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सीएम हेमंत सोरेन को सिरासीता नाला दर्शन यात्रा का आमंत्रण, गुमला के सिरसी गांव में होती है पूजा

Updated at : 22 Jan 2025 6:56 PM (IST)
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सीएम हेमंत सोरेन को सिरासीता नाला दर्शन यात्रा का आमंत्रण देने पहुंचे राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा के पदाधिकारी

सीएम हेमंत सोरेन को सिरासीता नाला दर्शन यात्रा का आमंत्रण देने पहुंचे राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा के पदाधिकारी

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को गुमला के डुमरी प्रखंड के सिरसी गांव में तीन फरवरी को आयोजित सिरासीता नाला दर्शन यात्रा के लिए आमंत्रित किया गया.

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रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा, केंद्रीय कमेटी एवं केंद्रीय सरना समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की. इस अवसर पर राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा ने गुमला जिले के डुमरी प्रखंड के सिरसी गांव में तीन फरवरी को आयोजित होनेवाले सिरासीता नाला दर्शन यात्रा (वार्षिक पूजा-प्रार्थना कार्यक्रम) में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया. केंद्रीय सरना समिति ने अपनी मांग से भी इस मौके पर मुख्यमंत्री को अवगत कराया.

सीएम हेमंत सोरेन से इन्होंने की मुलाकात

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात करने वालों में केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की, कोषाध्यक्ष प्रकाश हंस, संरक्षक सचिन कच्छप, मुन्ना उरांव एवं राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज मुंडा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष छोटेलाल करमाली, राष्ट्रीय महासचिव जलेश्वर उरांव, राष्ट्रीय सचिव करमा उरांव, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बिरसा उरांव, प्रदेश धर्मगुरु राजेश लिंडा, रामगढ़ राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा जिला धर्मगुरु संदीप उरांव, लोहरदगा जिला धर्मगुरु फुलेश्वर उरांव के अलावा सोमदेव उरांव, जयंती उरांव, कृष्ण भगत, सुकेंदर भगत, बुंडू सरना प्रार्थना सभा के अध्यक्ष एतवा उरांव, नूतन कच्छप, सुधु भगत एवं भुलेश्वर भगत प्रमुख रूप से शामिल थे.

एक हजार फीट से अधिक ऊंचे पहाड़ पर है सिरासीता नाला

गुमला जिले से 80 किमी दूर डुमरी प्रखंड में सिरासीता नाला उर्फ ककड़ोलता है. यह एक हजार फीट से अधिक ऊंचे पहाड़ पर स्थित है. इसे मानव का उत्पति स्थल माना जाता है. आदिवासी समाज की आस्था सिरासीता नाले से जुड़ी हुई है. यहां प्रत्येक वर्ष फरवरी महीने के पहले गुरुवार को सामूहिक धार्मिक पूजा-अर्चना सह मेला लगता है. बिहार, छत्तीसगढ़, असम, बंगाल, मध्य प्रदेश, ओड़िशा के अलावा झारखंड के विभिन्न जिलों से अधिक आदिवासी शामिल होते हैं.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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