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रांची में अमित शाह ने राज्यों के विकास के लिए किया सामूहिक प्रयास का आह्वान

Updated at : 10 Jul 2025 10:22 PM (IST)
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eastern zonal council meeting ranchi jharkhand

पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक के बाद ग्रुप फोटो में अमित शाह और सदस्य राज्यों के प्रतिनिधिगण.

27th Eastern Zonal Council News: रांची में अमित शाह की अध्यक्षता में हुई 27वीं पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में सभी सदस्य राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने मुद्दे रखे. बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के विभाजन के बाद बिहार और झारखंड के बीच संपत्ति के बंटवारे सहित लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए एक समिति का गठन किया गया. शाह ने चारों राज्यों को नक्सल समस्या को खत्म करने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया. कहा कि 31 मार्च, 2026 तक इसे पूरी तरह से खत्म कर दिया जायेगा.

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27th Eastern Zonal Council News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार नये सिरे से और नयी दिशा के साथ राज्यों के विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत है. अमित शाह ने यह टिप्पणी रांची में आयोजित 27वीं पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में की. बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सहित 4 पूर्वी राज्यों झारखंड, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के प्रतिनिधि शामिल हुए.

हेमंत सोरेन ने झारखंड के 31 मुद्दे उठाये

अधिकारियों ने बताया कि झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने राज्य से संबंधित 31 मुद्दे उठाये, जिनमें कोयला क्षेत्र के केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों पर 1.36 लाख करोड़ रुपए के बकाया का मुद्दा शामिल है. उन्होंने आदिवासियों के लिए सरना कोड की भी मांग की.

सम्राट चौधरी ने झारखंड-बिहार में संपत्ति बंटवारे का मुद्दा उठाया

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के विभाजन के बाद बिहार और झारखंड के बीच संपत्ति के बंटवारे सहित लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए एक समिति का गठन किया गया. शाह ने चारों राज्यों को नक्सल समस्या को खत्म करने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया. कहा कि 31 मार्च, 2026 तक इसे पूरी तरह से खत्म कर दिया जायेगा.

बिहार का प्रतिनिधित्व विजय चौधरी, सम्राट चौधरी ने किया

सुप्रीम क्रोट द्वारा निर्वाचन आयोग को बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को जारी रखने की अनुमति देने के फैसले का स्वागत करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि निर्वाचन आयोग के काम में कोई हस्तक्षेप नहीं करता. बिहार का प्रतिनिधित्व मंत्री विजय चौधरी और सम्राट चौधरी ने किया, जो बुधवार को यहां पहुंचे थे.

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देश में की गयी थी 5 क्षेत्रीय परिषदों की स्थापना

ओडिशा के प्रतिनिधिमंडल में मुख्यमंत्री मांझी और उपमुख्यमंत्री प्रावती परिदा भी थीं. पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने किया. राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 15 से 22 के अंतर्गत देश में 5 क्षेत्रीय परिषदों की स्थापना की गयी थी. केंद्रीय गृह मंत्री इन पांच क्षेत्रीय परिषदों के अध्यक्ष हैं, और सदस्य राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री या उपराज्यपाल या प्रशासक इसके सदस्य होते हैं.

राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर विचार करती हैं क्षेत्रीय परिषदें

क्षेत्रीय परिषदें कई महत्वपूर्ण मामलों पर विचार करती हैं, जिनमें राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे शामिल हैं, जैसे महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों की त्वरित जांच, उनके शीघ्र निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों (एफटीएससी) का कार्यान्वयन, प्रत्येक गांव के निर्दिष्ट क्षेत्र में भौतिक बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करना, आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली का कार्यान्वयन आदि.

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बैठक में इन मुद्दों पर होती है चर्चा

अधिकारियों ने बताया कि इस बैठक के दौरान पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, शहरी नियोजन और सहकारी प्रणाली को मजबूत करने जैसे विभिन्न क्षेत्रीय और साझा हितों के मुद्दों पर भी चर्चा की जाती है. यह बैठक पहले 10 मई को होनी थी, लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए इसे स्थगित कर दिया गया था.

बारी-बारी से राज्यों के मुख्यमंत्री बनते हैं उपाध्यक्ष

सरकार के अनुसार, किसी सदस्य राज्य के मुख्यमंत्री हर साल बारी-बारी के आधार पर क्षेत्रीय परिषद के उपाध्यक्ष होते हैं, जबकि प्रत्येक राज्य के राज्यपाल परिषद में राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए दो मंत्रियों को नामित करते हैं. प्रत्येक क्षेत्रीय परिषद में सदस्य राज्यों के मुख्य सचिवों की अध्यक्षता में एक स्थायी समिति भी होती है. अधिकारियों ने बताया कि राज्यों द्वारा उठाये गये मुद्दों पर सबसे पहले इसी समिति में चर्चा की जाती है.

स्थायी समिति में अनसुलझे मामले परिषद में आते हैं

स्थायी समिति द्वारा समीक्षा के बाद, अनसुलझे मामलों को आगे की चर्चा के लिए पूर्ण क्षेत्रीय परिषद की बैठक में उठाया जाता है. अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के समग्र विकास के लिए सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद का लाभ उठाने की आवश्यकता पर बल दिया है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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