आसमां से ढूंढ रहा था माही का घर : डीजे सुकेतु

डीजे सुकेतु संगीत की दुनिया के जाने-माने नाम हैं. इस पहचान के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण है. आज युवाओं के रोल मॉडल बनकर उभरे हैं. खास है कि डीजे सुकेतु नववर्ष की पूर्व संध्या पर अपनी रांची में थे. रांची जिमखाना क्लब में राजधानीवासियों को खूब थिरकाया और नववर्ष का जोरदार स्वागत किया.
Ranchi News: डीजे सुकेतु नववर्ष की पूर्व संध्या पर रांची में थे. रांची जिमखाना क्लब में राजधानीवासियों को खूब थिरकाया और नववर्ष का जोरदार स्वागत किया. डीजे सुकेतु कहते हैं मैं भले ही आधुनिक म्यूजिक से जुड़ा हूं, लेकिन कभी भी अपनी संस्कृति और परंपरा को नहीं भुला. वह आज भी अपनी मातृभाषा गुजरती में ही बात करते हैं. उनका पुश्तैनी घर राजकोट है. कुल देवी-देवता के प्रति अगाध आस्था है. उन्होंने कहा : मैंने कभी भी डीजे बनने के बारे में नहीं सोचा था. लेकिन कॉलेज के दौरान आयोजित फेस्ट में एक बड़े आर्टिस्ट से मुलाकात हो गयी. उन्हें से इस क्षेत्र में आने की प्रेरणा मिली. म्यूजिक कंपोजिंग को लेकर विशाल शेखर और एआर रहमान से प्रेरित हुए.
सुकेतु ने अब तक 350 से ज्यादा पॉपुलर ट्रैक और रीमिक्स बनाया है. वह कहते हैं : मैं गानों के साथ ज्यादा छेड़छाड़ नहीं करता. ओरिजनलिटी के लिए यह जरूरी है. आमतौर पर देखा जाता है कि डीजे ट्रैक पर बहुत कुछ भर देते हैं, जिससे गाने की वास्तविकता खत्म हो जाती है. डीजे से जुड़े युवाओं के लिए यही संदेश है कि आप गाने को प्यार से बनाएंगे, तो उसकी और वास्तविकता रहेगी. ज्यादा छेड़छाड़ करेंगे, तो वह खत्म हो जायेगा.
आज के युवा डीजे के रूप में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि इसमें पैसा और ग्लैमर है. लेकिन ऐसा नहीं है. यह म्यूजिक से जुड़ा हुआ क्षेत्र है, जिसमें आप शॉर्टकट से सफलता हासिल नहीं कर सकते. डीजे सुकेतु ने कहा : प्रतिभा छोटे शहरों से ही निकलकर आती है, जो रांची में बखूबी दिख रही है.
डीजे सुकेतु पहली बार रांची आये हैं. एक पहले भी एक बार होली में रांची आना तय हुआ था, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर के कारण शो कैंसिल हो गया. उन्होंने कहा कि रांची में शो करने को लेकर बहुत उत्साहित था. खास बात है कि रांची में ही 31 फर्स्ट नाइट के दौरन पहला रीमिक्स तेरे होने से… लॉन्च हुआ.
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डीजे सुकेतु ने कहा : जब मैं रांची लैंड कर रहा था, तो आसमां से धौनी का घर ढूंढ़ रहा था. रांची की धरती पर उतरते ही अपने वर्षों पुराने दोस्त आदित्य सरावगी के घर गया, जहां उन्होंने बताया कि उनके शहर के लोग बेहद सरल स्वभाव के हैं. मैंने रांची की खूबसूरती के बारे में बहुत सुना था और आज देख भी लिया.
रिपोर्ट : लता रानी, रांची
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