झारखंड प्रतियोगी परीक्षा विधेयक-2023 में संशोधन, नकल करने पर अब होगी एक से तीन साल की जेल
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 04 Aug 2023 7:29 AM
विधायकों ने इसमें अपना-अपना पक्ष रखा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी विधायकों की सुनने के बाद विधेयक में तय सजा का प्रावधान को कम करने पर सहमति दी.
प्रतियोगिता परीक्षा में चोरी करते पकड़े जाने पर अब एक से तीन साल तक की सजा होगी. इसके साथ ही पांच लाख रुपये जुर्माने भी देना होगा. झारखंड प्रतियोगिता परीक्षा (भर्ती में अनुसूचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) विधेयक-2023 गुरुवार को सदन से पारित हो गया. प्रभारी मंत्री आलमगीर आलम द्वारा पेश इस विधेयक को प्रवर समिति में भेजने की मांग कई विधायकों ने की थी.
विधायकों ने इसमें अपना-अपना पक्ष रखा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी विधायकों की सुनने के बाद विधेयक में तय सजा का प्रावधान को कम करने पर सहमति दी. उन्होंने कहा कि जहां तीन साल सजा का प्रावधान है, उसे एक साल तथा जहां सात साल सजा का प्रावधान है, उसे तीन साल किया जा सकता है. इस संशोधन के साथ विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गया.
इससे पूर्व विपक्षी विधायकों ने विरोध करते हुए बिल की कॉपी सदन में फाड़ दी. वेल में आकर हंगामा किया. यह विधेयक राज्य लोक सेवा आयोग,कर्मचारी चयन आयोग, भर्ती समिति द्वारा आयोजित की जानेवाली परीक्षा, राज्य सरकार के लोक उपक्रमों द्वारा आयोजित परीक्षा के अलावा निगम और निकाय द्वारा आयोजित की जानेवाली परीक्षाओं पर लागू होगा. प्रवर समिति की मांग करते हुए विधायक विनोद सिंह ने कहा कि सरकार की मंशा ठीक है. विधेयक में जो सजा का प्रावधान किया गया है. उस पर विचार होना चाहिए.
अनंत ओझा ने कहा कि यह जल्दबाजी में लाया गया विधेयक है. काला कानून की तरह है. इसमें गड़बड़ी की जानकारी देनेवालों पर भी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है. लंबोदर महतो ने कहा कि इससे विद्यार्थी की छोटी गलती से उनका जीवन बर्बाद हो जायेगा. अमर बाउरी ने कहा कि राज्य में नियुक्ति प्रक्रिया हमेशा विवादों में रही है. अब जेपीएससी और जेएसएससी की गड़बड़ी बताने पर भी कार्रवाई होगी.
यह इनकी गलतियों को छिपाने के लिए लाया गया बिल है. नवीन जायसवाल ने कहा कि यह 26 हजार नियुक्तियों में चोर दरवाजे से घुसाने का प्रयास है. अमित मंडल, प्रदीप यादव और विरंची नारायण ने भी अपनी बात रखी. सरकार का पक्ष रखते हुए प्रभारी मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए सरकार ने यह विधेयक लाया है. कदाचार, प्रश्नपत्र लीक, पर्यवेक्षक, दबंग विद्यार्थी परीक्षा प्रक्रिया में बाधक बनते हैं. कोचिंग संस्थान, प्रिंटिंग प्रेस जानबूझ कर परीक्षा प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाते हैं. ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने का प्रावधान है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह अच्छा लग रहा है कि विपक्ष के साथी इस मुद्दे को लेकर गंभीर हैं. सरकार की भावना को गलत भी नहीं मान रहे हैं. लेकिन, वह चीजों को हमेशा काले चश्मे से देखते हैं. इस कारण उनको सबकुछ काला ही दिखता है. विपक्ष को दिल्ली के लिए लाये गये विधेयक और वन अधिकार कानून पर भी बात करना चाहिए.
इन लोगों ने पिछले 20 सालों तक नौजवानों के साथ खिलवाड़ किया है. अब जब बड़े पैमाने पर वैकेंसी आयी है, तो इसको बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं. इस तरह का प्रावधान कई राज्यों में है. यह काफी चिंतन-मंथन के साथ बना है. सरकार नौजवानों का भविष्य सुरक्षित रखना चाहती है. नौजवान काम नहीं मिलने के कारण गलत रास्ते में जा रहे हैं. भूखा पेट वह गलत काम कर रहे हैं.
परीक्षार्थियों के अलावा, परीक्षा की प्रक्रिया में शामिल होनेवाली एजेंसियां, सरकारी कर्मचारियों द्वारा प्रश्न पत्र लीक करने या परीक्षा की गोपनीयता भंग करनेवाली जानकारियों को सार्वजनिक करने को दंडनीय अपराध की श्रेणी
परीक्षा ड्यूटी में शामिल कर्मचारियों या उनके पारिवारिक सदस्यों या रिश्तेदारों को धमकी देना
परीक्षा के सिलसिले में गलत सूचना प्रचारित करने व अफवाह फैलाना भी अपराध की श्रेणी
परीक्षार्थी नकल करते या कराते हुए पकड़ा जाता है तो उसे एक साल की सजा, पांच लाख तक जुर्माना
दूसरी बार चोरी करते या कराते पकड़े जाने पर तीन साल की सजा और 10 लाख दंड
न्यायालय द्वारा सजा होने पर संबंधित परीक्षार्थी 10 साल तक प्रतियोगी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेगा
परीक्षा की प्रक्रिया में शामिल किसी कंपनी या एजेंसी द्वारा परीक्षा की गोपनीयता भंग करने, प्रश्न पत्र लीक करनेवालों को कम से कम 10 साल सजा
रांची. प्रदेश भाजपा ने झारखंड विधानसभा से पारित झारखंड प्रतियोगी परीक्षा विधेयक 2023 को काला कानून करार दिया है. इसके विरोध में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा का एक शिष्टमंडल चार अगस्त को दिन के 10 बजे राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से मिलेगा. भाजपा के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण ने कहा कि सरकार इस विधेयक के माध्यम से युवाओं के भविष्य को बर्बाद करना चाहती है.
रांची. प्रदेश भाजपा ने झारखंड विधानसभा से पारित झारखंड प्रतियोगी परीक्षा विधेयक 2023 को काला कानून करार दिया है. इसके विरोध में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा का एक शिष्टमंडल चार अगस्त को दिन के 10 बजे राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से मिलेगा. भाजपा के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण ने कहा कि सरकार इस विधेयक के माध्यम से युवाओं के भविष्य को बर्बाद करना चाहती है.
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