झारखंड में Corona के नये वेरिएंट को लेकर प्रशासन सख्त, New Year की मस्ती में बरतें सावधानी

New Year 2023: कोरोना को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है. साल के अंतिम दिन और नववर्ष के आगमन पर डैम, नदी, जलाशय और पर्यटन स्थलों पर कोरोना गाइडलाइन का पालन हो, इसके लिए मजिस्ट्रेट की तैनाती की गयी है.
New Year 2023: न्यू ईयर इवेंट की तैयारी पूरी कर ली गयी है. होटल, रिजॉर्ट और क्लब में जहां लोग सेलिब्रिटी नाइट को इंज्वाय करेंगे, वहीं वीकेंड होने की वजह से फैमिली टाइम भी मिलेगा. ऐसे में लोग पिकनिक भी प्लान कर रहे हैं. इससे शहर के पार्क, रेस्टोरेंट, जलाशय, डैम सहित अन्य पिकनिक स्पॉट में काफी भीड़ जुटेगी. दूसरी तरफ एक बार फिर कोरोना को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है. सेलिब्रेशन के बीच लोग बीमार न हों, इसके लिए सरकार ने मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग पालन करने का सुझाव दिया है. विशेषज्ञों की राय है कि समय-समय पर हाथों को सैनिटाइज करते रहें. पूर्व में एक से अधिक बार कोरोना संक्रमित हो चुके लोगों में नये वेरिएंट बीएफ-7 का कोई लक्षण नहीं दिखता. यानी लोग एसिम्टोमेटिक हो चुके हैं.
कोरोना को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है. साल के अंतिम दिन और नववर्ष के आगमन पर डैम, नदी, जलाशय और पर्यटन स्थलों पर कोरोना गाइडलाइन का पालन हो, इसके लिए मजिस्ट्रेट की तैनाती की गयी है. शहर और आसपास के 26 पर्यटन स्थलों पर पांच जनवरी तक प्रशासन के अधिकारियों की तैनाती की गयी है. वहीं, 68 स्थानों पर पुलिस बलों को भी प्रतिनियुक्त किया गया है. कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई करने का निर्देश है. इसके अलावा जिला स्वास्थ्य विभाग को एंबुलेंस, पर्याप्त चिकित्सक, मेडिकल उपकरण और जीवन रक्षक दवा को उपलब्ध कराने काे कहा गया है.
मेडिसिन, रिम्स के विभागाध्यक्ष डॉ विद्यापति ने बताया कि ओमीक्रोन का नया वेरिएंट बीएफ-7 काफी तेजी से फैलने वाला वायरस है. एक संक्रमित व्यक्ति 18 लोगों को संक्रमित कर सकता है. ऐसे में इस नये वेरिएंट को हल्के में नहीं लेना चाहिए. ठंड का मौसम भी है और लोग पहले से ही सर्दी-खांसी और बुखार से पीड़ित हैं. इम्युनिटी कमजाेर होने से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर व्यक्ति तुरंत संक्रमित हो सकता है. ऐसे में पर्यटन स्थल पर पिकनिक मनाने वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए.
कोरोना से अपने रेस्पेरेट्री सिस्टम को बचाना है. कोई लक्षण नजर आ रहा हैं तो अनदेखा करने की बजाय परिवार के सदस्यों के अलावा अन्य किसी के संपर्क में आने से बचना चाहिए और कम से कम 10 दिनों तक बुजुर्ग-बच्चों या बीमार लोगों से मिलने-जुलने से परहेज करें. मॉस्क, सेनेटाइजर और सोशल डिस्टेंसिंग को हमें अपनी आदतों में शामिल करना होगा.
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बोलने में परेशानी
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मांसपेशियों में दर्द
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आखों के पीछे दर्द
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शरीर में थकान
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गंध ना आना
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हल्का बुखार
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गले में खराश
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छींक
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बहती नाक
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बंद नाक
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सिरदर्द
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बिना कफ वाली खांसी
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कफ के साथ खांसी
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कंपकंपी के साथ बुखार
कोरोना से बचाव में वैक्सीन ही सबसे बड़ा हथियार है. वैक्सीन लेने के साथ-साथ लोगों को कोरोना भी हुआ है, जिससे उनके अंदर हर्ड इम्युनिटी तैयार हो गया. यही लोगों को बचायेगा. इसके बावजूद भी सतर्क रहना होगा. ओमीक्रोन वायरस पहले भी ग ले के हिस्से तक ही रह जाता था, लेकिन इस बार वेरिएंट बदलकर आया है. ऐसे में वेरिएंट बदलने से क्या प्रभाव पड़ रहा है, इसपर अभी कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है.
-डॉ अजय कुमार झा, फिजिसियन, सदर
कोरोना के नये वेरिएंट को हल्के में नहीं लेना है. सावधानी जरूरी है. नये साल पर लोग पार्क और पर्यटन स्थल जाते हैं, इसलिए सावधानी जरूरी है. घबराने की जरूरत नहीं है. बड़े स्तर पर टीकाकरण हो चुका है, जिसमें बुजुर्ग, किशोर और बच्चे भी शामिल हैं.
-डॉ विनोद कुमार, सिविल सर्जन
जनवरी में कोरोना का मामला बढ़ सकता है. ऐसे में न्यू इयर इव और सेलिब्रेशन की तैयारी में जुटे लोग डरे नहीं, बल्कि सावधानी बरतें. अभी से ही मास्क का हर संभव इस्तेमाल शुरू कर दें. मुंह और नाक ढके होने से संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकता है. इसके अलावा जरूरी न हो तो भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें.
-डॉ तापस कुमार साहू, क्रिटिकल केयर प्रमुख, मेदांता
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By Prabhat Khabar News Desk
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