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हाइड्रोजन इंजन निर्माण परियोजना विकास को देगी गति, क्लाइमेट चेंज पर कर रहे सकारात्मक काम, बोले हेमंत सोरेन

Updated at : 25 Aug 2023 8:23 PM (IST)
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हाइड्रोजन इंजन निर्माण परियोजना विकास को देगी गति, क्लाइमेट चेंज पर कर रहे सकारात्मक काम, बोले हेमंत सोरेन

झारखंड में हाइड्रोन इंजन के निर्माण से जुड़ी परियोजना के लिए टीएसपीएल ग्रीन एनर्जी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के साथ झारखंड के उद्योग विभाग ने 25 अगस्त को एक समझौता किया. इस समझौते के साथ झारखंड में हाइड्रोन इंजन के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया. अब यहां उद्योग लेंगे और लोगों को रोजगार मिलेगा.

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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कहा है कि हाइड्रोजन इंजन निर्माण परियोजना से राज्य के विकास को गति मिलेगी. उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड को अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा करना उनका लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार क्लाइमेट चेंज से निबटने के लिए सकारात्मक काम कर रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाइड्रोजन इंजन निर्माण परियोजना के लिए टाटा मोटर्स एवं टाटा कमिंस के संयुक्त उपक्रम टीसीपीएल ग्रीन एनर्जी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड और झारखंड सरकार के बीच नई परियोजना से जुड़े समझौता पर हस्ताक्षर के लिए आयोजित कार्यक्रम में ये बातें कहीं.

उन्होंने कहा कि यह दिन झारखंड के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है. ऐसे तो देश की आजादी से लेकर अब तक झारखंड में उद्योग के क्षेत्र में कई कड़ियां जुड़ीं हैं, लेकिन यह बेहद खास है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ईश्वर ने इस राज्य को विभिन्न प्रकार की खनिज संपदाओं से आच्छादित किया है. यही कारण है कि झारखंड में कई छोटे-बड़े उद्योगों के साथ-साथ बड़े-बड़े तकनीकी उद्योग भी स्थापित हुए हैं.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज से दो दिन पहले देशभर में चंद्रयान मिशन को लेकर काफी चर्चा थी. भारत ने चंद्रयान मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया. हमारे वैज्ञानिकों ने यह फिर साबित किया कि भारत किसी से कम नहीं है. इस पूरे चंद्रयान अभियान में झारखंड के बोकारो जिला निवासी एक आदिवासी युवा शिवशंकर बेसरा का भी सराहनीय योगदान रहा है. शिवशंकर बेसरा इसरो की टीम में वैज्ञानिक के रूप में शामिल हैं.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के नौजवानों में हुनर की कोई कमी नहीं है. जरूरत इस बात की है कि हम नीति निर्धारण करने वाले लोग और यहां काम कर रही औद्योगिक संस्थाएं इस बात को समझें कि हमें इस राज्य के लिए क्या करना है. यहां के युवाओं को किस दिशा में आगे बढ़ाना है. उन्होंने कहा कि वैसे तो झारखंड कहने के लिए देश के पिछड़े राज्यों में शामिल है, परंतु हमारा राज्य पिछड़े राज्यों की लाइन में क्यों खड़ा है, मैं इसका मुकम्मल हल नहीं ढूंढ़ पाया हूं, लेकिन हल ढूंढ़ने के लिए निरंतर प्रयासरत हूं.

झारखंड को अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाकर खड़ा करना लक्ष्य

हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार झारखंड की युवा पीढ़ी की सोच के अनुरूप, यहां की जनभावनाओं के अनुरूप विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर एक बेहतर कार्ययोजना बनाते हुए राज्य को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम सभी लोग इस सभागार में जिस कार्य के लिए एकत्रित हुए हैं, यह सिर्फ झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय रहा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राज्य सरकार झारखंड की धरती पर हाइड्रोजन इंजन निर्माण के लिए टाटा मोटर्स एवं टाटा कमिंस के संयुक्त उपक्रम के साथ समझौता कर रही है. हाइड्रोजन इंजन परियोजना के शुरुआती दौर में हाइड्रोजन इंजन का इस्तेमाल सिर्फ हेवी व्हीकल में किया जाएगा, परंतु धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ेगा और छोटे वाहनों में भी हाइड्रोजन इंजन इस्तेमाल करने की परिकल्पना को पूरा किया जा सकेगा. हमें पूरा विश्वास है कि ऐसे ही प्रयासों से झारखंड पिछड़े राज्यों की श्रेणी से निकलकर देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा.

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प्रकृति के साथ समन्वय कर आगे बढ़ने की जरूरत

हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड प्रदेश का 30 फीसदी हिस्सा जंगलों से घिरा है. छोटे-छोटे झाड़-वनों को मिला दें, तो यह बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाता है. वर्तमान में देश और दुनिया के लिए जलवायु परिवर्तन तेजी से चुनौती बनकर उभर रहा है. क्लाइमेट चेंज को लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल पर बड़ी-बड़ी गोष्ठियां, सेमिनार हो रहे हैं. जलवायु परिवर्तन को लेकर हमारी सरकार एक बेहतर कार्ययोजना बनाते हुए जन सहभागिता के साथ कई क्षेत्रों में सकारात्मक कार्य कर रही है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली जैसे शहर की जलवायु के विषय में हम लोग अक्सर सुनते हैं. प्रकृति को चुनौती देना मानव जीवन के लिए भारी पड़ता दिख रहा है. वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन का घातक असर दिख रहा है. इसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कहीं बेमौसम बरसात तो कहीं सुखाड़, कहीं बाढ़, विचित्र स्थिति है. प्रकृति के साथ ज्यादा छेड़छाड़ करने का परिणाम भी हम सभी लोग देख रहे हैं. प्रकृति के साथ समन्वय स्थापित कर विकास के पथ पर आगे बढ़ने की जरूरत है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हाइड्रोजन इंजन निर्माण परियोजना जलवायु परिवर्तन में सुधार के लिए मील का पत्थर साबित होगा.

झारखंड को इलेक्ट्रिक व्हीकल हब बनाएंगे : गिरीश वाघ

टाटा मोटर्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर गिरीश वाघ ने कहा कि झारखंड भारत में पहला राज्य होगा, जहां हाइड्रोजन से चलने वाले इंजन बनाने का संयंत्र लगाया जाएगा. उन्होंने कहा कि अमेरिकी कंपनी कमिंस लिमिटेड के साथ टाटा मोटर्स ने 50-50 का ज्वाइंट वेंचर किया है. झारखंड को इलेक्ट्रिक व्हीकल हब के रूप में परिवर्तित करने के लिए इस कंपनी के आने के बाद कई सपोर्ट मिलेंगे. राज्य में आर्थिक विकास हो, इसके लिए उद्योगों को विकसित करने में झारखंड सरकार दिलचस्पी ले रही है. इससे एक हजार लोगों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से रोजगार मिलेगा. इसमें 75 फीसदी स्थानीय लोगों को नौकरी मिलेगी.

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क्लाइमेट चेंज से निबटने में झारखंड निभा रहा अग्रणी भूमिका : मुख्य सचिव

झारखंड सरकार के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने कहा कि आज का ये इवेंट ऐतिहासिक है. क्लाइमेट चेंज और ग्रीन एनर्जी बहुत बड़ा विषय है. हिमाचल प्रदेश की स्थिति हर कोई देख रहा है. पहले के हालात कुछ और थे, अब स्थिति बहुत खराब हो गई है. भारत की जब भी विकास यात्रा लिखी जाएगी, तब झारखंड का नाम जरूर आएगा. इसलिए झारखंड की यह नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि क्लाइमेट चेंज से निबटने में अग्रणी भूमिका निभाए. आज का ये एमओयू इस बात का गवाह है कि झारखंड इस दिशा में कदम बढ़ा रहा है.

तीन साल से उद्योग के क्षेत्र में बढ़ रहा झारखंड : उद्योग सचिव

मौके पर झारखंड सरकार के उद्योग सचिव ने बताया कि झारखंड में मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में 3 सालों में उद्योग के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है. झारखंड उद्योग के मामले में काफी धनी है. अगर बात आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर एरिया की करें, तो वहां पड़े पैमाने पर इंडस्ट्री हैं.

इस अवसर पर उद्योग विभाग के सचिव जितेंद्र कुमार सिंह और भारत में कमिंस ग्रुप के मुख्य वित्तीय अधिकारी अजय पाटील ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री सत्यानंद भोक्ता, टाटा मोटर्स के कार्यकारी निदेशक गिरीश वाघ तथा कमिंस इंडिया में इंजन व्यवसाय के उपाध्यक्ष नितिन जिराफे की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए.

इस अवसर पर श्रम नियोजन एवं कौशल विकास विभाग के मंत्री सत्यानंद भोक्ता, राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री की प्रधान सचिव वंदना दादेल, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, उद्योग विभाग के सचिव जितेंद्र कुमार सिंह, कमिंस ग्रुप के मुख्य वित्तीय अधिकारी अजय पाटील सहित राज्य सरकार के अन्य वरीय पदाधिकारी एवं टाटा समूह के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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