Political news : कांग्रेस को संविधान की नैतिक दुहाई देने का अधिकार नहीं : रघुवर दास

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Political news : कांग्रेस को संविधान की नैतिक दुहाई देने का अधिकार नहीं : रघुवर दास

आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर साकची स्थित भाजपा कार्यालय में की प्रेस वार्ता

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रांची/जमशेदपुर. पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा नेता रघुवर दास ने कहा कि आपातकाल लगाकर संविधान की हत्या करने वाली कांग्रेस पार्टी के नेताओं को संविधान की नैतिक दुहाई देने का कोई अधिकार नहीं है. कांग्रेस ने 60 वर्षों के शासनकाल में 90 गैर कांग्रेसी सरकार को गिराने का काम किया है. उन्होंने केंद्र सरकार से स्कूली शिक्षा में आपातकाल के अध्याय को भी शामिल करने की मांग की. ताकि, आनेवाली पीढ़ी संविधान के साथ मजबूती से खड़ी रहे. रघुवर दास आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर साकची स्थित भाजपा कार्यालय में बुधवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे. रघुवर दास ने कहा कि आपातकाल के बाद देश की जनता ने कांग्रेस को करारा जवाब दिया और उसे सत्ता से उखाड़ फेंका. रघुवर दास ने कहा कि उन्होंने राज्य में जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व वाले संपूर्ण क्रांति आंदोलन में भाग लिया.

आपातकाल को काला अध्याय के रूप में याद किया जायेगा

रघुवर दास ने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में आपातकाल को काले अध्याय के रूप में हमेशा याद किया जायेगा. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने विपरीत परिस्थितियों में सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने के लिए देश को परेशानियों में धकेल दिया था. आपातकाल की घोषणा के साथ ही कई अखबारों के कार्यालयों की बिजली काट दी गयी थी. कई संपादक-पत्रकारों को जेल भेज कर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का गला घोंटने से भी परहेज नहीं किया गया था. उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र की जड़ें इतनी मजबूत है कि आपातकाल जैसी परिस्थिति फिर से पैदा करने का कोई दल साहस नहीं करेगा.

गिरफ्तारी के वक्त मां ने दी थी ताकत

इस दौरान अपनी मां को याद कर रघुवर दास भावुक हो गये. उन्होंने कहा कि जब घर से रात दो बजे उनकी गिरफ्तारी हुई, तो मां न केवल मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी थी, बल्कि उन्हें ताकत भी प्रदान करती थी. मां की आंखों में उमड़ा वह स्नेह उन्हें आज भी याद आता है. आपातकाल के दौरान कई दिनों तक वे अपना घर छोड़ कर दूसरों के घरों में छिपते रहे. 6-7 जुलाई की रात दो बजे पुलिस ने उनके घर को घेर कर पकड़ लिया. एक माह तक उन्हें साकची जेल, फिर वहां से 16 अगस्त को गया जेल भेज दिया गया. वहां से निकलने के बाद भी गिरफ्तारी की योजना थी, लेकिन वे भाग कर गुवाहाटी चले गये.

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Rajiv Kumar

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