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प्रशिक्षित प्राथमिक शिक्षकों की चांदी, वेतन में होगा बंपर इजाफा, 8 सप्ताह में मिलेंगे सभी लाभ

Updated at : 30 Nov 2025 6:59 AM (IST)
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Good News For Teachers Jharkhand High Court News

झारकंड हाइकोर्ट ने शिक्षकों के हक में सुनाया फैसला.

Good News Teachers Salary Hike: झारखंड हाइकोर्ट के एक आदेश से प्रशिक्षित प्राथमिक शिक्षकों की चांदी होने वाली है. शिक्षकों के वेतन में बड़ी बढ़ोतरी होगी. कोर्ट ने इस संबंध में फैसला सुना दिया है और सरकार को आदेश दिया है कि जल्द से जल्द इस संबंध में आदेश जारी करे. कोर्ट ने अपने आदेश में और क्या-क्या कहा है, यह भी यहां पढ़ें.

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Good News Teachers Salary Hike| रांची, राणा प्रताप : प्रशिक्षित प्राथमिक शिक्षकों को उत्क्रमित वेतनमान मिलने का रास्ता साफ हो गया है. झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने इस मामले में अपना फैसला सुना दिया है. अदालत ने कहा है कि प्रशिक्षित प्राथमिक शिक्षकों का वेतन निर्धारण छठे वेतन आयोग के अनुरूप पे-बैंड-2 (9300–34800) और ग्रेड पे-4200 में किया जाना चाहिए. यह लाभ 1 जनवरी 2006 से प्रभावी होगा.

वेतन निर्धारन का आदेश जारी करे सरकार – कोर्ट

अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ताओं के पक्ष में वेतन निर्धारण का आदेश जारी करे. इसमें नोट-5 के साथ क्लॉज 8(1)(ए) तथा उस क्लॉज में दिये गये दूसरे प्रोविजन्स व फिटमेंट टेबल नंबर एस-12 को ध्यान में रखा जाये, जो राज्य के 28 फरवरी 2009 के रेजोल्यूशन के एनेक्सर-एफ में है.

Good News For Teachers: अदालत ने सुरक्षित रखा था फैसला

हाइकोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि 28 फरवरी 2009 की अधिसूचना स्पष्ट रूप से प्रशिक्षित प्राथमिक शिक्षकों को 6500-10500 के पे-स्केल में अपग्रेड करती है. फिटमेंट टेबल-एस12 इस नये वेतनमान को पे-बैंड-2 और ग्रेड पे 4200 में परिवर्तित करता है. इसमें किसी तरह की अस्पष्टता नहीं है. सरकार द्वारा वर्ष 2014 में जारी संकल्प को रोकने वाला पत्र और 2018 की अधिसूचना इस मूल प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं डालते हैं, क्योंकि वेतन निर्धारण की मूल संरचना 2009 की अधिसूचना में ही तय हो चुकी थी. वैसी स्थिति में विभागीय अधिकारियों द्वारा वेतन निर्धारण नहीं करने का आधार न्यायसंगत नहीं है.

सुधीर कुमार सिंह व अन्य ने हाइकोर्ट में दाखिल की थी याचिका

16 अक्तूबर को इस मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इस मामले में सुधीर कुमार सिंह और अन्य की ओर से अलग-अलग याचिकाएं दायर की गयीं थीं. उन्होंने उत्क्रमित वेतनमान रोकने से संबंधित सरकार के आदेश को चुनौती दी थी.

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सरकार के वेतन निर्धारण आदेश को दी थी चुनौती

कई प्रशिक्षित प्राथमिक शिक्षकों ने राज्य सरकार द्वारा जारी किये गये वेतन निर्धारण आदेशों को झारखंड हाइकोर्ट में चुनौती दी थी. याचिकाकर्ताओं का कहना था कि राज्य सरकार ने 2009 की अधिसूचना में प्रशिक्षित प्राथमिक शिक्षकों का प्री-रिवाइज्ड पे-स्केल 4500-7000 से बढ़ा कर 6500-10500 कर दिया था. इसके बाद फिटमेंट टेबल-एस 12 के आधार पर उन्हें स्वाभाविक रूप से ग्रेड पे 4200 मिलना चाहिए था, लेकिन व्यावहारिक रूप से इसे लागू नहीं किया गया.

12 सप्ताह में अपग्रेडेड वेतन तय करें – हाईकोर्ट

अदालत ने कहा है कि आदेश की प्रति मिलने की तिथि से 12 सप्ताह के भीतर उत्क्रमित वेतन (अपग्रेडेड वेतन) निर्धारण किया जाये. अदालत ने सरकार को यह भी निर्देश दिया कि शेड्यूल-एक के क्रम संख्या-13, शेड्यूल-3 के क्रम संख्या 309 और 300 में की गयी इंट्री व प्रोविजन पर भी विचार किया जाये.

8 सप्ताह में प्रतिवादी के पक्ष में सभी लाभ का भुगतान करें

कोर्ट ने कहा कि यह भी ध्यान में रखा जाये कि राज्य सचिवालय में पदस्थापित असिस्टेंट व पर्सनल असिस्टेंट, जिनके पे स्केल अपग्रेडेशन का मामला भी था, उन्हें 1 अक्टूबर 2019 को जारी आदेश से 28 फरवरी 2009 के अनुसार उनके पे स्केल में बदलाव की इजाजत दी गयी है. याचिकाकर्ताओं का पे-स्केल तय होने तथा आदेश जारी होने के बाद 8 सप्ताह में प्रतिवादी याचिकाकर्ताओं के पक्ष में सभी लाभ का भुगतान करेंगे.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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