ePaper

रांची : आरोपियों का बचाव करेगा पब्लिक डिफेंडर सिस्टम, नहीं करने होंगे खर्च

Updated at : 20 Jan 2020 9:28 AM (IST)
विज्ञापन
रांची : आरोपियों का बचाव करेगा पब्लिक डिफेंडर सिस्टम, नहीं करने होंगे खर्च

राणा प्रताप चाईबासा जिला में चल रहा है पायलट प्रोजेक्ट रांची : पीड़ित या पीड़िता की अोर से सरकार केस लड़ती है. आरोपी को अपना केस स्वयं या अधिवक्ता के माध्यम से लड़ना होता है. यह सिस्टम पूरे देश में लागू है. अब आरोपी को क्रिमिनल केस-मुकदमे में बचाव के लिए नया सिस्टम लागू किया […]

विज्ञापन
राणा प्रताप
चाईबासा जिला में चल रहा है पायलट प्रोजेक्ट
रांची : पीड़ित या पीड़िता की अोर से सरकार केस लड़ती है. आरोपी को अपना केस स्वयं या अधिवक्ता के माध्यम से लड़ना होता है. यह सिस्टम पूरे देश में लागू है.
अब आरोपी को क्रिमिनल केस-मुकदमे में बचाव के लिए नया सिस्टम लागू किया जायेगा. उक्त सिस्टम में आरोपियों की अोर से पब्लिक डिफेंडर केस लड़ेंगे और उसका बचाव करेंगे. इसके लिए आरोपी या आरोपियों को किसी प्रकार की राशि खर्च नहीं करनी पड़ेगी. खर्च का वहन पब्लिक डिफेंडर सिस्टम से किया जायेगा. यह सिस्टम नेशनल लीगल सर्विसेज अॉथोरिटी अॉफ इंडिया (नालसा) की परिकल्पना है. इसे साकार करने के लिए झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस एचसी मिश्र के निर्देश पर पायलट प्रोजेक्ट के तहत चाईबासा जिला को चुना गया. पायलट प्रोजेक्ट के तहत नवंबर 2019 में चाईबासा में पब्लिक डिफेंडर सिस्टम की स्थापना की गयी. यह प्रोजेक्ट दो वर्षों के लिए है. जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) चाईबासा के तहत एक चीफ डिफेंडर, दो डिप्टी डिफेंडर, क्लर्क, कंप्यूटर अॉपरेटर आदि नियुक्त किये गये हैं.
चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल (चीफ पब्लिक डिफेंडर) को प्रतिमाह 60,000 रुपये, डिप्टी चीफ लीगल डिफेंस काउंसिल (डिप्टी चीफ पब्लिक डिफेंडर) को 50,000 रुपये, डिप्टी डिफेंडर को 40,000 रुपये, क्लर्क को 30,000 रुपये व कंप्यूटर अॉपरेटर को 15,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिये जायेंगे. पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद झारखंड के अन्य जिलों में पब्लिक डिफेंडर सिस्टम लागू किया जायेगा. कहा जा रहा है कि आरोपी/आरोपियों को भी अपने बचाव का पूरा अधिकार है. वर्तमान में नालसा, झालसा व डीएलएसए केस लड़ने के लिए अपने पैनल अधिवक्ता मुहैया कराता है.
160 में चार केस का निपटारा : पब्लिक डिफेंडरों को चाईबासा में 160 केस मिले हैं. इसमें से नाै केस का निपटारा दो माह के अंदर कराया गया है. सात मामलों में आरोपी बरी हो गये, जबकि दो मामले में आरोपी को अदालत द्वारा सजा सुनायी गयी है. जानकारी के अनुसार लीगल क्षेत्र में पब्लिक डिफेंडर सिस्टम एक नया प्रयोग है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola