करोड़ों की नकद मिलने की सूचना पर रांची पहुंचे ईडी के एडिशनल ज्वाइंट डायरेक्टर, जहांगीर के आसपास रहने वाले चकित

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 07 May 2024 7:20 AM

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मंत्री आलमगीर आलम के पीएस के नौकर के घर से करोड़ों की नगद रकम मिलने पर आसपास के लोग हैरान हैं. वहीं, इसकी सूचना मिलने पर ईडी के एडिशनल ज्वाइंट डायरेक्टर कपिल राज दिल्ली से रांची पहुंचे और पूरी जानकारी ली.

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रांची: ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के निजी सहायक जहांगीर आलम के गाड़ीखाना स्थित सर सैयद रेसीडेंसी अपार्टमेंट के दूसरे तल्ले पर स्थित फ्लैट से करोड़ों रुपये की बरामदगी के बाद सोमवार की शाम इडी के एडिशनल ज्वाइंट डायरेक्टर कपिल राज दिल्ली से रांची पहुंचे. उन्होंने जहांगीर के फ्लैट पर पहुंचकर विभागीय अधिकारियों से बरामदगी के बारे में जानकारी ली. जहांगीर के अलावा मंत्री के पीएस संजीव लाल, बिल्डर मुन्ना सिंह सहित नौ के ठिकानों पर सोमवार की सुबह से ही इडी की टीम ने कार्रवाई शुरू की. मंत्री के सहायक जहांगीर आलम के यहां मिले नोटों की गिनती के लिए इडी ने चार-पांच मशीनें मंगवायी थी. लेकिन बार-बार बिजली कटने के कारण मशीन बंद होने से नोटों की गिनती प्रभावित हो रही थी. बार-बार काम में बाधा आने पर इडी के एक अधिकारी ने बिजली विभाग के अफसर को फोन किया. इसके बाद बिजली आयी और नोटों की गिनती शुरू हुई. रात नौ बजे तक यहां मिले नोटों की गिनती जारी थी. जहांगीर के यहां मिले नोटों के बाद आसपास के लोग चकित थे. कह रहे थे कि यह स्कूटी से कुछ सामान थैले में लेकर आता था. फिर थैले को अपने फ्लैट में रखकर चला जाता था. कभी कभार रात में बड़ी गाड़ी से भी कुछ लोग आते थे. जहांगीर आसपास के लोगों से मतलब नहीं रखता था. स्कूटी से चलनेवाले के पास नोटों का अंबार मिलेगा, यह विश्वास ही नहीं होता.

संजीव के दोनों घरों में दिनभर रही इडी की टीम

रांची: मंत्री आलमगीर आलम के सरकारी पीएस संजीव लाल के रांची स्थित दोनों घरों में इडी के अधिकारी अहले सुबह ही आ गये थे. संजीव लाल के दीनदयाल नगर स्थित सरकारी आवास में एक इनोवा कार से इडी के अधिकारी पहुंचे थे. अंदर जाने के बाद सुरक्षाकर्मियों ने गेट बंद कर दिया. किसी को अंदर आने नहीं दिया जा रहा था. वहीं संजीव लाल का निजी आवास कांके रोड के डैम साइड स्थित बिग सिटी सीता निकेतन में भी तीन इनोवा गाड़ी से इडी के अधिकारी पहुंचे. बताया गया कि संजीव लाल अपने परिवार के साथ इसी आवास में रह रहे थे. इडी के अधिकारी सुबह में पहुंचे और समाचार लिखे जाने तक उनकी कार्रवाई जारी थी. सीआरपीएफ के जवान गेट पर तैनात थे. उन्हें देखकर पड़ोसी भी मीडियाकर्मियों से ही पूछ रहे थे कि यहां क्या हुआ है. तब उन्हें पता चला कि इडी की छापेमारी चल रही है. पड़ोसियों ने किसी भी प्रकार की जानकारी होने से इनकार किया.

कुलदीप मिंज के आवास पर पसरा रहा सन्नाटा

रांची: आरइओ के इंजीनियर कुलदीप मिंज के बोड़ेया रोड स्थित आवास पर सन्नाटा पसरा रहा. इडी की टीम सुबह ही इंजीनियर मिंज के साइंस सिटी के सामने स्थित आवास पर पहुंच गयी थी. इनोवा कार से आयी टीम के अंदर जाते ही गेट बंद कर दिया गया. घर से कोई सदस्य नहीं निकल रहे थे. दिन भर लोगों का आना-जाना बंद रहा. इडी की छापेमारी की सूचना मिलने के बाद मीडियाकर्मी भी वहां पहुंचे. लोगों को पल-पल की जानकारी दी जा रही थी. कुलदीप के घर के आसपास बहुत कम ही निजी आवास हैं. इस कारण सड़क से आने-जाने वाले लोगों के लिए यह कौतुहल का विषय था. बोड़ेया या शहर की ओर जाने वाले कई लोग वहां खड़ा होकर समझने की कोशिश कर रहे थे. आसपास से जानने की कोशिश कर रहे थे कि क्या हो रहा है. लेकिन किसी को कुछ पता नहीं चल रहा था. देर शाम तक इडी की टीम वहां जमा रही.

मुन्ना सिंह के फ्लैटों पर अहले सुबह पहुंची इडी

रांची: बिल्डर मुन्ना सिंह के पीपी कंपाउंड व कुसुम विहार स्थित फ्लैटों पर सोमवार की अहले सुबह इडी की टीम पहुंच गयी थी. पीपी कंपाउंड स्थित तेजस अपार्टमेंट व कुसुम विहार स्थित गीतांजलि अपार्टमेंट के निवासियों को इडी की आमद की भनक भी नहीं लगी. बाद में मीडियाकर्मियों के पहुंचने पर स्थानीय लोगों को पता चला. उसके बाद अपार्टमेंट परिसर में सन्नाटा पसरा रहा. अपार्टमेंट के निवासियों ने छापेमारी पर हैरानी जतायी. लोगों का कहना था कि मुन्ना सिंह बहुत मिलनसार व्यक्ति नहीं हैं. पड़ोसियों से भी उसके कोई खास तालुकात नहीं थे. इडी की टीम देर शाम तक मुन्ना सिंह के अपार्टमेंट पर टिकी रही.

सेल सिटी वाले आवास पर छापे के बाद इडी ने विकास को बुलाया

गुमला में आरइओ के कार्यपालक अभियंता विकास कुमार के रांची के सेल सिटी स्थित घर पर इडी की टीम ने मंगलवार की सुबह साढ़े छह बजे के करीब छापेमारी की. छापेमारी के समय विकास कुमार मौजूद नहीं थे. बाद में इन्हें इडी के अधिकारी ने फोन कर आवास पर बुलाया. विकास कुमार को लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जेनरल इलेक्शन ऑब्जर्वर का लाइजनिंग अफसर भी बनाया गया था. इडी की छापामारी में इनके ठिकाने से विभाग से जुड़े कई अहम दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आयी है. मामले में इडी की टीम ने विकास कुमार से बरामद दस्तावेज के अलावा संपत्ति से जुड़ी जानकारी को लेकर भी पूछताछ की है. छापे के दौरान सीआरपीएफ की टीम मौजूद थी. किसी भी बाहरी व्यक्ति को घर के अंदर नहीं जाने दिया जा रहा था. समाचार लिखे जाने तक इडी की कार्रवाई जारी थी. विकास कुमार के यहां छापे की सूचना के बाद सेल सिटी में रह रहे लोगों के बीच भी हलचल दिखी.

कौन हैं विकास कुमार

विकास कुमार ग्रामीण कार्य विभाग गुमला के कार्यपालक अभियंता हैं. वह चार वर्षों से ज्यादा समय तक ग्रामीण कार्य विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय में सहायक अभियंता रहे. काफी समय से वह टेंडर के खेल से जुड़े रहे हैं. मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम के कार्यकाल के दौरान खुल कर टेंडर का खेल किया. रेवड़ी की तरह चहेते ठेकेदारों के बीच काम बांटे. इसके पहले भी टेंडर में गड़बड़ियां करते रहे. टेंडर में वसूली की भी बातें आती रही. अयोग्य को काम देकर ज्यादा राशि की वसूली में इनका नाम भी सामने आता रहा. फिलहाल विकास कुमार सेल सिटी में रहते हैं.

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