HEC को बचाने के लिए रांची की सड़क पर इंजीनियर छान रहे जलेबी, कल बजायेंगे ताली और थाली

Updated at : 09 Dec 2022 2:22 PM (IST)
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HEC को बचाने के लिए रांची की सड़क पर इंजीनियर छान रहे जलेबी, कल बजायेंगे ताली और थाली

Engineers Cooking Jalebi In Ranchi: एचईसी के अधिकारी ने कहा कि ताली और थाली बजाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. इससे बड़ी-बड़ी महामारी दूर हो जाती है. अगर कोरोना महामारी ताली और थाली बजाने से दूर हो सकती है, तो क्या हम ऐसा करके एचईसी को नहीं बचा सकते?

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Engineers Cooking Jalebi In Ranchi: हेवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन (एचईसी) के इंजीनियर ‘मदर ऑफ ऑल इंडस्ट्रीज’ (सभी उद्योगों की जननी) को बचाने के लिए सड़क पर उतर आये हैं. एचईसी (HEC) के इंजीनियरों ने शुक्रवार को कंपनी मुख्यालय के बाहर सड़क पर जलेबी छानकर अपना विरोध जताया. साथ ही कहा कि अब शनिवार को ताली बजायेंगे. थाली बजायेंगे और लोगों से अपील करेंगे कि वे एचईसी को बचाने के लिए आगे आयें.

एलियन सीएमडी की वजहसे जलेबी जैसी हो गयी जिंदगी

एचईसी के एक इंजीनियर ने संवाददाता से बात करते हुए कहा कि कंपनी के ‘एलियन सीएमडी’ की वजह से यहां काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की जिंदगी वैसी ही जटिल हो गयी है, जैसी जलेबी की बनावट होती है. यही वजह है कि इंजीनियर्स ने जलेबी छानकर विरोध-प्रदर्शन किया है. उन्होंने कहा कि हमारी जिंदगी ऐसे मोड़ पर पहुंच गयी है, जहां से अब उम्मीद की कोई किरण नजर नहीं आ रही है.

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इस अधिकारी से जब उनका नाम पूछा गया, तो उन्होंने अपना नाम इस तरह से बताया, ‘हम हैं एचईसी प्रबंधन और हमारे एलियन सीएमडी के कुप्रबंधन से मजबूर और एक त्रस्त अधिकारी’. उन्होंने बताया कि शनिवार को सुबह साढ़े 10 बजे से साढ़े 11 बजे के बीच एचईसी के अधिकारी और कर्मचारी धुर्वा गोल चक्कर से एचईसी मुख्यालय तक एक मार्च निकालेंगे.

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झारखंड के लोगों से एचईसी के इंजीनियरों ने की ये अपील

इस दौरान मार्च में शामिल लोग ताली और थाली बजायेंगे. लोग अपने साथ थाली और चम्मच लेकर आयेंगे. लोग ताली और थाली बजाकर विरोध-प्रदर्शन करेंगे. अधिकारी ने अपील की है कि रांची और झारखंड के सभी लोग एचईसी को बचाने के लिए आगे आयें. उन्होंने कहा कि सभी मजदूर, कर्मचारी, एचईसी के आसपास के दुकानदार संघ और झारखंड के लोग चम्मच और थाली लेकर आयें इस विरोध मार्च में शामिल हों. एचईसी के अधिकारियों और कर्मचारियों के आंदोलन को मजबूती प्रदान करें.

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एचईसी के अधिकारी ने कहा कि ताली और थाली बजाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. इससे बड़ी-बड़ी महामारी दूर हो जाती है. अगर कोरोना महामारी ताली और थाली बजाने से दूर हो सकती है, तो क्या हम ऐसा करके एचईसी को नहीं बचा सकते? क्या हमारा 13 महीने का वेतन भुगतान नहीं हो सकता? हमारी भुखमरी की समस्या भी इससे दूर हो सकती है. इसलिए हमने ताली और थाली बजाते हुए धुर्वा गोल चक्कर से एचईसी मुख्यालय तक मार्च करने का निर्णय किया है.

एचईसी की बदहाली के लिए प्रबंधन का कुप्रबंधन जिम्मेदार

अधिकारी ने एचईसी की बदहाली के लिए प्रबंधन के कुप्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि हमारी कंपनी के सीएमडी एलियन सीएमडी हैं, जिनके पास कंपनी को बेहतर तरीके से चलाने का रोडमैप नहीं है. यही वजह है कि कंपनी में काम कर रहे लोग भुखमरी की कगार पर पहुंच गये हैं.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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