Coronavirus Update In Jharkhand : कोरोना से निपटने के लिए झारखंड सरकार सख्त, अब केरल और महाराष्ट्र से आने वाले लोगों को दिखाना होगा जांच रिपोर्ट

जीनोम सीक्वेंसिंग को लेकर एनएचएम के मिशन डायरेक्टर की अोर से सेरिम्स समेत अारटीपीसीआर लैब प्रभारियों को निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा है कि पहले के निर्देशों का भी अनुपालन नहीं हो रहा है. लैब से कम से कम पांच प्रतिशत सैंपल (जिसका सिटी वैल्यू 25 से कम हो) भुवनेश्वर भेजे जायें.
Jharkhand News, Ranchi News, Jharkhand Coronavirus Update रांची : कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को दो अहम फैसले लिये. पहला कि विदेश से आनेवालों की जीनोम सीक्वेंसिंग जांच होगी. इसके नमूने अाइएलएस भुवनेश्वर भेजे जायेंगे. वहीं कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित महाराष्ट्र व केरल से आनेवाले यात्रियों को या तो अपनी आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव दिखानी होगी या झारखंड में तत्काल जांच करानी होगी. ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन मिलने के बाद भारत भी सतर्क है. देश के कई राज्यों में नये स्ट्रेन का वायरस पहुंच चुका है, जो पिछले कोरोना वायरस से अलग है.
जीनोम सीक्वेंसिंग को लेकर एनएचएम के मिशन डायरेक्टर की अोर से सेरिम्स समेत अारटीपीसीआर लैब प्रभारियों को निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा है कि पहले के निर्देशों का भी अनुपालन नहीं हो रहा है. लैब से कम से कम पांच प्रतिशत सैंपल (जिसका सिटी वैल्यू 25 से कम हो) भुवनेश्वर भेजे जायें.
इस दौरान कोल्ड चेन मेंटेन किया जाये. इधर स्वास्थ्य सचिव केके सोन ने भी इस संबंध में सभी डीसी को निर्देश जारी किया है. इसमें कहा गया है कि विदेशों से अानेवाले यात्रियों की 24 घंटे में कोरोना जांच हो. अगर कोई यात्री कोरोना पॉजिटिव मिलता है, तो उसके सैंपल की जीनोम सिक्वेसिंग करायी जाये.
जीनोम सीक्वेंसिंग एक तरह से किसी वायरस का बायोडाटा होता है. कोई वायरस कैसा है, किस तरह दिखता है, इसकी जानकारी जीनोम से मिलती है. इसी वायरस के विशाल समूह को जीनोम कहा जाता है. वायरस के बारे में जानने की विधि को जीनोम सीक्वेंसिंग कहते हैं. इससे ही कोरोना के नये स्ट्रेन के बारे में पता चला है.
स्वास्थ्य सचिव ने सभी उपायुक्तों को कहा है कि कोरोना प्रभावित राज्यों विशेष रूप से महाराष्ट्र व केरल से आनेवाले यात्रियों की अनिवार्य रूप से जांच करायी जाये. यात्रियों को कोविड-19 की निगेटिव रिपोर्ट पेश करनी होगी. आनेवाले यात्रियों को 72 घंटे में आरटीपीसीआर टेस्ट करानी होगी.
हवाई जहाज से आनेवाले यात्रियों की उपरोक्त प्रोटोकॉल के तहत जांच करानी होगी. वहीं बस या ट्रेन से आनेवाले यात्रियों की जिला सर्विलांस यूनिट जांच कराना सुनिश्चित करें. सचिव ने लिखा है कि महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश जैसे राज्य भी ऐसा ही कर रहे हैं.
विदेश से आनेवालों की जीनोम सीक्वेंसिंग जांच होगी
कई राज्यों में नये स्ट्रेन का वायरस पहुंचा, जो पिछले से है अलग
Posted By : Sameer Oraon
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By Prabhat Khabar News Desk
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