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झारखंड में लागू होगी समान नागरिक संहिता, आदिवासी रहेंगे उससे बाहर : अमित शाह

Updated at : 03 Nov 2024 12:57 PM (IST)
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह.

Amit Shah on UCC in Jharkhand: अमित शाह ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर बड़ा बयान दिया है. कहा है कि इसे झारखंड में जरूर लागू करेंगे. आदिवासियों पर क्या होगा असर, पढ़ें.

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Amit Shah on UCC in Jharkhand: अमित शाह ने कहा है कि झारखंड में समान नागरिक संहिता (Union Civil Code – UCC) लागू होकर रहेगी. लेकिन, इससे आदिवासी किसी भी तरह से प्रभावित नहीं होंगे. उनके कानून, उनकी परंपराएं और उनकी संस्कृति पूर्ववत रहेंगी. यूसीसी से आदिवासियों को बाहर रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण और आदिवासियों की आबादी को संरक्षित करने के लिए यूसीसी जरूरी है. झारखंड में हम इसे जरूर लागू करेंगे.

अमित शाह ने ये बातें रविवार को झारखंड की राजधानी रांची में कहीं. वह भारतीय जनता पार्टी का संकल्प पत्र जारी करने के लिए रांची आए थे. अमित शाह ने रांची के होटल रेडिसन ब्लू में भाजपा का संकल्प पत्र जारी करने के बाद कहा कि हेमंत सोरेन और उनके सहयोगी दलों के नेता यूसीसी के बारे में दुष्प्रचार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा और उसके सहयोगी दल लोगों को यह बता रहे हैं कि भाजपा की सरकार बनेगी, तो यहां यूसीसी लागू हो जाएगा. यूसीसी आने पर आदिवासियों की सभ्यता और संस्कृति खतरे में पड़ जाएगी.

अमित शाह ने कहा कि हेमंत सोरेन और उनके साथियों का यह कहना गलत है. उन्होंने कहा कि यह तो सच है कि भाजपा की सरकार झारखंड में यूसीसी लागू करेगी. लेकिन, यह सच नहीं है कि इससे आदिवासियों पर कोई प्रभाव पड़ेगा. हम यूसीसी से आदिवासियों को बाहर रखेंगे. उनकी संस्कृति, उनकी परंपराओं पर इसका कोई असर नहीं होगा.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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