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Coronavirus in Jharkhand: रांची के सात इलाके माइक्रो कंटेनमेंट जोन से बाहर

Published at :07 Jun 2020 11:16 PM (IST)
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Coronavirus in Jharkhand: रांची के सात इलाके माइक्रो कंटेनमेंट जोन से बाहर

Coronavirus in Jharkhand LIVE Updates : रांची : झारखंड में रविवार 7 जून 2020 को 73 नये कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं. इसके साथ ही राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1103 हो गयी है. रविवार को पॉजिटिव पाये गये मरीजों में पूर्वी सिंहभूम से 7, हजारीबाग से 3, लोहरदगा से 11, रामगढ़ से 6, सरायकेला से 1, पश्चिमी सिंहभूम से 1, जामताड़ा से 8, धनबाद से 7, खूंटी से 1, गुमला से 4, लातेहार से 3, बोकारो से 1, रांची से 2, गढ़वा से 3, सिमडेगा से 13 और कोडरमा से 2 मरीज शामिल हैं. झारखंड में ऐसा लगता है कि कि कोरोना वायरस की कम्युनिटी स्प्रेडिंग शुरू हो गयी है. पिछले एक सप्ताह में कोरोना के मामले तेजी से बढ़े हैं. सबसे खतरनाक बात यह है कि 85 फीसदी संक्रमित मरीजों में इस बीमारी के कोई लक्षण नहीं थे. डॉक्टर इसे राज्य के लिए बेहद खतरनाक मान रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि कोविड19 झारखंड में लक्षण विहीन है. साइलेंट स्प्रेडर की तरह इस जीवाणु का फैलाव हो रहा है. इस प्रदेश में बदले रूप में अपने पैर फैला रहा है कोरोना वायरस. कुछ जगह डॉक्टरी लापरवाही सामने आयी है, तो कुछ अजीब-ओ-गरीब मामले भी देखने में आ रहे हैं. राजधानी रांची से सटे रामगढ़ जिला में एक ऐसा मामला सामने आया है, जो नीति नियंताओं के लिए बेहद चिंताजनक हो सकता है. यहां स्वस्थ होकर घर गये 5 मरीजों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आयी. रामगढ़ के डीसी ने मीडिया को मैसेज किया है कि रांची से रामगढ़ में 21 पॉजिटिव मिलने की बात कही जा रही है. 5 केस ऐसे हैं, जिनका सैंपल बहुत पहले भेजा गया था. उसकी रिपोर्ट शनिवार (6 जून, 2020) को आयी है. रिजल्ट में विलंब की वजह से मरीजों की रिसैंपलिग की गयी. इसमें वे निगेटिव आये. गोला के इन पांचों मरीज को पहले ही डिस्चार्ज करके घर भेज दिया गया है और ये होम कोरेंटिन में हैं. उधर, डॉक्टरों की चिंता इस बात से बढ़ गयी है कि राज्य में कोरोना से संक्रमित लोगों में 85 से 90 फीसदी मरीजों में इसके कोई लक्षण नहीं थे. कुछ लोगों में सामान्य फ्लू के लक्षण भी देखने को मिल रहे हैं. विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना ने अब 'साइलेंट स्प्रेडर' की गति पकड़ ली है. यानी संक्रमित को पता ही नहीं रहता है कि वह कोरोना पॉजिटिव है. खुद को स्वस्थ मानकर लोग वायरस को समाज में फैला रहे हैं. इससे महामारी का दायरा बढ़ने की आशंका है.

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रांची के सात इलाके माइक्रो कंटेनमेंट जोन से बाहर

रांची : रांची जिला के सात और क्षेत्रों को माइक्रो कंटेनमेंट जोन से मुक्त कर दिया गया है. सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक, सभी क्षेत्रों को माइक्रो कंटेनमेंट जोन से मुक्त करने का फैसला लिया गया. 21 दिनों से इन क्षेत्रों में एक भी कोरोना संक्रमित नहीं मिला है. इन सातों माइक्रो कंटेनमेंट जोन में मेडिकल टीम द्वारा सर्वे का काम भी पूरा कर लिया गया है. मेडिकल टीम ने घर-घर जा कर स्क्रीनिंग और लोगों की जांच की. इस दौरान जिन लोगों में कोरोना संक्रमण के लक्षण पाये गये, उनका सैंपल लेकर जांच की गयी. जांच रिपोर्ट निगेटिव आयी है. इसके बाद सभी सात माइक्रो कंटेनमेंट जोन को सीलमुक्त करने का फैसला लिया गया. पीपरटोली अरगोड़ा, चीलटोली मांडर, चिलदाग अनगड़ा, लालगढ़ अनगड़ा, कामता अनगड़ा, खेरवाकोचा अनगड़ा, ओशो भवन तेतर टोली बरियातू कंटेनमेंट जोन से बाहर हुए.

झारखंड में आज मिले 73 कोरोना पॉजिटिव, राज्य में संक्रमितों का आंकड़ा 1103 हुआ

रांची : झारखंड में रविवार 7 जून 2020 को 73 नये कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं. इसके साथ ही राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1103 हो गयी है. रविवार को पॉजिटिव पाये गये मरीजों में पूर्वी सिंहभूम से 7, हजारीबाग से 3, लोहरदगा से 11, रामगढ़ से 6, सरायकेला से 1, पश्चिमी सिंहभूम से 1, जामताड़ा से 8, धनबाद से 7, खूंटी से 1, गुमला से 4, लातेहार से 3, बोकारो से 1, रांची से 2, गढ़वा से 3, सिमडेगा से 13 और कोडरमा से 2 मरीज शामिल हैं.

सोमवार सुबह लौटेंगे झारखंड

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि लेह स्थित नुब्रा घाटी, चुनुथु घाटी, विजययक एवं हिमांक परियोजना कार्य में लगे संताल परगना के 208 श्रमिक झारखंड लौटेंगे. श्रमिकों के इस समूह को दो चरणों में वापस अपने घर लाया जाएगा. राज्य सरकार लेह से श्रमिकों के दूसरे और तीसरे समूह को सोमवार सुबह 10 बजे एवं मंगलवार शाम 7:40 बजे एयरलिफ्ट कर रांची लायेगी. इसे लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है.

लेह से फ्लाइट से लौटेंगे 208 और प्रवासी श्रमिक

रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रयास से प्रवासी श्रमिकों के झारखंड लौटने का सिलसिला जारी है. दुरुह क्षेत्रों से प्रवासी श्रमिकों को राज्य सरकार हवाई जहाज से झारखंड ला रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर कहा है कि लेह से 208 और प्रवासी श्रमिकों को हवाई जहाज से झारखंड लाने की तैयारी पूरी कर ली गई है. इन्हें दो चरणों में झारखंड वापस लाया जायेगा.

झारखंड में बुजुर्ग और बच्चों को कोरोना से ज्यादा खतरा, ये है वजह

राजधानी रांची में अब तक सबसे ज्यादा 140 कोरोना संक्रमित मिले हैं. इनमें से 130 में कोई लक्षण नहीं मिला. पूर्वी सिंहभूम में 150 संक्रमितों में 135 में कोई लक्षण नहीं मिला है. विशेषज्ञों की मानें, तो अब बिना लक्षण वाले संक्रमितों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. ऐसे लोगों की पहचान जरूरी है, क्योंकि ये लोग बाजार, हाट व कस्बा में अन्य लोगों को संक्रमित कर रहे हैं. ‘साइलेंट स्प्रेडर’ से बुजुर्ग व बच्चों को ज्यादा खतरा है, क्योंकि इनकी इम्युनिटी कमजोर होती है.

रांची : झारखंड में ऐसा लगता है कि कि कोरोना वायरस की कम्युनिटी स्प्रेडिंग शुरू हो गयी है. पिछले एक सप्ताह में कोरोना के मामले तेजी से बढ़े हैं. सबसे खतरनाक बात यह है कि 85 फीसदी संक्रमित मरीजों में इस बीमारी के कोई लक्षण नहीं थे. डॉक्टर इसे राज्य के लिए बेहद खतरनाक मान रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि कोविड19 झारखंड में लक्षण विहीन है. साइलेंट स्प्रेडर की तरह इस जीवाणु का फैलाव हो रहा है. इस प्रदेश में बदले रूप में अपने पैर फैला रहा है कोरोना वायरस. कुछ जगह डॉक्टरी लापरवाही सामने आयी है, तो कुछ अजीब-ओ-गरीब मामले भी देखने में आ रहे हैं. राजधानी रांची से सटे रामगढ़ जिला में एक ऐसा मामला सामने आया है, जो नीति नियंताओं के लिए बेहद चिंताजनक हो सकता है. यहां स्वस्थ होकर घर गये 5 मरीजों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आयी. रामगढ़ के डीसी ने मीडिया को मैसेज किया है कि रांची से रामगढ़ में 21 पॉजिटिव मिलने की बात कही जा रही है. 5 केस ऐसे हैं, जिनका सैंपल बहुत पहले भेजा गया था. उसकी रिपोर्ट शनिवार (6 जून, 2020) को आयी है. रिजल्ट में विलंब की वजह से मरीजों की रिसैंपलिग की गयी. इसमें वे निगेटिव आये. गोला के इन पांचों मरीज को पहले ही डिस्चार्ज करके घर भेज दिया गया है और ये होम कोरेंटिन में हैं. उधर, डॉक्टरों की चिंता इस बात से बढ़ गयी है कि राज्य में कोरोना से संक्रमित लोगों में 85 से 90 फीसदी मरीजों में इसके कोई लक्षण नहीं थे. कुछ लोगों में सामान्य फ्लू के लक्षण भी देखने को मिल रहे हैं. विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना ने अब ‘साइलेंट स्प्रेडर’ की गति पकड़ ली है. यानी संक्रमित को पता ही नहीं रहता है कि वह कोरोना पॉजिटिव है. खुद को स्वस्थ मानकर लोग वायरस को समाज में फैला रहे हैं. इससे महामारी का दायरा बढ़ने की आशंका है. उल्लेखनीय है कि प्रदेश में संक्रमित लोगों की संख्या 1000 के पार हो गयी है. अब प्रदेश में 1028 कोरोना के मरीज हो गये हैं. शनिवार को सिमडेगा में सबसे ज्यादा 34 मरीज मिले, तो रामगढ़ में 21 लोगों में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई. गुमला में 10, पूर्वी सिंहभूम में 6, पश्चिमी सिंहभूम में 5, हजारीबाग, लातेहार और रांची में 3-3, पलामू में 2 और खूंटी, लोहरदगा एवं सरायकेला में 1-1 व्यक्ति में इस बीमारी की पुष्टि हुई है.

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