Ranchi News : गवाहों के मुकरने के बढ़ते मामले चिंताजनक : जस्टिस आनंद सेन

Published by : SHRAWAN KUMAR Updated At : 13 Apr 2025 12:31 AM

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ज्यूडिशियल एकेडमी में कमजोर गवाह संरक्षण विषय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम

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वरीय संवाददाता, रांची. झारखंड ज्यूडिशियल एकेडमी, धुर्वा में शनिवार को कमजोर गवाह संरक्षण और बुनियादी ढांचे के विकास विषयक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें न्यायिक कार्यवाही में कमजोर गवाहों की सुरक्षा, सम्मान व प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रणालीगत, कानूनी तथा बुनियादी ढांचे के तंत्र पर ध्यान केंद्रित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता कमजोर गवाह समिति सर्वोच्च न्यायालय की अध्यक्ष व जम्म-कश्मीर हाइकोर्ट की पूर्व चीफ जस्टिस गीता मित्तल ने की. झारखंड हाइकोर्ट के कमजोर गवाह बयान केंद्र समिति के अध्यक्ष जस्टिस आनंद सेन ने कहा कि आपराधिक मुकदमों में गवाहों के मुकरने (होस्टाइल होने) की बढ़ती संख्या चिंताजनक है. यह भारतीय कानूनी प्रणाली में दोष सिद्धि सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण बाधा है. हमारे देश में आरोपियों को सजा दिलाने की दर अन्य देशों की अपेक्षा कम है. इसका प्रमुख कारण मामले के गवाह कोर्ट में गवाही के दाैरान मुकर (होस्टाइल) जाते हैं. सजा होने की दर कम होने के पीछे त्रुटिपूर्ण जांच का होना भी है, लेकिन इन सब में बड़ा कारण गवाहों का असुरक्षित महसूस करना है. जस्टिस सेन ने कहा कि प्रभावशाली आरोपी गवाहों को धमकाते या बहका देते हैं, जिस कारण उन्हें सजा नहीं हो पाती है. वर्ष 2018 में कमजोर गवाहों को संरक्षण देने को लेकर योजना बनी थी, जिसमें उन्हें संरक्षित करने के लिए कई योजना शामिल हैं. इसे सही तरीके से लागू करना कोर्ट व पुलिस की जिम्मेवारी है. जम्मू-कश्मीर हाइकोर्ट की पूर्व चीफ जस्टिस गीता मित्तल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने गवाहों को संरक्षित रखने को लेकर कई दिशा-निर्देश जारी किया है. इसके तहत कोर्ट में एक ऐसा गवाह केंद्र बनाया जाना है, जिसमें गवाह बिना डरे अपनी गवाही दर्ज करा सकें. इस केंद्र में आने-जाने का रास्ता भी अलग होगा. गवाह आरोपी को देख पाये, लेकिन आरोपी गवाह को नहीं देख सके. ऐसा पारदर्शी शीशा लगा होना चाहिए. कार्यक्रम के दाैरान दिल्ली में बने एक गवाह सेंटर का दृश्य प्रदर्शित करते हुए कमजोर गवाह बयान केंद्रों का मॉडल दिखाया गया. सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाइकोर्ट को कमजोर गवाहों को संरक्षित करने के लिए एक समिति बनाने का निर्देश दिया है. झारखंड हाइकोर्ट में जस्टिस आनंद सेन उक्त समिति के अध्यक्ष हैं. कमजोर गवाह बयान केंद्र समिति के सदस्य व झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस अनिल कुमार चाैधरी भी उपस्थित थे. ज्यूडिशियल एकेडमी के प्रशासनिक अधिकारी अमीकर परवार ने मंच संचालन किया, जबकि ज्यूडिशियल एकेडमी झारखंड के प्रभारी निदेशक सत्यकाम प्रियदर्शी ने धन्यवाद ज्ञापन किया. माैके पर झारखंड हाइकोर्ट के रजिस्ट्रार न्यायिक सह समिति के नोडल ऑफिसर निकेश कुमार सिन्हा, राजेश शरण सिंह, भवन निर्माण के मुख्य अभियंता पंकज कुमार, रजिस्ट्री सदस्य, न्यायिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, अधिवक्ता भी उपस्थित थे. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, अधिवक्ता, इंजीनियर आदि ने वर्चुअल माध्यम से भी भाग लिया.

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