जेइइ मेंस : तीन साल में एसटी का 20 और इडब्ल्यूएस का 18 परसेंटाइल बढ़ा कट ऑफ

Updated at :25 Apr 2024 11:40 PM
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जेइइ मेंस 2024 में सभी कोटि के विद्यार्थियों के कट ऑफ में वृद्धि हुई है. इस वर्ष सभी कोटि के अभ्यर्थियों का कट ऑफ अब तक का सबसे अधिक रहा है. सामान्य वर्ग के बच्चों के कट ऑफ से अधिक वृद्धि आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों का हुआ.

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सुनील कुमार झा(रांची).

जेइइ मेंस 2024 में सभी कोटि के विद्यार्थियों के कट ऑफ में वृद्धि हुई है. इस वर्ष सभी कोटि के अभ्यर्थियों का कट ऑफ अब तक का सबसे अधिक रहा है. सामान्य वर्ग के बच्चों के कट ऑफ से अधिक वृद्धि आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों का हुआ. पिछले तीन वर्ष में पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कट ऑफ में लगभग 12 परसेंटाइल, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (इडब्ल्यूएस) के कट ऑफ में 18, अनुसूचित जाति (एससी) के कट ऑफ में लगभग 17 परसेंटाइल की बढ़ोतरी हुई है. इन तीन वर्षों में अनुसूचित जनजाति (एसटी) के विद्यार्थियों के कट ऑफ में सबसे अधिक वृद्धि हुई है. वर्ष 2022 में एससी का कट ऑफ 26.77 परसेंटाइल था. यह वर्ष 2024 में बढ़ कर 46.37 परसेंटाइल हो गया. अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के कट ऑफ में इन तीन वर्षों में 20 परसेंटाइल की बढ़ोतरी हुई है. यह किसी भी कोटि की तुलना में रिकाॅर्ड बढ़ोतरी है. पांच साल में पहली बार इस वर्ष इडब्ल्यूएस का कट ऑफ 80 परसेंटाइल के पार पहुंचा है.

एक्सपर्ट की नजर में क्या है कारण :

राज्य सरकार द्वारा संचालित मेडिकल व इंजीनियरिंग की नि:शुल्क कोचिंग संस्थान आकांक्षा के राज्य समन्वयक वीके सिंह का कहना है इसका एक प्रमुख कारण विद्यार्थियों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि है. इस वर्ष जेइइ मेन परीक्षा में दोनों सत्र मिलाकर लगभग 14,15,110 विद्यार्थी शामिल हुए थे. जबकि पिछले वर्ष विद्यार्थियों की संख्या 11,12000 थी. जेइइ मेन के कट ऑफ बढ़ने का यह एक प्रमुख कारण है.

ऑनलाइन कोचिंग से बढ़ा तैयारी का स्तर :

वीके सिंह का कहना है कि प्रतियोगिता परीक्षा की ऑनलाइन तैयारी की सुविधा से भी प्रतियोगिता बढ़ी है. आज घर बैठे विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए सभी प्रकार के पाठ्य सामग्री उपलब्ध हो रही है. विद्यार्थी की आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं है, तो वे कम खर्च में भी बेहतर तैयारी कर सकते हैं. विद्यार्थी अगर पढ़ाई को लेकर गंभीर है तो ऑनलाइन तैयारी के माध्यम से भी वह बेहतर रैंक प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि कोविड के बाद परीक्षा तैयारी के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में और बढ़ोतरी है. इसके अलावा झारखंड समेत देश के विभिन्न राज्यों में अब सरकार के स्तर से भी मेडिकल, इंजीनियरिंग समेत अन्य प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करायी जा रही है.

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