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हेमंत सोरेन सहित 5 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, इडी ने 1200 पेज के WhatsApp चैट भी सौंपे

Updated at : 31 Mar 2024 3:15 AM (IST)
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हेमंत सोरेन की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई आज.

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत 5 लोगों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने अपनी चार्जशीट सौंप दी है. इसमें 1200 पन्ने का whatsapp चैट शामिल है.

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प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने मनी लाउंड्रिंग के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विनोद सिंह सहित पांच के खिलाफ शनिवार को पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश की अदालत में आरोप पत्र दायर किया है. इन दोनों के अलावा बड़गाईं अंचल के राजस्व कर्मचारी भानु प्रताप प्रसाद, हिलेरियस कच्छप और जमीन के कागजी मालिक राजकुमार पाहन के खिलाफ भी आरोप पत्र दायर किया गया है.

आरोप पत्र के साथ इडी ने साक्ष्य के दस्तावेज भी कोर्ट को सौंपे

इन सभी पर मनी लाउंड्रिंग मामले में हेमंत सोरेन की मदद करने का आरोप है. इडी ने आरोप पत्र के साथ साक्ष्य से जुड़े दस्तावेज भी अदालत को सौंपे. इसमें 1200 पेज से ज्यादा के वाट्सएप चैट और अन्य दस्तावेज शामिल हैं. इडी की टीम बक्से में दस्तावेज लेकर आयी थी.

  • बड़गाईं की 8.45 एकड़ जमीन इडी ने अस्थायी तौर पर जब्त
  • बक्से में दस्तावेज लेकर पहुंची थी प्रवर्तन निदेशालय की टीम
  • विनोद सिंह, कर्मचारी भानु प्रताप प्रसाद, हिलेरियस कच्छप और जमीन के कागजी मालिक राजकुमार पाहन के खिलाफ भी आरोप पत्र दायर
  • राजस्व कर्मचारी भानु प्रताप प्रसाद पर भी हेमंत सोरेन की मदद करने का आरोप लगाया गया है
  • इडी ने बड़गाईं अंचल की 8.45 एकड़ जमीन अस्थायी तौर पर जब्त कर ली

31 जनवरी की रात 10 बजे किया गया हेमंत सोरेन को गिरफ्तार

हेमंत सोरेन को मनी लाउंड्रिंग के आरोप में 31 जनवरी की रात 10 बजे गिरफ्तार किया गया था. इडी ने इसी मामले में हेमंत सोरेन के बाद भानु प्रताप प्रसाद को गिरफ्तार किया. हालांकि वह जमीन घोटाले के एक दूसरे मामले में पहले से जेल में था. इधर इडी ने बड़गाईं की 8.45 एकड़ जमीन अस्थायी तौर पर जब्त कर ली है.

बक्से में सबूत लेकर पहुंचे इडी के कर्मचारी. प्रभात खबर.

विनोद सिंह के घर से जब्त हुईं थीं कई महत्वपूर्ण चीजें

इडी ने विनोद सिंह को आरोपित करते हुए उस पर हेमंत सोरेन को मनी लाउंड्रिंग मामले में मदद करने का आरोप लगाया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि विनोद सिंह के घर पर दो बार हुई छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण चीजें जब्त की गयी. हेमंत के करीबी विनोद सिंह के मोबाइल फोन से व्हाट्सएप चैट के सबूत मिले हैं. यह 1200 से अधिक पेज में हैं.

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बड़गाईं की जमीन पर थी बैंक्वेट हॉल बनाने की योजना

बड़गाईं स्थित जमीन पर बैंक्वेट हॉल बनाने की योजना थी. विनोद ने नक्शा बना कर हेमंत सोरेन के मोबाइल पर भेजा था. विनोद सिंह ने पूछताछ के दौरान इस बात को स्वीकार भी किया. साथ ही सर्वे के दौरान बड़गाईं स्थित जमीन की पहचान की. राजस्व कर्मचारी भानु प्रताप प्रसाद पर भी हेमंत सोरेन की मदद करने का आरोप लगाया गया है.

सीएमओ के कहने पर भानु ने तैयार किया था जमीन का विस्तृत ब्योरा

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस जमीन का विस्तृत ब्योरा भानु प्रताप प्रसाद ने तैयार किया था. उसने अपने बयान में भी यह स्वीकार किया है कि मुख्यमंत्री कार्यालय से मिले निर्देश पर उसने बड़गाईं स्थित जमीन का विस्तृत ब्योरा तैयार कर उपलब्ध कराया था. इडी ने राजस्व कर्मचारी के मोबाइल से मिले ब्योरे को सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश किया है.

चार्जशीट दाखिल करने के लिए कोर्ट में पहुंचे इडी के वकील. प्रभात खबर.

हिलेरियस कच्छप पर जमीन पर कब्जा करने में मदद का आरोप

इडी ने हिलेरियस कच्छप पर जमीन पर अवैध कब्जा करने में मदद करने का आरोप लगाया है. संबंधित जमीन पर हिलेरियस ने ही अपने नाम पर बिजली का कनेक्शन लिया था. साथ ही 8.45 एकड़ की इस जमीन की पत्थर से घेराबंदी भी करायी थी. इडी ने जमीन के मालिक राजकुमार पाहन पर भी हेमंत सोरेन को मदद करने का आरोप लगाया है.

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एसएआर अफसर का आदेश : राजकुमार पाहन को लौटा दें जमीन

इससे संबंधित रिपोर्ट में कहा गया है कि जमीन पर कब्जे की जांच शुरू होने के बाद उसने जमीन वापसी का आवेदन दिया. इसमें बुधन राम, जोगेश्वर राम वगैरह को प्रतिवादी बनाया गया. अंचल की जांच रिपोर्ट के बाद सिर्फ 15 दिनों में एसएआर अधिकारी ने इस केस (81/2023-24) का निपटारा करते हुए राज कुमार पाहन के पक्ष में जमीन वापस करने का आदेश दिया.

जमीन के कागजी मालिक राज कुमार पाहन ने दिया ये आवेदन

इस तरह जमीन के कागजी मालिक राज कुमार पाहन ने इडी की जांच शुरू होने के बाद वापसी के लिए आवेदन देकर यह साबित करने की कोशिश की कि इस जमीन से हेमंत सोरेन का कोई संबंध नहीं हैं.

जमीन पर कब्जा PMLA प्रावधानों के तहत मनी लाउंड्रिंग : इडी

इडी ने दायर आरोप पत्र में कहा है कि फर्जी दस्तावेज के सहारे जमीन की खरीद-बिक्री मामले की जांच के दौरान राजस्व कर्मचारी भानु प्रताप प्रसाद सहित अन्य के ठिकानों पर छापेमारी की गयी थी. राजस्व कर्मचारी के ठिकानों से मिले दस्तावेज की जांच में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ का मामला प्रकाश में आने के बाद पीएमएलए की धारा 669(2) के तहत राज्य सरकार के साथ सूचनाएं साझा की गयी.

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अनधिकृत रूप से हेमंत सोरेन ने जमीन पर कर रखा है कब्जा

इसके आधार पर राज्य सरकार ने सदर थाने में प्राथमिकी (272/23) दर्ज करायी थी. इसे इसीआइआर के रूप में दर्ज करने के बाद आगे की जांच में पाया गया कि हेमंत सोरेन ने अनधिकृत रूप से बड़गाईं अंचल के खाता नंबर 210, 221, 109, 234 और अन्य से संबंधित 8.45 एकड़ जमीन पर कब्जा कर रखा है, जो पीएमएलए 2002 में निहित प्रावधानों के तहत मनी लाउंड्रिंग है.

सर्कल रेट पर कब्जा की गई जमीन का मूल्य करीब 30 करोड़ रुपए

इडी ने सर्कल रेट पर इस जमीन का मूल्य करीब 30 करोड़ रुपये होने का अनुमान किया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 29 जनवरी को दिल्ली स्थित मुख्यमंत्री आवास पर की गयी छापेमारी के दौरान 36 लाख रुपये और एक बीएमडब्ल्यू कार भी जब्त की गयी थी. हालांकि इडी ने कोर्ट से कार को कुर्क करने का अनुरोध नहीं किया है.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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