खुशखबरी: झारखंड के इन 5 उत्पादों को मिलेगा GI टैग, देखिए लिस्ट

झारखंड के 5 उत्पादों को मिलेगा जीआइ टैग
GI Tag to Jharkhand Products: झारखंडवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. राज्य के पांच उत्पादों को जीआइ टैग मिलने वाला है. यह टैग मिलने के बाद स्थानीय कारीगरों को पहचान और आर्थिक लाभ दोनों मिलेगा. साथ ही राज्य के यह उत्पाद दुनियाभर में जाने जायेंगे. मालूम हो वर्तमान में झारखंड राज्य में केवल "सोहराई" उत्पाद को ही जीआइ टैग प्राप्त है.
GI Tag to Jharkhand Products | रांची, बिपिन सिंह: सोहराई के बाद अब झारखंड में पांच अन्य उत्पादों के लिए भी GI टैग प्राप्त करने की तैयारी हो रही है. राष्ट्रीय कृषि एवं भूमि विकास बैंक (नाबार्ड) ने इस दिशा में पहल की है. मालूम हो वर्तमान में झारखंड राज्य में केवल “सोहराई” (Sohrai) उत्पाद को ही जीआइ टैग प्राप्त है.
इन 5 उत्पादों को मिलेगा GI टैग
- आदिवासी आभूषण
- भगैया सिल्क
- कुचाई सिल्क
- कानी शॉल
- बांस शिल्प

स्थानीय कारीगरों को मिलेगी पहचान
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय इन उत्पादों की विशिष्टता और भौगोलिक संबंधों की गहन जांच और मंजूरी की प्रक्रिया पर अंतिम मुहर लगायेगा. अगर राज्य के इन सभी पांचों उत्पादों को जीआइ टैग प्राप्त हो जायेगा, तो इससे स्थानीय कारीगरों के हैंडीक्राफ्ट्स को पहचान और आर्थिक लाभ दोनों प्राप्त होंगे. इन उत्पादों के पेटेंट, डिजाइन और ट्रेडमार्क के साथ इनकी उत्पत्ति और गुणवत्ता की पहचान सुरक्षित की जा सकेगी.
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10 साल के लिए मिलेगा टैग
राज्य के इन सभी पांचों उत्पादों को 10 सालों के लिए जीआइ टैग मिलेगा. सर्टिफिकेशन के बाद झारखंड अपने इन उत्पादों पर सिंबल के तौर पर अपने राज्य को विशिष्ट पहचान दे सकेगा. जीआइ टैग के लिए आवेदन देने वालों को यह भी बताना होगा कि उन्हें टैग क्यों दिया जाये. उन्हें साक्ष्यों और सबंधित तर्कों के आधार पर उत्पाद की विशिष्टता और उसकी ऐतिहासिक विरासत के बारे में ठोस प्रमाण भी देना होगा. मानकों पर खरा उतरने के बाद ही झारखंड को इसका जीआइ टैग मिलेगा.
अब तक इन उत्पादों को मिला है जीआइ टैग
जीआइ टैग की अवधारणा विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा 1994 में शुरू की गयी थी. ओडिशा की काई चटनी भारत में जीआइ टैग पाने वाले नवीनतम खाद्य पदार्थों में से एक है. भारत में जीआइ टैग पाने वाला पहला उत्पाद दार्जिलिंग चाय है. खाद्य पदार्थों में मिथिला मखाना, पश्चिम बंगाल का रसोगुल्ला, मध्य प्रदेश का कड़कनाथ मुर्गा, बनारसी साड़ी, चंदेरी साड़ी, महाराष्ट्र सोलापुर की चद्दर, कर्नाटक का मैसूर सिल्क, तमिलनाडु का कांचीपुरम सिल्क, आंध्र प्रदेश के तिरुपति का लड्डू जैसे अन्य उत्पादों को जीआइ टैग मिल चुका है.
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लेखक के बारे में
By Dipali Kumari
नमस्कार! मैं दीपाली कुमारी, एक समर्पित पत्रकार हूं और पिछले 3 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं, जहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पूर्व दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी कार्य करने का अनुभव है.
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