सूर्या हांसदा एनकाउंटर और रिम्स-2 के मुद्दे पर बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार को घेरा, कांग्रेस ने किया पलटवार

बाबूलाल मरांडी और राकेश सिन्हा.
BJP vs Congress Jharkhand: झारखंड में सूर्या हांसदा के एनकाउंटर और नगड़ी में प्रस्तावित रिम्स-2 के लिए रैयतों-किसानों की खेतिहर जमीन लिये जाने का भाजपा ने विरोध किया है. इस पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि सूर्या हांसदा एनकाउंटर पुलिस की कार्रवाई थी. आज भाजपा के लिए एक अपराधी समाजसेवी और राजनीतिक कार्यकर्ता हो गया. कांग्रेस ने भाजपा पर इन दोनों मुद्दों का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया.
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BJP vs Congress Jharkhand: गोड्डा में पूर्व भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता सूर्या हांसदा एनकाउंटर और नगड़ी में रैयतों की उपजाऊ जमीन पर रिम्स-2 के निर्माण पर झारखंड सरकार और विपक्ष आमने-सामने है. प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने इन दोनों मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरा, तो कांग्रेस ने भी पलटवार कर दिया.
गरीब आदिवासियों को लूटा और पीटा जा रहा – बाबूलाल
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अबुआ सरकार में गरीब आदिवासयों को सबसे ज्यादा लूटा और पीटा जा रहा है. इस पर कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सह मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा के लिए एक अपराधी अब सामाजिक कार्यकर्ता हो गया है. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचारी भाजपा के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के पद पर काबिज हैं और विपक्ष के नेता नैतिकता की बात करते हैं.
सूर्या एनकाउंटर और नगड़ी के मुद्दे को बीजेपी ने गंभीरता से लिया- मरांडी
इससे पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता सूर्या हांसदा की ‘नृशंस हत्या’ और नगड़ी के आदिवासी रैयतों से रिम्स-2 के नाम पर हेमंत सोरेन की सरकार जमीन छीन रही है. इस मुद्दे को भाजपा ने गंभीरता से लिया है. पार्टी ने पहले भी सदन से लेकर सड़क तक आवाज बुलंद की है, लेकिन राज्य सरकार जिद पर अड़ी है. इसलिए भाजपा फिर इस मुद्दे जोरदार आंदोलन करने जा रही है.
11 सितंबर को 216 प्रखंडों पर बीजेपी का होगा प्रदर्शन
मरांडी ने कहा कि बीजेपी के लाखों कार्यकर्ता 11 सितंबर 2025 को इन दोनों मुद्दों पर राज्य के सभी 216 प्रखंडों पर प्रदर्शन करेंगे. राज्यपाल के नाम से प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को ज्ञापन सौंपा जायेगा. उन्होंने कहा कि सूर्या हांसदा, जिसको राज्य पुलिस एनकाउंटर बता रही है, वह एनकाउंटर नहीं, ‘हत्या’ है. दूसरी ओर, नगड़ी में आदिवासी रैयतों की खेतिहर जमीन रिम्स-2 के नाम पर छीनी जा रही है. अबुआ सरकार में आदिवासी समाज सर्वाधिक लूटा-पीटा जा रहा है.
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राजनीतिक, सामाजिक कार्यकर्ता थे सूर्या हांसदा – भाजपा
उन्होंने कहा कि सूर्या हांसदा एक राजनीतिक, सामाजिक कार्यकर्ता थे. बोरियो विधानसभा क्षेत्र से वे 4 बार चुनाव लड़े थे. भवन बनाकर 250 से अधिक गरीब-आदिवासी बच्चों को सिर्फ पढ़ाने की नहीं, उनके भोजन आवास की भी चिंता करते थे. ललमटिया कोयला खदान से कोयले को चोरी और अवैध खनन के खिलाफ आवाज बुलंद करते थे. बोरियो के मिर्जा चौकी में सरकार के संरक्षण में होने वाले पत्थर उत्खनन और तस्करी का विरोध करते थे. इसलिए वे तस्करों और उनको संरक्षण देने वालों की आंख की किरकिरी बन गये थे.
सूर्या हांसदा की सुनियोजित तरीके से की गयी हत्या
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अवैध खनन माफियाओं, दलालों और बिचौलियों ने सूर्या हांसदा को रास्ते से हटाने के लिए सुनियोजित तरीका अपनाया. देवघर जिले के मोहनपुर में ले जाकर थर्ड डिग्री टॉर्चर किया. जब उनकी मौत हो गयी, तो उन्हें गोली मारी गयी. उन्होंने कहा कि मीडिया को घटनास्थल से दूर रखा गया. पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंपा गया. तथाकथित एनकाउंटर स्थल पर खून भी नहीं मिले. इससे साफ हो जाता है कि सूर्या हांसदा की सुनियोजित तरीके से हत्या की गयी.
24 में से 14 मामलों में बरी हो गये थे सूर्या हांसदा – भाजपा
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सत्ताधारी दल सूर्या को अपराधी बता रहे हैं, जबकि उन पर दर्ज 24 मुकदमों में से 14 में वे बरी हो चुके थे. 5 केस में उनको कोर्ट से बेल मिल चुकी है. 5 मामले में कोई वारंट जारी नहीं हुआ था. उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार बताना चाहती है कि पुलिस दोषी नहीं है, तो सीबीआई जांच कराने की अनुशंसा करे.
2012 से रैयतों-किसानों की जमीन का रसीद कटना हो गया बंद
नगड़ी भूमि विवाद पर मरांडी ने कहा कि 1955-56 में तत्कालीन बिहार सरकार ने बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के लिए भूमि अधिग्रहण किया था, लेकिन किसानों और रैयतों के जोरदार विरोध के बाद मुख्यमंत्री नगड़ी आये और किसानों से जमीन नहीं लेने का वचन दिया. किसानों-रैयतों के नाम से रसीद भी काटे जाने लगे. वर्ष 2012 तक किसानों ने लगातार मालगुजारी दी. वर्ष 2012 में झारखंड सरकार ने आईआईएम, आईआईटी आदि के नाम पर फिर से उस जमीन का अधिग्रहण किया, जिसका फिर विरोध हुआ. जमीन से रैयत अलग नहीं हुए, लेकिन रसीद कटना बंद हो गया.
BJP vs Congress: कांग्रेस महासचिव राकेश सिन्हा ने बाबूलाल मरांडी पर किया पलटवार
बाबूलाल मरांडी के प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद प्रदेश कांग्रेस महासचिव राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा के लिए एक अपराधी अब सामाजिक कार्यकर्ता हो गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचर में डूबे भाजपा के नेता मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री बने हुए हैं और झारखंड में विपक्ष के नेता नैतिकता की बात कर रहे हैं.
सूर्या हांसदा एनकाउंटर पुलिस की कार्रवाई का हिस्सा – राकेश सिन्हा
सूर्या हांसदा के एनकाउंटर को कांग्रेस नेता ने पूरी तरह से पुलिस की कार्रवाई का हिस्सा बताया. कहा कि सूर्या हांसदा पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे और उनकी गतिविधियां कानून के खिलाफ थीं. उन्होंने कहा कि बीजेपी इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है. यह गलत है. इससे अपराधियों का मनोबल बढ़ेगा और और कानून व्यवस्था पर प्रश्न खड़े होंगे. सिन्हा ने कहा कि लाख कोशिशों के बावजूद बीजेपी गठबंधन सरकर को हिला नहीं पायी, तो अब बेबुनियाद आरोप लगाकर सरकार को बदनाम करने की नापाक कोशिश कर रही है.
11 साल में भी भाजपा नहीं समझ पायी विकास का मतलब – कांग्रेस
सिन्हा ने भाजपा को विकासविरोधी करार देते हुए आरोप लगाया कि रिम्स-2 की अभी परिकल्पना ही चल रही है और पूरी बीजेपी बिधवा विलाप कर रही है. इस राज्य को अपने शासनकाल मे लूटने वाली भाजपा को राज्य में हो रहा विकास पच नहीं रहा है. उन्होंने कहा कि वोट चोरी कर सत्ता हथियाने वाली बीजेपी को विकास का मतलब 11 साल में समझ नहीं आया.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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