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ranchi news : बिरसा कृषि विवि को मिला शिक्षकों और वैज्ञानिकों को प्रोन्नति देने का अधिकार

Updated at : 03 Jan 2025 12:23 AM (IST)
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ranchi news : बिरसा कृषि विवि को मिला शिक्षकों और वैज्ञानिकों को प्रोन्नति देने का अधिकार

ranchi news : बिरसा कृषि विवि के शिक्षकों और वैज्ञानिकों को प्रोन्नति देने का अधिकार अब विश्वविद्यालय को ही मिल गया है. राज्य सरकार ने विवि परिनियम में संशोधन कर दिया है.

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राज्य सरकार ने एक्ट व परिनियम में किया संशोधन रांची (संजीव सिंह). बिरसा कृषि विवि के शिक्षकों और वैज्ञानिकों को प्रोन्नति देने का अधिकार अब विश्वविद्यालय को ही मिल गया है. राज्य सरकार ने विवि परिनियम में संशोधन कर दिया है. इस संशोधन के बाद अब शिक्षकों व वैज्ञानिकों की प्रोन्नति झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) से नहीं होगी. विवि के कुलपति की अध्यक्षता में प्रोन्नति समिति के माध्यम से शिक्षकों व वैज्ञानिकों को प्रोन्नति मिलेगी. इस समिति में राज्यपाल सह कुलाधिपति तथा कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग द्वारा मनोनीत एक-एक सदस्य होंगे. इसके अलावा दो बाह्य विशेषज्ञ सहित विवि के डीन व निदेशक समिति के सदस्य होंगे. प्रोन्नति आइसीएआर/यूजीसी गाइडलाइन के अनुसार दी जायेगी.

20 वर्षों से रुकी हुई प्रोन्नति का रास्ता साफ

विवि को अधिकार मिल जाने से बिरसा कृषि विवि में 20 वर्षों से रुकी हुई करियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत प्रोन्नति का रास्ता साफ हो गया है. वर्तमान में इस संशोधन से लगभग 120 शिक्षकों और वैज्ञानिकों को लाभ मिलेगा. विवि में वर्ष 2004 में एक-दो शिक्षकों को सिर्फ एक बार ही प्रोन्नति मिली. इसके बाद से किसी को प्रोन्नति नहीं मिली. वर्ष 2014 तक विवि के पास प्रोन्नति का अधिकार था, लेकिन वर्ष 2015 में विवि से यह अधिकार झारखंड लोक सेवा आयोग को दे दिया गया था. इसके बाद बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ने आंदोलन किया. राजभवन से लेकर राज्य सरकार से गुहार लगायी. फिर राजभवन के निर्देश के आलोक में राज्य सरकार ने एक्ट व परिनियम में संशोधन कर दिया.

जेपीएससी ने भी प्रोन्नति देने से इंकार कर दिया था

राज्य सरकार द्वारा जेपीएससी को 2015 में बने एक्ट के अनुसार सीधी नियुक्ति का अधिकार दिया गया. सीधी नियुक्ति का परिनियम तो भेजा गया, लेकिन प्रोन्नति के संबंध में ठोस जानकारी नहीं दी गयी. इस स्थिति में जेपीएससी ने सीधी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन प्रोन्नति देने से इंकार कर दिया. इसके बाद शिक्षकों की प्रोन्नति रुकी रह गयी. फिर एक्ट में संशोधन कर प्रोन्नति शब्द को हटा दिया व इसका अधिकार पुन: विवि को ही दे दिया. बीएयू शिक्षक संघ अब देश के अन्य कृषि विवि की तरह सीधी नियुक्ति का भी अधिकार बीएयू को ही देने की मांग कर रहा है. आयोग में वर्ष 2017 से सीधी नियुक्ति का मामला फंसा हुआ है.

सामान्य विवि में सीधी नियुक्ति व प्रोन्नति का अधिकार आयोग के पास

राज्य के सामान्य सरकारी विवि में शिक्षकों की सीधी नियुक्ति के साथ-साथ प्रोन्नति का अधिकार झारखंड लोक सेवा आयोग के पास है. सामान्य विवि के शिक्षकों की प्रोन्नति 2009 से लंबित है. अब इस विवि के शिक्षक भी प्रोन्नति का अधिकार विवि को देने या फिर विवि सेवा आयोग का गठन कर देने की मांग कर रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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