ePaper

झारखंड नियोजन नीति 2016 : Supreme Court ने भी बताया असंवैधानिक, हाईकोर्ट के फैसले पर लगायी मुहर

Updated at : 02 Aug 2022 1:22 PM (IST)
विज्ञापन
झारखंड नियोजन नीति 2016 : Supreme Court ने भी बताया असंवैधानिक, हाईकोर्ट के फैसले पर लगायी मुहर

Jharkhand Niyojan Niti 2016 : सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट के उस फैसले को सही ठहराया है, जिसमें हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की 2016 की नियोजन नीति को असंवैधानिक ठहराते हुए रद्द कर दिया था. टी के शिक्षक सत्यजीत कुमार एवं अन्य की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर फैसले को चुनौती दी गई थी.

विज्ञापन

Jharkhand Niyojan Niti 2016: सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट के उस फैसले को सही ठहराया है, जिसमें हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की 2016 की नियोजन नीति को असंवैधानिक ठहराते हुए रद्द कर दिया था. शीर्ष अदालत ने राज्य स्तर पर कॉमन मेरिट लिस्ट बनाने का निर्देश दिया है. आपको बता दें कि खूंटी के शिक्षक सत्यजीत कुमार एवं अन्य की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर झारखंड हाईकोर्ट के 21 सितंबर 2020 के फैसले को चुनौती दी गई थी.

हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती

सुप्रीम कोर्ट में प्रार्थी सत्यजीत कुमार व अन्य की ओर से एसएलपी दायर की गयी थी. इसमें झारखंड हाइकोर्ट के 21 सितंबर 2020 के आदेश को चुनौती दी गयी थी. हाइकोर्ट की लार्जर बेंच ने 21 सितंबर 2020 को राज्य सरकार की नियोजन नीति व हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति विज्ञापन को चुनौती देनेवाली याचिका पर फैसला सुनाते हुए नियोजन नीति को असंवैधानिक बताते हुए निरस्त कर दिया था. 13 शिड्यूल जिले में नियुक्त शिक्षकों की नियुक्ति को रद्द कर दिया था. गैर अनुसूचित जिलों की नियुक्ति को बरकरार रखा था. साथ ही गैर अनुसूचित जिलों में शेष विषयों में शिक्षकों की नियुक्ति में आगे बढ़ने का आदेश दिया था. इतना ही नहीं, अनुसूचित जिलों के 8,423 पदों पर नये सिरे से शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया था.

Also Read: Jharkhand Breaking News LIVE : झारखंड की 2016 की नियोजन नीति को सुप्रीम कोर्ट ने भी बताया असंवैधानिक

क्या है 2016 की नियोजन नीति

2016 की नियोजन नीति के तहत झारखंड के 13 अनुसूचित जिलों के सभी तृतीय व चतुर्थवर्गीय पदों को उसी जिले के स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित किया गया था, वहीं गैर अनुसूचित जिले में बाहरी अभ्यर्थियों को भी आवेदन करने की छूट दी गयी थी. इस नीति के आलोक में वर्ष 2016 में अनुसूचित जिलों में 8,423 व गैर अनुसूचित जिलों में 9149 पदों पर (कुल 17572 शिक्षक) नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हुई थी.

Also Read: झारखंड विधानसभा मानसून सत्र : CM हेमंत सोरेन के इस्तीफे को लेकर हंगामा, BJP के 4 विधायक सस्पेंड

रिपोर्ट : राणा प्रताप, रांची

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola