ePaper

नेता प्रतिपक्ष मामले में झारखंड हाईकोर्ट गंभीर, विधानसभा सचिव को दिया ये निर्देश, स्पीकर ने क्या कहा ?

Updated at : 04 May 2023 7:02 AM (IST)
विज्ञापन
नेता प्रतिपक्ष मामले में झारखंड हाईकोर्ट गंभीर, विधानसभा सचिव को दिया ये निर्देश, स्पीकर ने क्या कहा ?

नेता प्रतिपक्ष मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सचिव को कहा स्पीकर के समक्ष दल-बदल के लंबित मामले को रखें, ताकि वह एक सप्ताह में निष्पादित हो सके. यदि नेता प्रतिपक्ष का मसला हल नहीं होता है, तो अगली सुनवाई के दाैरान विधानसभा सचिव कोर्ट में सशरीर उपस्थित रहें.

विज्ञापन

झारखंड हाइकोर्ट ने राज्य सूचना आयोग में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर अवमानना याचिका सहित अन्य जनहित याचिका पर सुनवाई की. चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र व जस्टिस आनंद सेन की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दाैरान प्रार्थियों का पक्ष सुनने के बाद झारखंड विधानसभा के सचिव को निर्देश दिया. खंडपीठ ने सचिव को निर्देश देते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष के मामले में स्पीकर को एक सप्ताह में निर्णय लेने संबंधी राय दें.

स्पीकर के समक्ष दल-बदल के लंबित मामले को रखें, ताकि वह एक सप्ताह में निष्पादित हो सके. यदि नेता प्रतिपक्ष का मसला हल नहीं होता है, तो अगली सुनवाई के दाैरान विधानसभा सचिव कोर्ट में सशरीर उपस्थित रहें. खंडपीठ ने इस बात पर नाराजगी जताते हुए माैखिक रूप से कहा कि नेता प्रतिपक्ष के नहीं रहने के कारण कई संवैधानिक संस्थाओं में नियुक्ति नहीं हो पा रही है. वहीं दल-बदल से संबंधित मामला अब तक विधानसभा अध्यक्ष के ट्रिब्यूनल में लंबित पड़ा हुआ है. यह स्थिति ठीक नहीं है.

खंडपीठ ने भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी, विधायक प्रदीप यादव व विधायक बंधु तिर्की द्वारा दायर याचिका को भी इस मामले के साथ टैग करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 मई की तिथि निर्धारित की. इससे पूर्व विधानसभा सचिव की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार ने पक्ष रखा. अवमानना याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभय कुमार मिश्र ने पक्ष रखते हुए राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त सहित आयुक्तों का मामला उठाया.

प्रदीप यादव व बंधु तिर्की की ओर से अधिवक्ता सुमित गाड़ोदिया उपस्थित थे. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने विधानसभा सचिव को मामले में प्रतिवादी बनाया था और जवाब मांगा था. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी राजकुमार ने अवमानना याचिका दायर की है. उन्होंने हाइकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने की मांग की है.

वहीं लोकायुक्त, राज्य मानवाधिकार आयोग, पुलिस शिकायत अथॉरिटी सहित लगभग 12 संवैधानिक संस्थाओं में अध्यक्ष व सदस्यों का पद खाली है. इन पदों को भरने को लेकर एडवोकेट एसोसिएशन व अन्य की ओर से अलग-अलग जनहित याचिका दायर की गयी है, जिसकी सुनवाई साथ-साथ हो रही है.

स्पीकर बोले : न्यायसंगत निर्णय हो, इसीलिए विलंब हो रहा है

विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने कहा है कि हाइकोर्ट ने बाबूलाल मरांडी के मामले में क्या निर्णय दिया है, इसकी जानकारी नहीं है. कोर्ट के फैसले की जानकारी लेने के बाद ही कुछ बोलने की स्थिति में रहूंगा. अभी सुनी-सुनाई बातों पर क्या बोलेंगे. स्पीकर श्री महतो ने कहा कि जहां तक विलंब होने की बात है, तो न्याय संगत और नियम कानून के निर्णय हो, इसलिए विलंब हुआ है. उचित निर्णय और तर्क संगत फैसला होना चाहिए. इस तरह के मामले से केवल झारखंड प्रभावित नहीं है, पूरे देश में यह मामला चल रहा है. श्री महतो ने कहा कि इसके कई पहलु का अध्ययन करना है. हर जगह की जानकारी लेनी है.

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola