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Ranchi news : हर घर नल जल योजना में फंड का संकट, ठेकेदारों पर डिफॉल्टर होने का खतरा

Updated at : 24 Sep 2025 1:03 AM (IST)
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Ranchi news : हर घर नल जल योजना में फंड का संकट, ठेकेदारों पर डिफॉल्टर होने का खतरा

1300 संवेदकों को डेढ़ साल से नहीं हुआ है भुगतान, बैंकों का कर्ज बढ़ा.

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सतीश कुमार, रांची.

झारखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट हर घर नल जल योजना पर फंड की कमी का संकट गहरा गया है. इस कारण योजना लगभग ठप हो गयी है. पिछले वित्तीय वर्ष (2024-25) से केंद्रांश की राशि राज्य सरकार को नहीं मिलने के कारण सिंगल विलेज स्कीम/क्लस्टर के तहत काम कर रहे लगभग 1300 संवेदकों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गयी है. क्योंकि, उन्हें डेढ़ साल से भुगतान नहीं मिला है. जिन ठेकेदारों ने बैंक से कर्ज लेकर काम किया था, वे किस्त नहीं चुका पा रहे हैं और डिफॉल्टर की श्रेणी में आ गये हैं. बैंकों ने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी है. जल जीवन मिशन के तहत राज्य में सिंगल विलेज स्कीम की 97,929 योजनाएं स्वीकृत हैं.

कान्हा इंटरप्राइजेज कंपनी हो गयी एनपीए

रांची पूर्वी और खूंटी में काम करने वाली कंपनी कान्हा इंटरप्राइजेज का बैंक लोन इतना बढ़ गया कि कंपनी एनपीए हो गयी है. इसके फ्लैट की नीलामी प्रक्रिया शुरू की गयी है. संवेदक ने बैंक से लोन लेने के लिए अपना फ्लैट गिरवी रखा था. इधर, किस्त जमा नहीं करने पर बैंक ने संवेदक के खिलाफ सर्टिफिकेट केस दर्ज किया है.

संवेदकों पर बढ़ रहा बोझ

संवेदकों के अनुसार, अलग-अलग योजनाओं में 80 प्रतिशत काम तक पूरा हो चुका है, लेकिन योजना पूर्ण नहीं होने के कारण राशि को रोक कर रखा गया है. फंड नहीं मिलने के कारण संवेदक पिछले 18 माह से बैंक की किस्त जमा नहीं कर पा रहे. बैंकों ने उन्हें नोटिस भेजकर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.

केंद्र ने स्पष्ट कर दी है स्थिति

केंद्र सरकार ने 15 अगस्त 2019 में पांच वर्षों के लिए जल जीवन मिशन योजना शुरू की थी. लेकिन, कई राज्यों में काम नहीं पूरा होने पर इस योजना को 2028 तक विस्तार दिया गया है. इधर, जून 2025 में केंद्र सरकार ने राज्यों को पत्र लिख कर स्पष्ट कर दिया है कि जल राज्य का विषय है और राज्य अपने संसाधनों से योजना का कार्यान्वयन जारी रख सकते हैं. केंद्रीय सहायता अनुदान पात्र राज्यों को तभी जारी किया जायेगा, जब जल जीवन मिशन के विस्तार के लिए सक्षम पदाधिकारी से अनुमोदन प्राप्त होगा.

योजना की जमीनी हकीकत

जमीनी हकीकत यह है कि जल जीवन मिशन के तहत चल रहीं अधिकांश परियोजनाएं ठप हो चुकी हैं. राज्य में लगभग 62.53 लाख घरों तक नल से जल पहुंचाया जाना है. लेकिन, अब तक सरकार की ओर से 55 प्रतिशत घरों में ही नल से जल पहुंचाया गया है. एग्रीमेंट के अनुसार, पिछले पांच वर्षों से संवेदक इन योजनाओं का ऑपरेशन व मेंटेनेंस कर रहे हैं, लेकिन इन्हें राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है.

बोले मंत्री

केंद्र सरकार की ओर से जल जीवन मिशन में वित्तीय वर्ष 2024-25 से अब तक केंद्रांश की राशि नहीं रिलीज की गयी है. इसको लेकर हमारे नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से मिला था. इधर, मंत्रालय की ओर से पत्र भेज कर कहा गया है कि जल जीवन मिशन योजना का विस्तार अभी प्रक्रियाधीन है. अनुदान की राशि तभी प्राप्त होगी, जब सक्षम पदाधिकारी से अनुमोदन प्राप्त होगा.

योगेंद्र प्रसाद, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रीB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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