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Jharkhand Liquor Scam: निलंबित IAS विनय चौबे ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा, ACB की गिरफ्तारी को दी चुनौती

Updated at : 30 May 2025 7:47 PM (IST)
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IAS vinay choubey arrested in Jharkhand liquor scam

IAS vinay choubey arrested in Jharkhand liquor scam

Jharkhand Liquor Scam: झारखंड शराब घोटाले में गिरफ्तार निलंबित आईएएस विनय कुमार चौबे ने झारखंड हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट याचिका दायर की है. उन्होंने एसीबी द्वारा अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है. अपनी गिरफ्तारी को उन्होंने अवैध बताया है और उसे निरस्त करने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा है कि गिरफ्तारी में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया है.

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Jharkhand Liquor Scam: रांची, राणा प्रताप-38 करोड़ रुपए से अधिक के शराब घोटाले में आरोपी निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे ने झारखंड हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट याचिका दायर की है. उन्होंने एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) द्वारा अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है. प्रार्थी विनय कुमार चौबे ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए उसे निरस्त करने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा है कि गिरफ्तारी में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का भी पालन नहीं किया गया है. एसीबी ने 20 मई को आईएएस विनय कुमार चौबे और तत्कालीन संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह को शराब घोटाले में गिरफ्तार किया था.

प्रार्थी ने अपनी याचिका में क्या कहा है?


याचिका में प्रार्थी की ओर से कहा गया है कि गिरफ्तारी के पूर्व स्थापित कानूनी प्रक्रिया का एसीबी द्वारा पालन नहीं किया गया है. आरोपी को गिरफ्तारी का कारण बताना होता है, जो उन्हें नहीं बताया गया था. उनकी गिरफ्तारी में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का भी पालन नहीं हुआ है. प्रार्थी विनय कुमार चौबे ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए उसे निरस्त करने का आग्रह किया है.

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38 करोड़ के शराब घोटाले में हुई है गिरफ्तारी


20 मई को एसीबी ने आईएएस विनय कुमार चौबे और तत्कालीन संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह को 38 करोड़ रुपए से अधिक के शराब घोटाले में गिरफ्तार किया था. आरोप है कि दो कंपनियों द्वारा फर्जी बैंक गारंटी देने के कारण सरकार को 38 करोड़ रुपए से अधिक के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है. छत्तीसगढ़ में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद रांची एसीबी ने भी मामले में वर्ष 2024 में प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज की थी. आरोप सही पाये जाने पर घोटाले को लेकर कांड संख्या-9/2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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