसदी कम है. हालांकि, झारखंड में अब तक मानसून 18 फीसदी अधिक बरसा है. 1 जून से 29 सितंबर तक 1018.3 मिलीमीटर वर्षा की जगह 1199.4 मिलीमीटर वर्षा हुई है.

24 घंटे में झारखंड में कहां-कितनी वर्षा हुई

वर्षा केंद्रवर्षापात
घाटशिला16.6 मिलीमीटर
डुमरी ब्लॉक15.6 मिलीमीटर
गुमला9.1 मिलीमीटर
सिमडेगा8.0 मिलीमीटर
जमशेदपुर एयरपोर्ट4.9 मिलीमीटर
जमशेदपुर4.8 मिलीमीटर
गारू4.0 मिलीमीटर
गुड़ाबांधा3.4 मिलीमीटर
डाल्टेनगंज2.0 मिलीमीटर
रांची एयरपोर्ट1.0 मिलीमीटर
बानो सिमडेगा केवीके0.5 मिलीमीटर
पंचेत0.4 मिलीमीटर
झारखंड0.8 मिलीमीटर
Source : IMD, Mausam Kendra Ranchi

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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