रिम्स निदेशक को हटाये जाने के आदेश पर हाईकोर्ट ने लगायी रोक, सरकार से मांगा जवाब

Jharkhand High Court
Jharkhand High Court News: झारखंड सरकार को हाईकोर्ट में झटका लगा है. रिम्स के निदेशक डॉ राजकुमार को उनके पद से हटाये जाने के सरकार के आदेश पर झारखंड हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है. कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब भी मांगा है. 17 अप्रैल को स्वास्थ्य मंत्रालय ने डॉ राजकुमार को रिम्स निदेशक के पद से हटाने का आदेश जारी किया था. इस आदेश के खिलाफ डॉ राजकुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी.
Jharkhand High Court News| रांची, राणा प्रताप: राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) के निदेशक डॉ राजकुमार को उनके पद से हटाये जाने के मामले में सरकार को झारखंड हाईकोर्ट के झटका लगा है. कोर्ट ने स्वास्थ्य मंत्रालय के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें डॉ राजकुमार को उनके पद से हटा दिया गया था. डॉ राजकुमार ने झारखंड सरकार के इस आदेश को चुनौती देते हुए झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. सोमवार 28 अप्रैल को हाईकोर्ट में उनकी याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान जस्टिस दीपक रोशन ने स्वास्थ्य मंत्रालय के आदेश पर रोक लगा दी. साथ ही सरकार को नोटिस भी जारी कर दिया.
17 अप्रैल के झारखंड सरकार के आदेश पर लगी रोक
जस्टिस दीपक रोशन ने केस की अगली तारीख 6 मई मुकर्रर कर दी. इससे पहले जस्टिस दीपक रोशन ने डॉ राजकुमार को रिम्स के निदेशक पद से हटाये जाने संबंधी 17 अप्रैल 2025 के स्वास्थ्य विभाग के आदेश पर रोक लगा दी. इसके बाद झारखंड सरकार को नोटिस जारी किया और अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा. केस की अगली सुनवाई 6 मई 2025 को होगी.
रिम्स निदेशक ने हाईकोर्ट में दी ये दलील
रिम्स के पूर्व निदेशक ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सरकार के आदेश को नेचुरल जस्टिस और रिम्स नियमावली-2002 का सीधा उल्लंघन बताया. उन्होंने कहा कि रिम्स निदेशक पद पर उनकी नियुक्ति 3 वर्षों के लिए की गयी थी. उन पर झूठे आरोप लगाये गये और बिना उनका पक्ष सुने उन्हें निदेशक के पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया गया. यह गलत है.
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रिम्स निदेशक मामले में बाबूलाल ने सरकार पर बोला हमला
डॉ राजकुमार को हटाये जाने के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक को झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार के मुंह पर करारा तमाचा करार दिया है. मरांडी ने अपने सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ के हैंडल पर लिखा, ‘शासी परिषद की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री और विभागीय अधिकारियों के दबाव में करोड़ों रुपए के अवैध भुगतान से इंकार करने पर रिम्स निदेशक डॉ राजकुमार को हटाने के हेमंत सरकार के फैसले पर माननीय उच्च न्यायालय ने रोक लगाकर हेमंत सरकार के मुंह पर करारा तमाचा मारा है.’
शासी परिषद की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री और विभागीय अधिकारियों के दबाव में करोड़ों रुपये के अवैध भुगतान से इनकार करने पर रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार को हटाने के हेमंत सरकार के फैसले पर माननीय उच्च न्यायालय ने रोक लगाकर हेमंत सरकार के मुँह पर करारा तमाचा मारा है।
— Babulal Marandi (@yourBabulal) April 28, 2025
माननीय उच्च…
‘ईमानदार अधिकारी डॉ राजकुमार की तरह लड़ाई लड़ें’
भारतीय जनता पार्टी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने आगे लिखा है कि हाईकोर्ट के इस फैसले से हेमंत सरकार द्वारा रिम्स जैसी प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्था को अपने लूट का चारागाह बनाने की साजिश भी बेनकाब हुई है. उन्होंने लिखा, ‘राज्य के सभी ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों से मेरा निवेदन है कि आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी सरकार के पापों में सहभागी बनने से बेहतर है डॉ राजकुमार की तरह लड़ाई लड़ें और झारखंड को लुटने से बचाएं.’

अधिकारियों पर गलत काम का दबाव डालने वाले मंत्री को मंत्रिमंडल से बाहर करें – मरांडी
इतना ही नहीं, मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अनुरोध किया है कि अनुचित भुगतान करने का दबाव नहीं मानने के चलते रिम्स निदेशक को हटाने के इस मामले की सीबीआई से जांच करवाने का आदेश दें और अधिकारियों पर गलत काम कराने का दबाव डालने वाले मंत्री को मंत्रिमंडल से बाहर करें. अगर अभी ऐसा नहीं किया, तो आने वाले दिनों में ऐसे घोटाले फिर से आपके गले का फांस बनेंगे.’
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By Mithilesh Jha
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