लॉकडाउन में फंसे ‍3.42 लाख झारखंडियों ने सरकार से मदद मांगी, 10 नये हेल्पलाइन नंबर

Published by :Pritish Sahay
Updated at :30 Mar 2020 7:19 AM
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लॉकडाउन में फंसे ‍3.42 लाख झारखंडियों ने सरकार से मदद मांगी, 10 नये हेल्पलाइन नंबर

लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्यों में फंसे 3.42 लाख झारखंडियों ने राज्य सरकार से मदद मांगी है. इन शिकायतों के आधार पर संबंधित राज्यों के अधिकारियों को सूचना भेज दी गयी है, ताकि उनकी मदद की जा सके. राज्य सरकार द्वारा दी गयी सूचनाओं के आधार पर कहीं-कहीं मदद पहुंचाये जाने की सूचना भी मिली है. सरकार ने दूसरे राज्यों में फंसे लोगों की समस्या सुनने के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया है.

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रांची : लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्यों में फंसे 3.42 लाख झारखंडियों ने राज्य सरकार से मदद मांगी है. इन शिकायतों के आधार पर संबंधित राज्यों के अधिकारियों को सूचना भेज दी गयी है, ताकि उनकी मदद की जा सके. राज्य सरकार द्वारा दी गयी सूचनाओं के आधार पर कहीं-कहीं मदद पहुंचाये जाने की सूचना भी मिली है. सरकार ने दूसरे राज्यों में फंसे लोगों की समस्या सुनने के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया है. कंट्रोल रूम में फिलहाल 10 नये हेल्पलाइन नंबर काम कर रहा है. रविवार देर रात से इन नंबरों पर एक साथ 40 कॉल आने लगेंगे. आइएएस पदाधिकारी भोर सिंह यादव व सुशांत गौरव को कंट्रोल रूम को नियंत्रण पदाधिकारी बनाया गया है.

दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों की जानकारी लेने के लिए जारी किये गये सचिवों के नंबर को दो दिनों में कुल 9200 फोन कॉल आये हैं. 28 मार्च को राज्य के अधिकारियों के फोन नंबर पर कुल 6500 कॉल आये. 28 को आये फोन कॉल में विभिन्न राज्यों में फंसे कुल 2.65 लाख लोगों ने मदद मांगी. 29 मार्च को राज्य के अधिकारियों के फोन पर 2700 कॉल आये और 77 हजार लोगों ने मदद मांगी.

वहीं, महाराष्ट्र के अलग-अलग स्थानों पर झारखंड के 47 हजार 660 लोग फंसे हैं. कई लोगों को मुंबई अंधेरी इस्ट स्थित एलएंडटी के हॉस्टल में ठहराया गया है. इस तरह दो दिनों में दूसरे राज्यों में फंसे 3.42 लाख झारखंडी मजदूरों ने राज्य सरकार से मदद मांगी है. इन मजदूरों की समस्या सुनने के बाद राज्य सरकार की ओर से संबंधित राज्य के जिलाधिकारियों को इसकी विस्तृत जानकारी भेज दी है.

समस्या से निबटने के लिए बनाया कंट्रोल रूम

दूसरे राज्यों में फंसे लोगों की मदद के लिए जारी किये गये अधिकारियों के नंबर पर अत्यधिक फोन आने से उन्हें दूसरे राज्यों के साथ कोऑर्डिनेशन का काम करने में परेशानी हो रही है. साथ ही बहुत सारे कॉल की सूचनाएं ले पाने में कठिनाई हो रही थी. इस समस्या से निबटने के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है. इसमें फोन अटेंड करने और सूचनाएं एकत्रित करने के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों को तैनात किया गया है. कंट्रोल रूम में 10 हेल्प लाइन नंबर शुरू किया गया है. इन नंबरों पर फिलहाल 10 कॉल आ रहा है. देर रात तक हर नंबर पर एक साथ चार-चार कॉल आने लगेंगे.

कंट्रोल रूम के नये नंबर

0651-2490037

0651-2490052

0651-2490055

0651-2490058

0651-2490083

0651-2490092

0651-2490104

0651-2490125

0651-2490127

0651-2490128

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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