रांची.
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूइएफ) की वार्षिक बैठक में भारत के 10 राज्य भाग लेंगे. 19 से 23 जनवरी तक दावोस में आयोजित इस बैठक में 10 राज्यों में झारखंड पहली बार भाग ले रहा है. इस बैठक में केंद्रीय मंत्रियों सहित एक उच्च स्तरीय राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होगा. बैठक में भाग लेने वाले राज्यों में झारखंड के अलावा महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, असम, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, गुजरात, उत्तर प्रदेश और केरल शामिल हैं. बैठक में कई मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व करेंगे. ये सभी मिलकर भारत की आर्थिक प्राथमिकताओं, शासन सुधारों व विकास संबंधी महत्वाकांक्षा की एक व्यापक तस्वीर प्रस्तुत करेंगे.झारखंड के 25 वर्ष पूरे होने पर यात्रा है खास
इस बैठक के लिए युवा झारखंड की यात्रा राज्य बनने के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हो रही है, जो राज्य की वैश्विक भागीदारी के लिए महत्वपूर्ण क्षण है. झारखंड के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कर रहे हैं. झारखंड की उपस्थिति शासन आधारित विकास, स्थिरता और दीर्घकालिक संस्थागत क्षमता पर केंद्रित है. झारखंड की भागीदारी उन क्षेत्रों के दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से दर्शाती है, जो सामाजिक और पर्यावरणीय संतुलन के साथ विकास, स्थिरता और संस्थागत लचीलेपन के साथ वैश्विक संवादों को सुदृढ़ रास्ता प्रदान करती है.झारखंड के केंद्र में होंगी ये बातें
झारखंड की भागीदारी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण, वन और जैव अर्थव्यवस्था एवं महिला सशक्तीकरण पर केंद्रित होगी. ताकि, राज्य को सतत विकास, न्यायसंगत परिवर्तन और समावेशी विकास के रास्तों पर वैश्विक चर्चाओं में स्थान मिल सके. क्रिटिकल मिनरल्स, नवीकरणीय ऊर्जा, विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा जैसे विषयों पर केंद्रित विषयगत सत्रों और द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेगा. झारखंड अपने दीर्घकालिक विकास दृष्टिकोण और सतत एवं न्यायसंगत विकास के प्रति अपने दृष्टिकोण को स्पष्ट करने वाली चर्चाओं की मेजबानी भी करेगा. इन बैठकों का उद्देश्य बहुपक्षीय संस्थानों, सरकारों, शैक्षणिक संस्थानों और निजी क्षेत्र के स्टेक होल्डर्स के साथ साझेदारी को मजबूत भी करना है.
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