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रांची जमीन घोटाला: कई बातें छुपा रहे हैं रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन, इस आधार पर हो रही पूछताछ

Updated at : 13 May 2023 8:19 AM (IST)
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रांची जमीन घोटाला: कई बातें छुपा रहे हैं रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन, इस आधार पर हो रही पूछताछ

कोर्ट ने ईडी को छवि रंजन से पूछताछ के लिए चार दिनों की रिमांड दी है. इससे पूर्व छह दिनों की पूछताछ समाप्त होने के बाद शुक्रवार को ईडी ने छवि रंजन को पीएमएल कोर्ट में पेश किया था.

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दस्तावेज में जालसाजी कर जमीन की खरीद-बिक्री करने के मामले में गिरफ्तार रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन सूचनाएं छिपा रहे हैं. फिलहाल उनसे दस्तावेज और डिटिजल डिवाइस से मिले डाटा के आलोक में पूछताछ की जा रही है. इधर इडी की मांग पर पीएमएलए कोर्ट ने छवि रंजन से पूछताछ के लिए और चार दिनों की रिमांड दे दी है. इडी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि अब भी जांच के कई बिंदु हैं, जिस पर पूछताछ की जानी है.

इसलिए छह दिनों की और रिमांड दी जाये. सुनवाई के बाद कोर्ट ने ईडी को छवि रंजन से पूछताछ के लिए चार दिनों की रिमांड दी है. इससे पूर्व छह दिनों की पूछताछ समाप्त होने के बाद शुक्रवार को इडी ने छवि रंजन को पीएमएल कोर्ट में पेश किया था. छवि रंजन को सात मई को इडी ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था. आरोप है कि वर्ष 2020 से 2022 तक रांची के उपायुक्त रहते हुए छवि रंजन ने निजी लाभ के उद्देश्य से गैरसरकारी लोगों को मदद पहुंचायी.

उन्होंने व्यापारी विष्णु अग्रवाल को प्रतिबंधित जमीन व जालसाजी कर तैयार किये गये दस्तावेज के आधार पर जमीन खरीदने में मदद की. इसके लिए उन्होंने विष्णु अग्रवाल के पक्ष में रिपोर्टें लिखी. इन्होंने उपायुक्त के रूप में काम करने के दौरान प्रेम प्रकाश और व्यापारी अमित अग्रवाल के मिल कर साजिश रची और सेना के कब्जेवाली जमीन की खरीद-बिक्री में प्रदीप बागची को मदद पहुंचायी.

इसके परिणाम स्वरूप यह जमीन जगत बंधु टी स्टेट के नाम पर बिकी. यह कंपनी कोलकाता के व्यापारी अमित अग्रवाल से संबंधित है. फर्जी दस्तावेज के आधार पर जमीन की खरीद-बिक्री के सिलसिले में जारी जांच के दौरान कुछ नये तथ्य मिले हैं. इन तथ्यों के आधार पर विभिन्न विभागों से कुछ सूचनाएं मांगी गयी हैं. छापामारी के दौरान मिले दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस के आंकड़ों के आधार पर भी पूछताछ जारी है.

इसके अलावा जमीन की खरीद-बिक्री में शामिल लोगों से पूछताछ के दौरान मिली सूचनाओं के आधार पर भी पूछताछ की जा रही है. सेना के कब्जेवाली जमीन, चेशायर होम और हेहल अंचल के बजरा मौजा की जमीन की खरीद-बिक्री में छवि रंजन की संलिप्तता पायी गयी है.

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