रांची में बोले भाजपा नेता अरुण सिंह- झारखंड लैंड जेहाद का सबसे बड़ा केंद्र, आलम इस्तीफा न दें, तो बर्खास्त किए जाएं

भाजपा के केंद्रीय महामंत्री अरुण सिंह. फोटो : प्रभात खबर
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और राज्यसभा के सांसद अरुण सिंह ने कहा है कि झारखंड देश का सबसे बड़ा लैंड जेहाद का केंद्र बन गया है. तुष्टिकरण की राजनीति हो रही है.
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद अरुण सिंह ने झारखंड को लैंड जेहाद का देश का सबसे बड़ा केंद्र बताया है. साथ ही कहा है कि यहां भ्रष्टाचार एवं तुष्टिकरण चरम पर है. अरुण सिंह ने आलमगीर आलम की गिरफ्तारी के मुद्दे पर कहा कि अगर वह इस्तीफा नहीं देते हैं, तो उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए.
अरुण सिंह बोले- 4 चरणों में एनडीए को बहुमत, अब 400 की ओर अग्रसर
लोकसभा चुनाव 2024 के बीच भाजपा महामंत्री अरुण सिंह गुरुवार (16 मई) को झारखंड की राजधानी रांची स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के 4 चरण संपन्न हो चुके हैं. उन्होंने दावा किया कि भाजपा और उसकेसहयोगी दलों ने इन्हीं चार चारणों में बहुमत का आंकड़ा हासिल कर लिया है. एनडीए 400 के आंकड़े की ओर बढ़ रहा है.
आंध्र, तेलंगाना, बंगाल, ओडिशा में एनडीए को एकतरफा फायदा
अरुण सिंह ने कहा कि आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और अन्य राज्यों में एनडीए को एकतरफा सीटों का लाभ हो रहा है. इसकी वजह से विपक्षी दलों के गठबंधन में हताशा और निराशा है. उन्होंने कहा कि झारखंड में I.N.D.I.A. की सरकार है. यहां भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण चरम पर है. देश ने देखा है कि एक मंत्री के पीएस के नौकर के घर से 38 करोड़ रुपए मिले हैं. ऐसे में कल्पना कीजिए कि इन लोगों के पास कितने 100 करोड़ रुपए होंगे.
आलमगीर आलम का इस्तीफा लें मुख्यमंत्री : अरुण सिंह
अरुण सिंह ने कहा कि आलमगीर आलम के पीएस और उसके नौकर के घर से इतने रुपए बरामद हुए. बावजूद इसके आलम ने अब तक इस्तीफा नहीं दिया. हम मुख्यमंत्री से आग्रह करेंगे कि वे आलमगीर आलम का इस्तीफा लें. साथ ही इस मामले की तेजी से जांच कराएं. झारखंड के लोगों को पता चलना चाहिए कि उनकी गाढ़ी कमाई किन लोगोंके पास पहुंचे हैं.
लॉकडाउन में आलमगीर आलम ने उड़ायी थी नियमों की धज्जियां
भाजपा नेता ने कहा कि ये वही आलमगीर आलम हैं, जिन्होंने कोरोना संक्रमण के दौरान जब देश भर में लॉकडाउन लगा था, उस वक्त तबलीगी जमात के लोगों को जमा किया. कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए उन्होंने जमात के लोगों को बंगाल और देश के अन्य राज्यों में भेजा था. आलमगीर आलम बहुचर्चित नाम हैं, लेकिन तुष्टिकरण की नीतिकी वजह से उनका इस्तीफा नहीं लिया जा रहा है.
आलमगीर आलम के खिलाफ होनी चाहिए कठोर कार्रवाई
राज्यसभा सांसद अरुण सिंह ने कहा कि आलमगीर आलम के खिलाफ सख्त कार्रवाई राज्य सरकार को करनी चाहिए थी, लेकिन अब तक सरकार ने मौन साध रखा है. उन्होंने कहा कि झारखंड में राजनेता नहीं, बल्कि लैंड माफिया, सेंड माफिया, स्टोन माफिया, लीकर माफिया सरकार चला रहे हैं. सरकार इनसे पैसे ले रही है. यही वजह है कि सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री जेल में बंद हैं. मंत्री जेल में हैं. दो-दो आईएएस अधिकारी जेल में बंद हैं.
एनडीए झारखंड को संवारती है, इंडी गठबंधन लूटता है
उन्होंने कहा कि झारखंड देश का पहला राज्य है, जहां के इतने अधिकारी भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद हैं. कहा कि भाजपा और एनडीए की सरकार आने पर झारखंड को संवारती है. वहीं, झामुमो, कांग्रेस, राजद गठबंधन की सरकार इसे लूटती रहती है. इसलिए झारखंड पिछड़ गया है.
झारखंड में चल रहा तुष्टिकरण का खेल, संताल परगना में लैंड जेहाद
कहा कि झारखंड में तुष्टिकरण का खेल चल रहा है. संताल परगना मैं लैंड जेहाद चल रहा है. बांग्लादेशी आते हैं, आदिवासी लड़कियों से शादी करते हैं. जमीन हड़पते हैं और लड़की को बोटी-बोटी काट देते हैं. सरकार उन पर कोई कार्रवाई नहीं करती, क्योंकि वह तुष्टिकरण के रास्ते पर चल रही है.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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