रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम और डॉ एसपी मुखर्जी यूनिवर्सिटी का नाम बदलने की उठी मांग

Jharkhand news, Ranchi news : रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम, डाॅ श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी और खूंटी के बिरसा कॉलेज का नाम झारखंड के शहीदों के नाम रखने की मांग उठने लगी है. साथ ही धर्म कोड को लागू करने की मांग भी की गयी. केंद्रीय सरना समिति की ओर से केंद्रीय पूजा स्थल सरना टोली, हतमा में आयोजित बैठक में इस पर निर्णय लिया गया.
Jharkhand news, Ranchi news : रांची : रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम, डाॅ श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी और खूंटी के बिरसा कॉलेज का नाम झारखंड के शहीदों के नाम रखने की मांग उठने लगी है. साथ ही धर्म कोड को लागू करने की मांग भी की गयी. केंद्रीय सरना समिति की ओर से केंद्रीय पूजा स्थल सरना टोली, हतमा में आयोजित बैठक में इस पर निर्णय लिया गया.
बैठक में धर्म कोड, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी का नाम बदल कर महाराजा मदरा मुंडा रखने, जयपाल सिंह स्टेडियम का नाम जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम करने और खूंटी के बिरसा कॉलेज का नाम बदल कर वीर बिरसा मुंडा कॉलेज, खूंटी करने की मांग की है.
मुख्य पहान जगलाल ने कहा कि इन संस्थान या प्रतिष्ठान का नाम झारखंड के सम्मानित या शहीद के नाम पर किया जाये. डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी का नाम महाराजा मदरा मुंडा के नाम पर होने से झारखंड के वीर शहीदों को सम्मान मिलेगा.
संरक्षक राम सहाय सिंह मुंडा ने कहा कि बिरसा कॉलेज, खूंटी को अमर शहीद बिरसा मुंडा कॉलेज से नामकरण किया जाये. इससे धरती आबा के इतिहास को बरकरार रखा जा सकेगा. उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति बिरसा कॉलेज से स्पष्ट नहीं कि धरती आबा के नाम से है कि किसी और के नाम से है.
बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय अध्यक्ष बबलू मुंडा ने कहा कि एक विडंम्बना है कि आजाद भारत के 70 वर्षों के बाद भी जनजातियों को एक धर्म कोड नहीं दिया गया है. जिससे उनकी अस्मिता पर प्रश्न चिह्न लगा हुआ है. यही कारण है कि धर्मांतरण चरम पर है और विभिन्न संगठनों के द्वारा जनजातियों को टारगेट कर धर्मान्तरण कराया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि धर्म कोड नहीं होने के कारण जनजातियों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गयी है और भोले- भाले ग्रामीण जनजाति धर्मान्तरण को मजबूर हैं. इसलिए जनजातियों के धर्म कोड की मांग हेमंत सरकार से की जाती है. दूसरी तरफ, राजधानी रांची में एकमात्र स्टेडियम जयपाल सिंह मुण्डा के नाम होना चाहिए था, लेकिन दुर्भाग्य है कि इसे जयपाल सिंह स्टेडियम के नाम से जाना जाता है. राज्य सरकार इस स्टेडियम का जीर्णोद्धार जल्द करा कर इसे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के नाम से नामकरण किया जाये. साथ ही प्रतिमा को मुख्य द्वार पर स्थापित किया जाये.
बैठक का संचालन महासचिव कृष्णकांत टोप्पो कर रहे थे. इस मौके पर उपाध्यक्ष किरण तिर्की, सचिव डब्ल्यू मुंडा, अरुण पाहन, अमर मुंडा, कोषाध्यक्ष जगरनाथ तिर्की, गागी सरना समिति के विजय मुंडा, बिरसा विकास जन कल्याण समिति के अध्यक्ष अनिल उरांव, सक्रिय सदस्य अनिल मुंडा, नवयुवक सरना समिति एदलहातू की अंजू मुंडा, कविता मुंडा, पूर्णिमा देवी, बिरसा यूथ क्लब सुकुरहुटू के कोषाध्यक्ष अमित मुंडा, संरक्षक अशोक मुंडा इत्यादि लोग मौजूद थे.
Posted By : Samir Ranjan.
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