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Ranchi news : आमलोग मच्छरों से परेशान, रांची नगर निगम वीआइपी पर मेहरबान

मच्छरों के आतंक से रांची के लोग परेशान हैं. शहर के सिर्फ वीआइपी इलाकों में ही की जाती है फॉगिंग.

रांची. राजधानी रांची में इन दिनों मच्छरों का आतंक बढ़ गया है. पर, विडंबना यह है कि नगर निगम की फॉगिंग मशीनें केवल पॉश इलाकों (वीआइपी) में ही छिड़काव करती नजर आती हैं. वहीं, आम नागरिकों का खून इतना सस्ता हो गया है कि उन्हें मच्छरों के रहमोकरम पर छोड़ दिया गया है. नगर निगम की ओर से कागजों पर तो हर क्षेत्र में नियमित फॉगिंग का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत यह है कि आम गली-मोहल्लों में निगम के फॉगिंग वाहन महीनों तक नजर नहीं आते हैं. यही वजह है कि मच्छरों ने आम लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. वहीं, मच्छरदानी और लिक्विड भी बेअसर साबित हो रहे हैं.

निगम का दावा : 11 गाड़ी से शहर में नियमित होती है फॉगिंग

नगर निगम का दावा है कि शहर में फॉगिंग के लिए 11 गाड़ियां लगायी गयी हैं. इनमें नौ काेल्ड फाॅगिंग मशीन और दो थर्मल फॉगिंग मशीन शामिल है. ये मशीनें हर दिन अलग-अलग वार्ड में जाकर फॉगिंग करती हैं. सुबह में लार्विसाइडल की फॉगिंग होती है, जो मच्छरों के लार्वा को खत्म करने में कारगर होते हैं. वहीं, शाम में एडल्टीसाइड का छिड़काव होता है, जिससे मच्छरों को मारा जाता है. फॉगिंग के लिए रोस्टर तैयार किया गया है, जिसे निगम की वेबसाइट पर देखा जा सकता है. इसके साथ ही हर वार्ड में चार नैपसैक स्प्रेयर के माध्यम से छिड़काव किया जाता है. रोस्टर के अनुसार 17 मई को वार्ड संख्या सात, नौ, 18, 27, 32, 40, 46 व 52 में फॉगिंग की जायेगी.

रांची में इस साल 27 लोग डेंगू से हुए संक्रमित

अगले महीने से माॅनसून दस्तक देगा. लेकिन, अभी से ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है. मच्छरों के आतंक से आम आदमी परेशान हैं. चिंता इस बात की है कि मच्छर जनित बीमारी डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया से लोग पीड़ित हो रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष रांची में 27 लोग डेंगू से संक्रमित हुए. इनमें कई ठीक हो गये.

मच्छर जनित बीमारी से खुद कर सकते हैं बचाव

मच्छर जनित बीमारी से बचाव के लिए खुद की सावधानी भी जरूरी है. मच्छरों से बचाव के लिए शाम होने पर पूरे बदन को ढंकने वाले कपड़े पहनें. वहीं, मच्छरों के लार्वा के प्रजनन को रोकने के लिए गंदे और साफ पानी आसपास जमा नहीं होने दें. साफ पानी में डेंगू और गंदे पानी में मलेरिया के मच्छर पनपते हैं. इसलिए वहां ब्लिचिंग पाउडर या कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें. घर में फ्रीज, कूलर या अन्य पात्र जहां पानी जमा होता है, उसे खाली कर दें.

रिम्स में बनाया गया है अलग आइसोलेशन वार्ड

राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में मच्छर जनित बीमारी के इलाज के लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है. यहां मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाता है. वर्तमान में यहां कई मरीजों का इलाज चल जा रहा है. कुछ को स्वस्थ कर घर भेजा जा चुका है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

सुबह और शाम में ही मच्छर ज्यादा काटते हैं. इसलिए पूरे बदन का कपड़ा पहनें. मच्छरदानी का उपयोग अवश्य करें. आसपास पानी जमा नहीं होने दें. जमा पानी में केरोसिन तेल का छिड़काव करें. इससे मच्छर का लार्वा समाप्त हो जायेगा. मलेरिया में ठंड के साथ बुखार आता है. इसलिए तीन दिन तक राहत नहीं मिले तो डॉक्टर से संपर्क करें.

डॉ बिंदे कुमार, मेडिसिन विभागाध्यक्ष, रिम्सB

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