Modi@75: अटल बिहारी वाजपेयी ने बनाया अलग झारखंड, राज्य को ऐसे गढ़ रहे पीएम नरेंद्र मोदी
Published by : Mithilesh Jha Updated At : 17 Sep 2025 11:31 AM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 75 साल के हुए.
Happy Birthday PM Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर 2025 को अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं. उनके जन्मदिन को भव्य तरीके से मनाने का फैसला भारतीय जनता पार्टी ने किया है. समूचे झारखंड में पीएम के जन्मदिन पर कार्यक्रमों का आयोजन होगा. इस दौरान यह जानना जरूरी है कि अटल बिहारी वाजपेयी ने जिस झारखंड राज्य के गठन का मार्ग प्रशस्त किया, पीएम मोदी ने उसको पूर्वी भारत का विकास इंजन बनाने के लिए अब तक क्या-क्या किया.
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Happy Birthday PM Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का झारखंड से एक अलग तरह का रिश्ता है. वह कहते हैं कि वह झारखंड को विकसित राज्यों की श्रेणी में देखना चाहते हैं. अटल बिहारी वाजपेयी की जब केंद्र में सरकार बनी, तो उन्होंने लंबे समय से चली आ रही अलग झारखंड राज्य की मांग को पूरा किया. उनके शासनकाल में 15 नवंबर 2000 को बिहार से अलग होकर झारखंड राज्य अस्तित्व में आया. उम्मीद थी कि अलग झारखंड राज्य का गठन होने के बाद क्षेत्र के आदिवासियों का विकास होगा, लेकिन आशा के अनुरूप उनका विकास नहीं हो पाया. हालांकि, पीएम मोदी आदिवासियों के हित में योजनाएं लागू कर रहे हैं, जिसका लाभ लोगों को मिल रहा है.
झारखंड के विकास में पीएम के योगदान पर चर्चा
झारखंड जैसे आदिवासी बहुल राज्य के लिए प्रधानमंत्री मोदी का योगदान उल्लेखनीय रहा है. 2014 से अब तक, उन्होंने झारखंड को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई कदम उठाये हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर हम झारखंड के विकास में उनके योगदान की चर्चा करेंगे. आपको बतायेंगे कि वो कौन-कौन सी योजनाएं हैं, जिसकी शुरुआत मोदी जी ने झारखंड के लिए की. कौन सी वो योजनाएं हैं, जिसकी शुरुआत झारखंड को केंद्र में रखकर की गयी.
झारखंड को पूर्वी भारत के विकास का इंजन बनाना चाहते हैं मोदी
इस आलेख में उनके कार्यकाल में झारखंड के लिए किये गये प्रयासों, झारखंड केंद्रित योजनाओं, आदिवासी कल्याण, फंड आवंटन और उनके राज्य के दौरे पर चर्चा करेंगे. प्रधानमंत्री बनने के बाद झारखंड में झारखंड को बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है. राज्य की खनिज संपदा के बावजूद पिछड़ापन एक चुनौती था, लेकिन मोदी सरकार ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित पूर्वांचल’ के तहत झारखंड को मजबूत बनाया. प्रधानमंत्री के इन प्रयासों को झारखंड को पूर्वी भारत के विकास का इंजन बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम माना जा रहा है.

पीएम बनने के बाद इन क्षेत्रों पर मोदी का फोकस
- रेल और सड़क कनेक्टिविटी : झारखंड में रेलवे का बजट वर्ष 2014 से पहले के मुकाबले 16 गुना बढ़ गया है. वंदे भारत ट्रेनों के विस्तार (टाटानगर-पटना, देवघर-वाराणसी) की वजह से यात्रा का समय कम हुआ है. NH-19 और NH-43 जैसे राजमार्गों का विस्तार हुआ है, जिससे कोयला और स्टील उद्योगों को माल ढुलाई में सहूलियत हुई है.
- ऊर्जा और खनन : नॉर्थ कर्णपुरा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (2400 MW) और सिंदरी उर्वरक संयंत्र (13,000 करोड़ रुपए) का उद्घाटन पीएम मोदी ने किया. कोयला क्षेत्र में 100 प्रतिशत विद्युतीकरण और गैस पाइपलाइन (जैसे जगदीशपुर-हल्दिया-बोकारो-धामरा) से ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है.
- स्वास्थ्य और शिक्षा : AIIMS देवघर का उद्घाटन और 40 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) का शुभारंभ किया गया. जल जीवन मिशन से 5,550 PVTG गांवों में नल से जल पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है.
- आर्थिक विकास : मेक इन इंडिया और पीएलआई स्कीम से स्टील और ऑटोमोबाइल उद्योगों को बढ़ावा मिला है. इतना ही नहीं, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए मुद्रा योजना से 30 लाख से अधिक लोगों को ऋण मिला है.
- कृषि और ग्रामीण विकास : प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना से करोड़ों किसान लाभान्वित हुए हैं. स्वच्छ भारत मिशन से गांवों में स्वच्छता अभियान में तेजी आयी है. इसका फायदा ग्रामीणों को मिल रहा है.
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मोदी सरकार ने शुरू की झारखंड केंद्रित ये योजनाएं
मोदी सरकार की अधिकांश योजनाएं राष्ट्रीय हैं, लेकिन झारखंड की आदिवासी आबादी (26 प्रतिशत राज्य की जनसंख्या) और खनिज संसाधनों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाओं को राज्य को केंद्रित करते हुए लागू कियआ गया. कुल मिलाकर, 29 केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) में से 6 कोर-ऑफ-कोर और 24 कोर योजनाएं झारखंड को ध्यान में रखकर बनीं हैं. विशेष रूप से झारखंड-केंद्रित या आदिवासी फोकस वाली प्रमुख योजनाएं इस प्रकार हैं. ये योजनाएं झारखंड की 40 प्रतिशत आदिवासी आबादी को लक्षित हैं.
| योजना का नाम | उद्देश्य | झारखंड में प्रभाव |
|---|---|---|
| धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (2024) | 63,000 आदिवासी गांवों में बुनियादी सुविधाएं (स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका) | 79,150 करोड़ का आउटले, 5 करोड़ आदिवासियों को लाभ. झारखंड के 549 गांवों में 25 योजनाओं की शुरुआत. |
| PM-JANMAN (2023) | PVTG के लिए आवास, सड़क, बिजली, पानी की व्यवस्था | 24,000 करोड़ रुपए. झारखंड में 1,380 किमी सड़कें, 75,800 घरों में बिजली, 275 मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू. |
| विकसित भारत संकल्प यात्रा (2023) | फ्लैगशिप योजनाओं का संतृप्तिकरण आदिवासी जिलों से शुरू किया गया | झारखंड में PM-KISAN, PMAY, उज्ज्वला योजना का 80 प्रतिशत तक लाभ पहुंचा. |
| एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) | आदिवासी बच्चों के लिए शिक्षा | 40 स्कूल का हो चुका है उद्घाटन, 25 का शिलान्यास, झारखंड में 69 स्कूल स्वीकृत. |
| वन धन विकास केंद्र (Van Dhan Vikas Kendras) | आदिवासी उत्पादों का विपणन | 250 केंद्र. महुआ लड्डू, आंवला अचार जैसे उत्पादों से आय बढ़ी. |
| सिंदरी ऊर्वरक संयंत्र पुनरुद्धार (2024) | उर्वरक उत्पादन | 13,000 करोड़ रुपए, किसानों को सस्ती खाद मिली. |
| नॉर्थ कर्णपुरा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट | ऊर्जा सुरक्षा | 660 MW का यूनिट. चतरा जिले में रोजगार का सृजन. |
| PMAY-ग्रामीण (झारखंड फोकस) | ग्रामीण आवास | 1,13,400 पीएम आवास स्वीकृत, 32,000 लाभार्थियों को आवंटित. |
Happy Birthday PM Narendra Modi: जनजातियों के लिए शुरू की गयी विशिष्ट योजनाएं
झारखंड में 32 अनुसूचित जनजातियां हैं. इनमें बिरहोर, असुर, सबर जैसे PVTGs शामिल हैं. मोदी के कार्यकाल में आदिवासी कल्याण पर विशेष जोर दिया गया. कुछ कार्यक्रम इस प्रकार हैं :-
| कब-कौन सी योजना शुरू हुई | कितने रुपए की योजना | योजना के क्या हुए फायदे |
|---|---|---|
| PM-JANMAN (प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान, 2023) | 24,000 करोड़ रुपए | PVTG के लिए 11 विभाग (आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा समेत), झारखंड में 3,000 गांवों में 75,800 घरों का विद्युतीकरण, 5,550 गांवों में नल से जल पहुंचाया गया. |
| धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (2024) | बिरसा मुंडा के नाम पर 79,150 करोड़ रुपए | 63,000 ST बहुल गांवों में 25 योजनाएं (17 मंत्रालयों से). झारखंड में 20 लाख घर, 25,000 किमी सड़कें, 100 बाजार केंद्र. |
| ईएमआरएस (EMRS) | 2019 से विस्तार | झारखंड के 13 जिलों में 69 स्कूल खोलने की योजना, वर्ष 2024 तक 40 स्कूलों का हो चुका है उद्घाटन. |
| वन धन योजना | 90 वन उत्पादों पर सहायता | झारखंड में 250 केंद्र, आय दोगुनी. |
| फॉरेस्ट राइट्स एक्ट | 21.99 लाख व्यक्तिगत और 1.08 लाख सामुदायिक पट्टे का वितरण. | |
| ट्राइबल फ्रीडम फाइटर्स म्यूजियम | रांची में बिरसा मुंडा स्मारक का वर्ष 2023 में उद्घाटन. | |
जनजातियों के लिए शुरू किये गये काम
- धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (2024) बिरसा मुंडा के नाम पर 79,150 करोड़ रुपए, 63,000 ST बहुल गांवों में 25 योजनाएं (17 मंत्रालयों से). झारखंड में 20 लाख घर, 25,000 किमी सड़कें, 100 बाजार केंद्र.
- ईएमआरएस (EMRS) 2019 से विस्तार, झारखंड के 13 जिलों में 69 स्कूल, वर्ष 2024 में 40 का हो चुका है उद्घाटन.
- वन धन योजना 90 वन उत्पादों पर सहायता, झारखंड में 250 केंद्र, आय दोगुनी.
- फॉरेस्ट राइट्स एक्ट 21.99 लाख व्यक्तिगत और 1.08 लाख सामुदायिक पट्टे का वितरण.
- ट्राइबल फ्रीडम फाइटर्स म्यूजियम, रांची में बिरसा मुंडा स्मारक का वर्ष 2023 में उद्घाटन.
- ये योजनाएं आदिवासी साक्षरता (66 प्रतिशत से बढ़कर 76 प्रतिशत) और स्वास्थ्य को मजबूत कर रही हैं.

पीएम मोदी सरकार की ओर से झारखंड को आवंटित फंड
वर्ष 2014 से 2025 तक केंद्र ने झारखंड को कुल 2.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का आवंटन किया. इसमें राजस्व हस्तांतरण, योजनाएं, पूंजीगत व्यय शामिल हैं.
- कुल केंद्रीय हस्तांतरण (2014-24) 1.8 लाख करोड़ रुपए (टैक्स डिवीजन, ग्रांट-इन-एड)
- PM-JANMAN (24,000 करोड़ रुपए, झारखंड का हिस्सा 5,000 करोड़)
- धरती आबा (79,150 करोड़, राज्य का हिस्सा 10,000 करोड़)
- रेलवे 7,000 करोड़ रुपए वार्षिक, कुल 50,000 करोड़ रुपए
- सिंदरी प्लांट के लिए 13,000 करोड़ रुपए.
- 2024-25 के बजट में 35,700 करोड़ रुपए ऊर्वरक, रेल, पावर सेक्टर के लिए आवंटित
- 2025-26 में अतिरिक्त 83,700 करोड़ रुपए आदिवासी विकास के लिए
पीएम मोदी कितनी बार और कब-कब झारखंड आये
| मोदी के दौरे की तारीख | जिला/स्थान | झारखंड यात्रा का उद्देश्य |
|---|---|---|
| 25 मई 2014 | रांची | विकास परियोजनाओं का शिलान्यास (सिंदरी ऊर्वरक, AIIMS देवघर) |
| 17 फरवरी 2015 | हजारीबाग, रांची | स्वास्थ्य, शिक्षा, जल परियोजनाएं; आकांक्षी जिलों की समीक्षा |
| 2 जनवरी 2019 | पलामू | मंडल डैम (2,500 करोड़) का शिलान्यास, जल संकट का समाधान |
| 12 सितंबर 2019 | रांची | आयुष्मान भारत की लांचिंग, स्वास्थ्य योजना की शुरुआत |
| 15 नवंबर 2023 | रांची, खूंटी (उलीहातू) | बिरसा मुंडा की स्मृति में जनजातीय गौरव दिवस पर PM-JANMAN लांच (24,000 करोड़) |
| 1 मार्च 2024 | धनबाद (सिंदरी) | 35,700 करोड़ की परियोजनाएं (ऊर्वरक, रेल, कोयला). एक रैली भी की. |
| 15 सितंबर 2024 | जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम) | 6 वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.660 करोड़ की रेल परियोजनाओं और PMAY के लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास की सौगात दी. |
| 2 अक्टूबर 2024 | हजारीबाग | 83,700 करोड़ की परियोजनाएं, धरती आबा अभियान की लांचिंग, BJP की परिवर्तन यात्रा का समापन |
| 4 नवंबर 2024 | गढ़वा, चाईबासा | चुनावी रैलियों को संबोधित किया. विकास के वादे किये |
| 10 नवंबर 2024 | बोकारो, गुमला | चुनावी रैलियां कीं और BJP उम्मीदवार के लिए जनता से समर्थन मांगा |

17 सितंबर 1950 को गुजरात में हुआ था नरेंद्र मोदी का जन्म
नरेंद्र मोदी का झारखंड प्रेम स्पष्ट है. एक राज्य जो खनिजों से समृद्ध, लेकिन विकास से वंचित था, आज ‘विकसित झारखंड’ की ओर अग्रसर है. 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में एक साधारण परिवार में जन्मे नरेंद्र मोदी भारत के सर्वोच्च पद पर पहुंचे. उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के साथ देश को नयी दिशा दे रहे हैं.
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लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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